Monday, July 7, 2008

Webinfosys's Hindi News : ..और विंबलडन इसबार नडाल का हुआ

विंबलडन में रविवार को पुरुषों के फ़ाइनल मुक़ाबले में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी रोजर फ़ेडरर विंबलडन में अपनी लगातार छठी जीत दर्ज करने से चूक गए।

आखिरकार नडाल ने भी विंबलडन ख़िताब जीतनेवालों में अपना खाता खोल ही लिया।

इस बार का ख़िताब गया रफ़ाएल नडाल के पास। दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी दूसरे नंबर के खिलाड़ी से हार गया।

पाँच सेटों के मुक़ाबले में लोगों की सांसें थमी हुई थीं। अंधेरा होने को था और ऐसा लगने लगा था कि शायद आज खेल का फ़ैसला न हो पाए।

पर तीसरा औऱ चौथा सेट जीतकर मैच को बराबरी पर ला खड़ा करने वाले फ़ेडरर पाँचवें सेट में नडाल से हार गए।

ये लगातार तीसरा साल था जब दोनों खिलाड़ी विंबलडन में फ़ाइनल के लिए एक दूसरे के आमने-सामने आए।

रविवार को जब मुक़ाबला शुरू हुआ तो एक ओर फ़ेडरर पर ज़ोर था कि वो अपनी जीत का क्रम जारी रखें तो वहीं नडाल के मन में इस बार जीत हासिल कर लेने की बेचैनी थी।

जीत की तमन्ना...

पिछले दो वर्षों से विंबलडन के ख़िताबी मुक़ाबले में रोजर फ़ेडरर नडाल को हरा रहे थे।

पिछले महीने ही नडाल ने 'फ्रेंच ओपन' के फ़ाइनल में फ़ेडरर को हराकर ख़िताब जीता था और अब एक ही सीजन में दूसरा ख़िताब जीतकर नडाल ने सबको हतप्रभ कर दिया है।

वैसे फ़ेडरर के लिए ये साल अच्छा नहीं रहा है। पिछला सीज़न ख़त्म होते-होते वो बीमार हो गए थे जिसके बाद वो जनवरी में नोवाक जोकोविक के हाथों ऑस्ट्रेलियन ओपन का फ़ाइनल हार गए थे।

इस साल अब तक उनकी झोली में दो छोटे ख़िताब ही आ सके।

अगर रोजर फ़ेडरर इस बार विंबलडन का ख़िताब जीतते तो यह उनकी लगातार छठी जीत होती और वो टेनिस के महान खिलाड़ी ब्योर्न बोर्ग का रिकॉर्ड तोड़ पाते।

बोर्ग ने लगातार पाँच बार विंबलडन का ख़िताब जीता था। फ़ेडरर ने पिछले साल ही बोर्ग के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी।


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Webinfosys's Hindi News : आज़ाद के लिए मुश्किल विश्वास मत

भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद सोमवार को विश्वास मत हासिल करने वाले हैं लेकिन उनके लिए परिस्थितियां प्रतिकूल दिख रही हैं।

कांग्रेस का समर्थन कर रही पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और पैंथर्स पार्टी ने सार्वजनिक रूप से ग़ुलाम नबी आज़ाद सरकार का समर्थन न करने की घोषणा की है।

रिपोर्टों के अनुसार अगर मुख्यमंत्री ज़रुरी मत हासिल करने के प्रति आश्वस्त नहीं होंगे तो वो इस्तीफ़ा भी दे सकते हैं लेकिन इन रिपोर्टों की किसी भी तरह से पुष्टि नहीं हो सकी है।

ग़ौरतलब है कि पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर की कांग्रेस सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था। इसके बाद उनकी सरकार अल्पमत में आ गई थी।

अमरनाथ मंदिर बोर्ड को ज़मीन दिए जाने को लेकर चल रहे विवाद के कारण पीडीपी ने यह फ़ैसला किया था।

पीडीपी अमरनाथ मंदिर बोर्ड की ज़मीन दिए जाने के राज्य सरकार के फ़ैसले से नाराज़ थी।

पीडीपी कांग्रेस के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल थी और इसके 18 विधायक हैं।

विधानसभा की स्थिति

87 सदस्योंवाली जम्मू कश्मीर विधानसभा में कांग्रेस के 21 विधायक हैं और उसे सीपीएम के दो और आठ निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल है।

विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस के 24 सदस्य हैं और उसने पहले ही कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देने से इनकार कर दिया है।

जबकि चार सदस्यों वाली पैंथर्स पार्टी और गठबंधन सरकार के बीच 2005 से ही मनमुटाव चल रहा है।

इसके पहले राज्यपाल एनएन वोहरा ने मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद सरकार को सात जुलाई तक विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने को कहा था।

इसके पहले मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने राज्यपाल को भेजे पत्र में सदन में कभी भी बहुमत साबित करने की बात कही थी।

राज्यपाल को भेजे पत्र में ग़ुलाम नबी आज़ाद ने दावा किया था कि पीडीपी की समर्थन वापसी के बावजूद उन्हें विधानसभा में बहुमत प्राप्त है और वो सदन में कभी भी अपना बहुमत साबित करने को तैयार हैं ।

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Webinfosys's Hindi News : गतिरोध के बीच मनमोहन की जापान यात्रा

जी-8 देशों का वार्षिक सम्मेलन सोमवार से जापान में शुरू हो रहा है। जी-8 के सदस्य देशों के अलावा भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी सोमवार को जापान रवाना हो रहे हैं।

भारतीय प्रधानमंत्री की इस यात्रा से पहले विदेश सचिव शिव शंकर मेनन ने जानकारी दी प्रधानमंत्री बुधवार को अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से भी मिलेंगे और परमाणु संधि के साथ ही कुछ दूसरे मुद्दों पर बातचीत करेंगे।

प्रधानमंत्री की जापान यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब प्रमुख वामपंथी दल सीपीएम केंद्र की यूपीए सरकार से लिखित रूप में पूछ चुका है कि क्या भारत सरकार आईएईए में परमाणु क़रार पर बातचीत करने जा रही है।

वामदलों ने इसके लिए केंद्र सरकार को सात जुलाई यानी सोमवार तक का समय दिया था। इससे पहले वामदल कह चुके हैं कि क़रार पर सरकार के आगे बढ़ने पर वे समर्थन वापस ले सकते हैं।

सोमवार को जापान के लिए निकलने से पहले प्रधानमंत्री ने एक लिखित बयान में कहा है कि भारत जी-8 सम्मेलन में एक बड़े वैश्विक संदर्भ के साथ बातचीत करने वाला है।

उन्होंने कहा कि इस दौरान भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था, विकास, व्यापार, तकनीक के आदान-प्रदान, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत करेगा।

जी-8 के सवाल

जी-8 के बाहर से भारत के अलावा चीन, ब्राज़ील, मैक्सिको और दक्षिण अफ़्रीका को भी बैठक में बुलाया गया है और इनके साथ भी अलग अलग मुद्दों पर बातचीत होनी है।

जापान में जी-आठ के प्रमुख मुद्दों में खाद्य और तेल के बढ़ती कीमतें, अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता, पर्यावरण संकट और ज़िम्बाब्वे में चल रहे राजनीतिक विवाद शामिल हैं।

सम्मेलन में शामिल आठ देशों में ब्रिटेन, कनाडा, फ़्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, रूस और अमरीका हैं। चीन, भारत और दक्षिण अफ़्रीका इस सम्मेलन में शामिल होने वाले अन्य देश हैं।

जापानी अधिकारियों ने पिछले साल कहा था कि सम्मेलन का मुख्य विषय जलवायु परिवर्तन पर आधारित होगा जिसमें क्योटो संधि के अनुसार ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन पर कमी करने के लिए समझौता किया जाएगा।

माना भी यही जा रहा है कि सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन का मुद्दा प्रमुख होगा। हालांकि इस मसले पर बातचीत के दौरान ज़्यादा ध्यान तेल और खाद्यान्न के बढ़ते दामों पर केंद्रित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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Saturday, July 5, 2008

Webinfosys's Hindi News : विश्वासमत का विरोध करेंगे: कारत

हालांकि वामपंथी दलों ने अभी यूपीए से समर्थन वापसी की औपचारिक घोषणा नहीं की है लेकिन मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के महासचिव प्रकाश कारत ने कह दिया है कि यदि परमाणु समझौते पर विश्वासमत आया तो वामपंथी इसका विरोध करेंगे।

वामपंथी दलों ने यह घोषणा भी कर दी है कि वे परमाणु समझौते और महंगाई के मुद्दे पर 14 जुलाई से देशव्यापी अभियान छेडेंगे।

इस बीच चार साल से यूपीए सरकार का समर्थन कर रहे वामदलों के अलग हो जाने के आसार को देखते हुए यूपीए ने संसद में अपने आंकड़े ठीक करने के लिए समाजवादी पार्टी को अपने पक्ष में करने में सफलता पाई है।

कई दिनों की राजनीतिक उठापठक के बाद नया राजनीतिक समीकरण बन गया है और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी से मुलाक़ात के बाद कहा है कि वे परमाणु समझौते का समर्थन करेंगे।

कांग्रेस ने इसके लिए बाक़ायदा शुक्रिया अदा करते हुए कहा है कि समाजवादी पार्टी ने देशहित में फ़ैसला किया है।

अभी सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह परमाणु समझौते पर आगे की कार्रवाई करते हुए आईएईए के साथ कब समझौता करने जा रही है।

लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि जापान में सात जुलाई से होने जा रहे जी-8 देशों के सम्मेलन से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लौटने के बाद सरकार कभी भी इस दिशा में आगे क़दम बढ़ाएगी।

इस सम्मेलन के दौरान नौ जुलाई को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की मुलाक़ात होने की संभावना है।

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Webinfosys's Hindi News :चरमपंथी हमले में पाँच जवान मारे गए

भारत प्रशासित कश्मीर के कुपवाड़ा में चरमपंथियों के हमले में सेना के पाँच जवान मारे गए हैं। एक चरमपंथी भी मारा गया है। यहाँ सोमवार से ही मुठभेड़ जारी है।

इससे पहले बुधवार को सेना ने बताया था कि मुठभेड़ में ग्यारह चरमपंथी मारे गए हैं और सेना के एक जूनियर कमिश्नंड ऑफ़िसर (जेसीओ) की भी मौत हो गई है।

उसके बाद दो दिनों तक सेना ने पूरे इलाक़े की घेराबंदी जारी रखी लेकिन अचानक शुक्रवार को चरमपंथियों ने पलटवार किया और भीषण गोलीबारी में पाँच जवान मारे गए जिनमें दो जेसीओ शामिल हैं।

इस तरह अब तक इस मुठभेड़ में 12 चरमपंथी और सेना के छह जवान मारे जा चुके हैं।

सोमवार शाम को शुरु हुई मुठभेड कुपवाड़ा ज़िले के साधना दर्रे के पास हो रही है।

'पचास हज़ार मारे गए हैं'

पिछले कुछ सालों में भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी हिंसा में कुछ कमी आई है।

लेकिन भारत लगातार आरोप लगाता रहा है कि नियंत्रण रेखा की ओर से हो रही घुसपैठ अब भी जारी है।

पाकिस्तान इन आरोपों का खंडन करता आया है और कहता रहा है कि वह कश्मीरी अलगाववादियों को केवल नैतिक और राजनीतिक समर्थन देता है।

भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी ने हाल में कहा था कि जम्मू-कश्मीर में कुछ ही महीने बाद होने वाले चुनावों को विघ्न पैदा करने की कोशिश हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर में पिछले 19 साल से जारी चरमपंथ में लगभग 50 हज़ार लोग मारे गए हैं और अनेक लापता हो गए हैं।

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