वामपंथी दलों ने यह घोषणा भी कर दी है कि वे परमाणु समझौते और महंगाई के मुद्दे पर 14 जुलाई से देशव्यापी अभियान छेडेंगे।
इस बीच चार साल से यूपीए सरकार का समर्थन कर रहे वामदलों के अलग हो जाने के आसार को देखते हुए यूपीए ने संसद में अपने आंकड़े ठीक करने के लिए समाजवादी पार्टी को अपने पक्ष में करने में सफलता पाई है।
कई दिनों की राजनीतिक उठापठक के बाद नया राजनीतिक समीकरण बन गया है और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी से मुलाक़ात के बाद कहा है कि वे परमाणु समझौते का समर्थन करेंगे।
कांग्रेस ने इसके लिए बाक़ायदा शुक्रिया अदा करते हुए कहा है कि समाजवादी पार्टी ने देशहित में फ़ैसला किया है।
अभी सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह परमाणु समझौते पर आगे की कार्रवाई करते हुए आईएईए के साथ कब समझौता करने जा रही है।
लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि जापान में सात जुलाई से होने जा रहे जी-8 देशों के सम्मेलन से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लौटने के बाद सरकार कभी भी इस दिशा में आगे क़दम बढ़ाएगी।
इस सम्मेलन के दौरान नौ जुलाई को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की मुलाक़ात होने की संभावना है।
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