Wednesday, November 7, 2007

Webinfosys's Hindi News : विधायक अनंत सिंह को ज़मानत मिली

बिहार में सत्ताधारी जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक अनंत सिंह को पटना की एक अदालत ने ज़मानत दे दी है. हाल में उनके निवास पर पत्रकारों पर हमला होने का आरोप लगा था.

उन पर आरोप लगने के बाद उन्हें गिरफ़्तार किया गया था और फिरन्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.
बुधवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकरी ने मारपीट में घायल हुए पत्रकारों की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कहा कि इससे ऐसा नहीं लगता कि ये हमले हत्या के इरादे से किए गए थे.
उन्होंने इसी आधार पर मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को ज़मानत दे दी.
इससे पहले अदालत ने तीन नवंबर को अनंत सिंह की ज़मानत याचिका पर पुलिस से केस डायरी और घायलों के ज़ख़्म की रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था.

प्रतिक्रिया लेने पहुँचे थे पत्रकार

ग़ौरतलब है कि पिछले दिनों पटना में बोरे से एक महिला का शव मिलने के बाद एक भारतीय समाचार चैनल के पत्रकार अपनी टीम के साथ विधायक अनंत सिंह के आवास पहुँचे थे.
वे उनसे इस संबंध में प्रतिक्रिया लेना चाहते थे. लेकिन पत्रकारों ने आरोप लगाया कि विधायक के निवास पर ही बातचीत के दौरान उनके साथ मारपीट हुई और उन्हें बंधक बनाया गया था.
इस मामले में विधायक के साथ उनके सहयोगियों को भी गिरफ़्तार कर लिया गया था.
ग़ोरतलब है कि अनंत सिंह पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के क़रीबी लोगों में से एक माने जाते हैं.




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Webinfosys's Hindi News : बेनज़ीर विपक्षी नेताओं से चर्चा में जुटीं

पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो देश में लागू आपातकाल को ख़त्म कराने के मकसद से विपक्ष के अन्य नेताओं से बातचीत कर रही हैं. उन्होंने अपनी पार्टी से बुधवार को बुलाए गए संसद सत्र का बहिष्कार करने को कहा है.

बेनज़ीर भुट्टो और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के बीच हाल में हुए एक समझौते के तहत बेनज़ीर भुट्टो पाकिस्तान वापस लौटी हैं.
महत्वपूर्ण है कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के उस बयान की आलोचना की है जिसमें उन्होंने इमरजेंसी लगाए जाने पर चिंता व्यक्त की थी. पाकिस्तान ने इसे देश के अंदरूनी मामलों में दख़ल बताया है.
जहाँ राजनीतिक दलों के लोग फ़िलहाल वकीलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर प्रदर्शन करने नहीं उतरे हैं, वहीं बेनज़ीर भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) शुक्रवार को रावलपिंडी में रैली करने जा रही है.
उधर सत्ताधारी पाकिस्तान मुसलिम लीग के एक नेता ने कहा है कि संभवत: इमरजेंसी कुछ ही हफ़्ते चलेगी.

'रैली हुई तो कार्रवाई होगी'

बेनज़ीर भुट्टो इस्लामाबाद में विपक्षी नेताओं से बात कर रही हैं. कई नेताओं को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है.
धार्मिक पार्टियों के एक गठबंधन यूनाइटेड काउंसिल ऑफ़ एक्शन ने बेनज़ीर के साथ बातचीत में भाग लिया है लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) ने इस बैठक में भाग नहीं लिया.
बेनज़ीर की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) अब तक प्रदर्शन करने सड़कों पर नहीं उतरी है लेकिन पीपीपी की शुक्रवार को होने वाली रैली की योजना पर अड़ा हुआ है.
बीबीसी संवाददाता शोएब हसन का कहना है कि पीपीपी का मक़सद राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पर दबाव बढ़ाना है ताकि वे पीपीपी की दो मुख्य माँगें मान लें. ये माँगे हैं - वे सेनाध्यक्ष का पद छोड़ें और चुनाव कराएँ.
पीपीपी शुक्रवार को रावलपिंडी में होने वाली रैली की तैयारियाँ कर रही है, चाहे इस तरह की रैलियों पर प्रतिबंध लगा हुआ है.
एक वरिष्ठ पीपीपी नेता बाबर ऐवान ने कहा, "हम इस सरकारी प्रतिबंध की निंदा करते हैं और स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हमारे समर्थक और नेता रैली के लिए पहुँचेंगे."
उधर रावलपिंडी के मेयर जावेद अख़लास का कहना था, "हम सुनिश्चित करेंगे कि रैलियों पर लगे प्रतिबंध का उल्लंघन न हो और यदि ऐसा होता है तो हम कार्रवाई करेंगे."

'इमरजेंसी कुछ ही हफ़्ते'

उधर सत्ताधारी पाकिस्तान मुसलिम लीग पार्टी के नेता चौधरी शुजात हुसैन ने कहा है कि संभव है कि इमरजेंसी केवल दो या तीन हफ़्ते ही चले. लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सत्ताधारी पार्टी की ओर से विरोधाभासी बयान आ रहे हैं
बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि ऐसा लगता है कि पार्टी में कुछ सदस्य चाहते हैं कि संसदीय चुनाव पूर्वनियोजित कार्यक्रम के तहत जनवरी में हों लेकिन अन्य सदस्य चाहते हैं कि चुनावों को स्थगित किया जाए.
विपक्षी दलों ने फ़िलहाल सड़कों पर हो रहे प्रदर्शनों में भाग नहीं लिया है. लेकिन प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों वकीलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को पुलिस गिरफ़्तार कर चुकी है और अब विरोध प्रदर्शन ढीले पड़ते नज़र आ रहे हैं.




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Webinfosys's Hindi News : यूरोपिय संघ ने की मुशर्रफ से वर्दी उतारने की अपील

ब्रूसेल्स : यूरोपीय संघ ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ से इसी महीने वर्दी उतारने की अपील की है। साथ ही संघ ने मुशर्रफ को अगले साल जनवरी में चुनाव कराने की सलाह दी है।
27 देशों के संगठन यूरोपीय संघ के अध्यक्ष पुर्तगाल की ओर से जारी बयान में जनरल मुशर्रफ से इसी महीने वर्दी छोड़ने की अपील की गई है। इसके साथ ही सभी राजनीतिक बंदियों और जुडिशरी के सदस्यों को भी रिहा करने की बात कही गई है। यही नहीं, संघ ने विपक्षी पार्टियों के साथ संबंध सुधारने और मीडिया पर लगे रोक को हटाने की भी मांग की है।
संघ ने बयान में कहा है, ' हम जनरल मुर्शरफ द्वारा देश में इमरजेंसी की घोषणा और संविधान के साथ ही सभी नागरिक अधिकारों को सस्पेंड किए जाने से बहुत चिंतित है। पाकिस्तान के नए हालात उसकी शांति और सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न कर सकते हैं। लोकतंत्र की बहाली तथा मानवाधिकारों और संविधान को सम्मान प्रदान कर ही देश विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है।'




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Webinfosys's Hindi News : नाव पर सवार 45 अफ्रीकियों की प्यास से मौत

नुआकचोट (अफ्रीका) (एएफपी): अटलांटिक महासागर से होते हुए यूरोप पहुंचने की कोशिश कर रहे अफ्रीकी नागरिकों की नाव तट पर जा फंसी, जिसके बाद ठंड और प्यास से कम से कम 45 लोगों की मौत हो गई।
मारिटानिया के सैनिकों को तट पर फंसी नौका का पता सोमवार को चला। उन्होंने मंगलवार को बताया कि उन्हें उस नौका पर 98 जीवित लोग भी मिले। यह नौका सेनेगल से करीब 20 दिन पहले चली थी और इसके जरिये स्पेन के कैनारी द्वीप पहुंचने का इरादा था।




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Webinfosys's Hindi News : भुसावल स्टेशन उड़ाने की धमकी, सुरक्षा कड़ी की गई

जलगांव : जिला प्रशासन ने एक गुमनाम पत्र में यहां भुसावल रेलवे स्टेशन को विस्फोट से उड़ा देने की धमकी मिलने के बाद स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जिला कलेक्टर विजय सिंघल को मंगलवार डाक से एक लिफाफा मिला जिसमें भुसावल रेलवे स्टेशन को विस्फोट से उड़ा देने की धमकी दी गई थी। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल से चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था करने को कहा गया और सभी कर्मचारियों को सतर्क कर दिया गया।
रेलवे पुलिस ने सेंट्रल रेलवे के इस महत्वपूर्ण जंक्शन पर मंगलवार रात से सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सभी प्लैटफॉर्म और वहां से गुजरने वाली ट्रेनों और यात्रियों की ऐहतियात के तौर पर जांच भी की जा रही है।




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Webinfosys's Hindi News : यूपी में एक और मधुमिता कांड?

लखनऊ : मधुमिता कांड में अमरमणि त्रिपाठी के बाद अब मायावती सरकार के एक और मंत्री पर उंगली उठी है। यूपी के फूड प्रोसेसिंग राज्यमंत्री आनंद सेन यादव पर एक लड़की के अपहरण और हत्या में शामिल होने का आरोप है। शशि नाम की यह लड़की फैजाबाद के साकेत कॉलेज में एलएलबी फाइनल इयर में पढ़ती थी। विपक्ष के हंगामे के बाद आनंद सेन को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। मायावती सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश केंद्र सरकार से कर दी है।
शशि के पिता योगेंद्र यादव ने बताया कि शशि 22 अक्टूबर को कॉलेज गई थी, लेकिन लौटकर नहीं आई। उन्होंने आनंद सेन के फैमिली ड्राइवर विजय सेन और बीएसपी नेता सीमा आजाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। आनंद सेन पर उंगली उठाते हुए उन्होंने शशि की हत्या का शक जताया। योगेंद्र के मुताबिक सीमा के फोन से आनंद सेन अक्सर शशि से बातें किया करते थे। यह भी चर्चा है कि शशि प्रेग्नेंट थी, इसीलिए उसकी हत्या की गई। विजय सेन ने बताया कि शशि ने 23 अक्टूबर को खुदकुशी कर ली थी।




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Tuesday, November 6, 2007

Webinfosys's Hindi News : कानपुर वनडे में काले कपड़े पहनने पर पाबंदी

कानपुर : एक अजीब से आदेश में यूपी पुलिस ने 11 नवंबर को कानपुर के ग्रीन पार्क में होने वाले भारत-पाकिस्तान वनडे मैच में दर्शकों के काले कपड़े पहनने पर पाबंदी लगाई है। स्टेडियम में मुख्यमंत्री मायावती के ब्लैक कैट कमांडो दस्ते के सदस्यों को ही काले कपड़े पहनने की इजाजत होगी।
कहा जा रहा है कि पुलिस नहीं चाहती कि मैच में चीफ गेस्ट मायावती के सामने कोई काले झंडे लहराए। मैच देखने के लिए स्टेडियम में 44 हजार दर्शक मौजूद रहेंगे। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि वे मैच के दिन काले कपड़े ना पहन कर आए। यहां तक कि, स्टेडियम के भीतर काले रुमाल ले जाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। एसएसपी राजीव सभरवाल के मुताबिक, 'अपनी निजी वजहों से लोग काले कपड़े पहनकर स्टेडियम में परेशानी खड़ी कर सकते हैं। हम लोगों में पैफलेट बंटवा कर और दूसरे माध्यमों से उन्हें इस बारे में बता रहे हैं।'
सूत्रों के मुताबिक गुप्तचर विभाग ने यह सूचना दी है कि विपक्ष के लोग, खासकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता स्टेडियम में मुख्यमंत्री मायावती को काले झंडे दिखा सकते हैं। भारत-पाकिस्तान मैच के लिए ग्रीन पार्क स्टेडियम को नीले रंग में सजाया जा रहा है। बीएसपी के साथ-साथ टीम इंडिया का भी यही आधिकारिक रंग है।




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Webinfosys's Hindi News : बस ट्रांसपोर्ट सिस्टम की सूरत बदलेगी केंद्र सरकार

नई दिल्ली : केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय 11वीं पंचवर्षीय योजना के पूरा होने तक देश के सभी बड़े शहरों में बस रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (बीआरटीएस) लागू कर देना चाहता है। राज्यों से कहा गया है कि वे शहरों में बीआरटीएस को प्रभावी बनाने के लिए शहरों का सर्वे कर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करें। इस सिस्टम को लागू करने के लिए स्थानीय निकायों को प्रोत्साहित किया जाए और इसे अमलीजामा पहनाने के लिए समयसीमा निश्चित करें।
मंत्रालय के मुताबिक देश के कई शहरों ने बीआरटीएस को लेकर अपनी दिलचस्पी दिखाई है। वे प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्युअल मिशन के तहत केंद्र राज्यों को बीआरटीएस के लिए वित्तीय सहयोग दे रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने, ट्रेनिंग देने और वर्कशॉप आयोजित करने में भी मंत्रालय मदद कर रहा है। मंत्रालय ने शहरों के लिए बीआरटीएस को एक मिशन के रूप में लेने को कहा है।
इस सिस्टम को लागू करने के लिए मंत्रालय के सहयोग से जयपुर, दिल्ली और पुणे में वर्कशॉप हो चुकी है। इसी महीने के आखिरी सप्ताह में अहमदाबाद में बीआरटीएस को प्रभावी बनाने पर वर्कशॉप होगी। शहरों में तेजी से बढ़ रही आबादी से परिवहन पर बढ़ रहे दबाव को देखते हुए 3 चरण में परिवहन व्यवस्था को अमल में लाने की बात है। बीआरटीएस को ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट का प्रमुख आधार बनाया गया है। शहरों की रेल-रोड कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी।




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Webinfosys's Hindi News : मेरठ में दहेज पर बवाल, बारात को ही बंधक बनाया

मेरठ : मेरठ जिले के एक गांव में दहेज मांगने को लेकर काफी बवाल मचा। यहां दहेज को लेकर हुए बवाल में गांववालों ने बारात को ही बंधक बना लिया। बंधक बारात को छुड़ाने आई पुलिस और गांववालों में जबरदस्त झड़प हुई, जिसमें 1 पुलिसकर्मी की मौत हो गई और 6 घायल हो गए।
मिली जानकारी के मुताबिक, गांववालों और बारात के बीच दहेज की मांग पर तकरार शुरू हुआ और देखते-देखते इस मामले ने झड़प का रूप ले लिया। दरअसल, बारात वाले दहेज के रूप में कार की मांग कर रहे थे और इसी पर तकरार शुरू हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि गांववालों ने बारात को ही बंधक बना लिया। गांववालों ने बारातियों की चप्पलों से पिटाई की और कई बारातियों का मुंह काला करके उन्हें मुर्गा बनाया। लड़के के बाप की भी जबरदस्त धुनाई हुई।
इस बाबत जब पुलिस को जानकारी मिली, तब वह बारात को छुड़ाने के लिए वहां पहुंची। गांववालों और पुलिस के बीच हुई झड़प में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई, जबकि 6 घायल हो गए। यही नहीं, गांववालों ने पुलिसकर्मियों की राइफल भी छीन ली।




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Webinfosys's Hindi News : गुंडागर्दी से लोन रिकवरी पर 55 लाख जुर्माना

नई दिल्ली ( नगर संवाददाता ): सुप्रीम कोर्ट की सख्त हिदायतों के बावजूद बैंक और फाइनैंस कंपनियां लोन रिकवरी के लिए गुंडों के इस्तेमाल से बाज नहीं आ रही हैं। इसी तरह के एक मामले में गुंडों ने लोन लेने वाले व्यक्ति के दोस्त के बेटे पर हमला कर उसकी कार छीन ली। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्टेट कंज्यूमर कोर्ट ने बैंक पर 55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जस्टिस जे . डी . कपूर और रूमनीता मित्तल की कंज्यूमर कोर्ट में पेश मामले के मुताबिक गणेश नगर के तपन बोस ने मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित आईसीआईसीआई बैंक से जुलाई 2005 में 3 लाख 40 हजार 749 रुपये का लोन लिया था। 60 महीनों के इस लोन की मासिक किस्त 7 हजार 251 रुपये बनी। इसके लिए बैंक ने उनसे पोस्ट डेटेड चेक ले लिए , लेकिन तीन चेक बाउंस हो गए। इस बारे में बोस ने बैंक को बताया कि बिजनेस में आई कुछ समस्या के कारण ऐसा हुआ है , लेकिन जल्द ही समाधान हो जाएगा।
बोस के मुताबिक 8 जनवरी 2007 की शाम 5: 15 बजे वह डीडीसीए क्लब गए थे। उनके दोस्त का बेटा विनोद उनकी कार में बैठकर एफ एम रेडियो सुन रहा था। करीब 10-15 मिनट बाद ही उनके मोबाइल पर विनोद की मिस कॉल आई। उन्होंने तुरंत कॉल बैक किया , मगर दूसरी ओर से फोन रिसीव नहीं किया गया। इसके बाद वह फीरोजशाह कोटला क्लब पार्किंग एरिया में पहुंचे तो देखा कि उनकी कार गायब है और विनोद सड़क पर पड़ा है। पास जाकर देखा तो उसके सिर से खून बह रहा था। इस बाबत पुलिस को कॉल की गई। घायल विनोद को एलएनजेपी अस्पताल की इमरजेंसी में दाखिल कराया गया , जहां उसके सिर पर 14 टांके लगाए गए। शरीर के अन्य कई हिस्सों में भी चोटें लगी थीं। इसके बाद विनोद को एक अन्य अस्पताल में करीब दो सप्ताह के लिए रखा गया।
विनोद ने पुलिस को बताया कि जब मैं कार में बैठा गाने सुन रहा था तो कुछ लोग मेरे पास आए। उन्होंने मुझसे कहा कि कार को बैक कर हमारे पीछे ले चलो। जब मैंने उनसे कारण जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि वह आईसीआईसीआई बैंक से आए हैं। जब वह जबर्दस्ती कार ले जाने लगे तो मैंने विरोध किया , लेकिन उन लोगों ने मुझ पर लोहे के सरियों से वार कर दिया और चलती से बाहर फेंक दिया।
मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने बैंक पर 55 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए कहा कि इस राशि में से पांच लाख रुपये और कार सीज करने के वक्त बची लोन की राशि शिकायतकर्ता को बतौर मुआवजा दी जाए। बाकी 50 लाख रुपये स्टेट कंज्यूमर वेलफेयर फंड में जमा कराने होंगे।




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Webinfosys's Hindi News : पुरी में महिला से गैंगरेप, 4 गिरफ्तार

भुवनेश्वर : पुरी जिले में मशहूर कोणार्क मंदिर के पास जबरन बस से बाहर खींच कर एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले में पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। नीमापाड़ा के एसडीपीओ दुर्लभ सिंह के मुताबिक, '27 वर्षीय यह शादीशुदा महिला कोणार्क घूमने आई थी और बस से वापस पुरी जा रही थी जब आरोपियों ने उसे जबरदस्ती बस से उतार दिया और फिर उसके साथ गैंगरेप किया। '
पुलिस ने इस मामले में बस के स्टाफ समेत आधा दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पीड़ित महिला एक व्यक्ति के साथ पुरी जा रही थी। रास्ते में दो आरोपियों ने बस रुकवाई और उसे जबरन बाहर खींच के ले गए और एक सूनसान जगह पर उसके साथ बलात्कार किया। बाद में दो अन्य आरोपी भी वहां पहुंचे और उन्होंने भी महिला के साथ बलात्कार किया। बस में बैठे लोगों ने आरोपियों का प्रतिरोध नहीं किया और बस पुरी के लिए रवाना हो गई।
पीड़ित महिला और आरोपियां का मेडिकल करवाया गया है। घटनास्थल से पुलिस ने कुछ कॉन्डम भी बरामद किए हैं। आरोपियों का नाम संतोष स्वेन, गौरांग प्रधान, आर. के. दास और देव आनंद परीदा बताया जा रहा है और वे गोप, कोणार्क और बलिगुली इलाके के रहने वाले हैं।




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Monday, November 5, 2007

Webinfosys's Khel-kud Ki News : भारत को पहला झटका, सचिन आउट

गोवाहाटी में खेले जा रहे पहले वनडे मैच में पाकिस्तान से मिले 240 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को पहला झटका लगा है. सचिन आउट हो गए हैं.


मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का विकेट तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर ने झटका. उन्होंने सचिन को एलबीडब्ल्यू आउट किया.
सचिन सात गेंदों पर चार रन ही बना सके, इस समय भारत का स्कोर 14 रन था.
सचिन के आउट होने के बाद बाएँ हाथ के बल्लेबाज़ गौतम गंभीर ने मोर्चा संभाला है.

पाकिस्तानी पारी

इससे पूर्व, पाकिस्तान ने भारत के सामने जीत के लिए 240 रन का लक्ष्य रखा है. यूसुफ़ और सलमान ने अर्धशतक लगाए.
पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट पर 239 रन बनाए.
पाकिस्तान के मध्यक्रम के विश्वसनीय बल्लेबाज़ मोहम्मद यूसुफ़ ने 88 गेंदों पर सबसे अधिक 83 रन बनाए और अंत तक आउट नहीं हुए. उन्होंने पारी के दौरान आठ चौके लगाए.
पाँच विकेट 165 के स्कोर पर गँवाने के बाद यूसुफ़ और मिस्बाह ने मोर्चा संभाला और दोनो ने छठे विकेट के लिए रन जोड़े.
मिस्बाह ने स्वभाव के विपरीत खेलते हुए धैर्यपूर्वक बल्लेबाज़ी की. उन्होंने 26 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 27 रन बनाए.
मिस्बाह को हरभजन सिंह ने ज़हीर ख़ान की गेंद पर कैच आउट किया.
पाकिस्तान की शुरूआत सधी हुई थी. कामरान अकमल और सलमान बट्ट की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 44 रन जोड़े.
अकमल को 11वें ओवर में इरफ़ान पठान ने 12 रन के निजी स्कोर पर एलबीडब्ल्यू आउट किया. सलमान ने शानदार बल्लेबाज़ी कर अर्धशतक पूरा किया, लेकिन वो इसके तुरंत बाद ही आउट हो गए.
एक मुश्किल रन चुराने के चक्कर में वह रन आउट हो गए. सलमान ने 57 गेंदों पर आठ चौकों की मदद से 50 रन बनाए.
पाकिस्तान को तीसरा झटका यूनुस ख़ान के रूप में लगा. यूनुस को पठान ने हरभजन की गेंद पर लपका.

कसी गेंदबाज़ी

पाकिस्तान ने चौथा विकेट 163 के स्कोर पर शाहिद अफ़रीदी के रूप में गंवाया, जबकि शोएब मलिक भी दो के निजी स्कोर पर आउट हो गए.
अफ़रीदी को सचिन तेंदुलकर की गेंद पर विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने स्टंप आउट किया.
सचिन ने अफ़रीदी को अपनी फिरकी में उलझाते हुए लंबा शॉट खेलने के लिए ललचाया. लेकिन गेंद बल्ले को परास्त कर धोनी के दस्तानों में पहुँच गई और धोनी ने फ़ुर्ती से अफ़रीदी के स्टंप बिखेर दिए.
अफ़रीदी ने 32 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 31 रन बनाए.
अफ़रीदी के आउट होने के बाद कप्तान शोएब मलिक मैदान पर आए, लेकिन सचिन की गेंद पर गंभीर के हाथों लपके गए.
भारत की ओर से सचिन ने दो विकेट लिए, जबकि ज़हीर, पठान और हरभजन सिंह ने एक-एक विकेट लिया.
दोनों ही टीमों में युवा खिलाड़ियों की भरमार है. महेंद्र सिंह धोनी और शोएब मलिक दोनों नए कप्तान है जो प्रयोग करने से नहीं हिचकते.

टीमें

भारत: सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली, गौतम गंभीर, महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, रॉबिन उथप्पा, मुरली कार्तिक, इरफ़ान पठान, जहीर ख़ान, आरपी सिंह और हरभजन सिंह

पाकिस्तान: कामरान अकमल, सलमान बट, यूनुस ख़ान, मोहम्मद यूसुफ़, शोएब मलिक, शाहिद अफ़रीदी, इफ़्तिख़ार, शोएब अख़्तर, उमर गुल, मिस्बाह उल हक़ और अब्दुर रहमान.




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Webinfosys's Hindi News : 25 लाख लोग चले जाते हैं अपनों से मिलने

एनबीटी

राजधानी में रोजगार और भविष्य की तलाश में आसपास के राज्यों से लोगों के आने का सिलसिला बहुत पुराना है। इसी कारण दिल्ली की आबादी लगातार बढ़ रही है। पर दीवाली के मौके पर इस राजधानी से आबादी का बोझ थोड़ा उतर जाता है। वजह है कि आसपास के राज्यों से आए लोग इस खास त्योहार पर अपने प्रियजनों के पास अपने घर लौटते हैं। एक अनुमान के मुताबिक, दीवाली पर्व पर दिल्ली में करीब 25 लाख लोग कम हो जाते हैं। नतीजा है कि दीवाली के पास आते ही रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर मुसाफिरों की अथाह भीड़ दिखाई देती है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी की आबादी में हर साल तकरीबन 5 लाख की संख्या और जुड़ जाती है। चूंकि यहां रोजगार के तमाम अवसर हैं, इसलिए लोग यहां आकर वापस नहीं जाते। पर दीवाली ही ऐसा पर्व है जब लोगों को अपने घर की याद ज्यादा आती है और इसके लिए वे कई दिन पहले से ही घर जाने की कवायद शुरू कर देते है। कोई ट्रेन की टिकट बुक करवा रहा होता है तो कोई इस उधेड़बुन में रहता है कि घर जाने के लिए कौन से दिन किस बस से जाया जाए। जिस किसी के पास अपना वाहन है वह उसे चुस्त-दुरुस्त करा रहा नजर आता है। सबका मकसद यही होता है कि दीवाली अपने लोगों के बीच मनाई जाए। दीवाली पर लोगों को अपने परिजनों से मिलवाने के लिए रेलवे 400 स्पेशल ट्रेनें चलाता है। आसपास के राज्यों के परिवहन विभाग भी मुसाफिरों की बढ़ी तादाद के मद्देनजर ज्यादा बसें चलाते हैं ताकि यात्रियों को सुविधा भी मिले और लगे हाथ विभाग की कमाई भी बढ़े।

दिल्ली छोड़ने की यह प्रवृत्ति दीवाली से एक सप्ताह पहले शुरू हो जाती है। सबसे पहले छात्र निकलना शुरू करते हैं, उसके बाद कामगार मजदूर और बाद में सरकारी अधिकारी या कर्मचारी। इनकम टैक्स विभाग में काम कर रहे कालीचरण के मुताबिक, वह दीवाली से दो दिन पहले बिहार के लिए निकल पड़ते हैं और छठ पर्व मनाकर ही दिल्ली लौटते हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी में पीएचडी कर रहे राजेश सेठ के मुताबिक दीवाली नजदीक आते ही मन घर जाने को करने लगता है। परिवार के लोग भी खुश हो जाते हैं। इस बहाने पुराने संगी-साथियों से भी मुलाकात हो जाती है।




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Webinfosys's Hindi News : पाकिस्तान में वकीलों पर लाठीचार्ज

ख़बरों के अनुसार पाकिस्तान में आपातकाल के ख़िलाफ़ कराची हाईकोर्ट के बाहर प्रदर्शन कर रहे वकीलों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है.

वकीलों का कहना है कि कुछ वकीलों की पिटाई की गई और कुछेक को गिरफ़्तार भी कर लिया गया.
जमाते इस्लामी का कहना है कि रात में छापे मार कर उसके सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार कर लिया गया.
सिंध हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अख़्तर हुसैन ने समाचार एजेंसी रॉयटर को बताया, '' वकील जब सुबह हाईकोर्ट से निकल रहे थे तो पुलिस ने उन पर लाठियाँ चलाईं.''
इनमें कई को गिरफ़्तार भी कर लिया गया है.
वरिष्ठ वकील अख़्तर हुसैन ने एएफ़पी को बताया कि लगभग 50 वकीलों को गिरफ़्तार कर लिया गया और उन्हें पुलिस वाहनों में ले जाया गया.
एक अन्य वकील मुदासिर सईद का कहना था कि पुलिस ने कई वकीलों की बेहरमी से पिटाई की जो रावलपिंडी में अदालत के बाहर सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे.

स्थिति चिंताजनक

उधर पाकिस्तान की स्थिति अब चिंताजनक बनी हुई है. कई विपक्षी नेताओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को आपातकाल की घोषणा के बाद से गिरफ्तार किया जा चुका है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने स्वीकार किया है कि लगभग पाँच सौ लोगों को अभी तक गिरफ़्तार किया जा चुका है.
पाकिस्तान ने अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि देश में जनवरी, 2008 में संभावित आम चुनाव आपातकाल लगाए जाने के बाद भी अपने निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक ही होंगे या नहीं.
विपक्षी दल, मानवाधिकार संगठन और कई प्रमुख नेता राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के इस क़दम की आलोचना कर रहे हैं.


Webinfosys's Hindi News : बदलेंगे, ताकि बदतर न हो बदलाव

एक ताज़ा सर्वेक्षण के अनुसार जलवायु परिवर्तन के संकट से निपटने के लिए लगभग 80 प्रतिशत लोग निजी हितों से समझौता करने को तैयार हैं.
सर्वेक्षण बताता है कि लोग जलवायु परिवर्तन को रोकने के प्रति अपनी जीवन शैली तक को बदलने के लिए तैयार हैं.
सर्वेक्षण में शामिल 21 देशों के 22 हज़ार लोग दुनियाभर में हो रहे जयवायु परिवर्तन को लेकर गंभीर और चिंतित दिखे.
अनुपात के हिसाब से देखें तो पाँच में से चार लोगों ने कहा कि वे जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निबटने के लिए अपने रहन-सहन में बदलाव लाने को तैयार हैं.
और तो और, वायुमंडल में सबसे ज़्यादा कार्बन डाई-ऑक्साइड छोड़ने वाले अमरीका और चीन जैसे देशों में रहने वाले भी इसके लिए तैयार हैं.
तीन चौथाई लोगों ने कहा कि वे ऊर्जा टैक्स भी देने को तैयार हैं अगर वह पैसा ऊर्जा के नए स्रोत की खोज या क्षमता बढ़ाने पर ख़र्च किया जाए. चीन के लोग ऊर्जा टैक्स को लेकर किसी और देश के लोगों से ज़्यादा सकारात्मक दिखे.

सरकार पीछे, लोग आगे

बीबीसी के पर्यावरण संवाददाता मैट मैकग्रैथ ने बताया कि सर्वेक्षण से यह बात सामने आई है कि कई देशों में आम लोग जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सरकार से ज़्यादा तत्पर हैं.
सर्वेक्षण में शामिल 83 फ़ीसदी लोग इस राय के मिले कि जलवायु में बदलाव के लिए ज़िम्मेदार गैसों में कमी लाने के लिए लोगों को व्यक्तिगत तौर पर अपनी जीवन शैली को बदलना होगा.
इनमें से ज़्यादातर लोगों का मानना है कि पैदा हालात से निबटने के लिए निजी हितों की कुर्बानी की ज़रूरत होगी.
अमरीका और अधिकांश यूरोपीय देशों के लोगों का मानना था कि जलवायु परिवर्तन के बड़े कारक ईंधन की क़ीमत को बढ़ाना होगा.
रुस और इटली ही अपवाद रहे जहां ऐसे लोग ख़ासी संख्या में मिले जिनकी नज़र में ईंधन की क़ीमत बढ़ाने की आवश्यकता नहीं होगी.
चीन और इंडोनेशिया में ज़्यादातर लोगों ने माना कि ऊर्जा की ऊँची क़ीमत ज़रूरी है लेकिन भारत और दक्षिण कोरिया के अधिकांश लोगों इस राय के ख़िलाफ़ दिखे.




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Webinfosys's Khel-kud Ki News : सालगांवकर जेसीटी को हरा कर अंतिम 4 में

खेल संवाददाता


नई दिल्ली : सालगांवकर स्पोर्ट्स क्लब ने सशक्त जेसीटी, फगवाड़ा को रविवार को यहां 2-1 से हरा कर ओसियन डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बना ली। विजेता सालगांवकर के लिए अनिल कुमार व श्यालो मल्सवामतुलुंगा ने एक-एक गोल किया। पराजित जेसीटी के लिए अकेला गोल स्थानीय खिलाड़ी सुनील छेत्री से हाफ टाइम से ठीक पहले दागा। सालगांवकर अब सेमीफाइनल में महिन्द्रा युनाइटेड से भिड़ेगी।

स्पोर्टिन्ग क्लब डी गोवा की किस्मत यहां रविवार को पेनल्टी शूटआउट में दगा दे गई और समानंद सिंह खलनायक बन गए। महिन्द्रा युनाइटेड ने स्पोर्टिन्ग क्लब डी गोवा को रविवार को पेनल्टी शूटआउट के जरिए क्वॉर्टर फाइनल में 5-3 से हरा दिया। डॉ. आम्बेडकर स्टेडियम में खेले गए इस क्वॉर्टर फाइनल में निर्धारित 90 और 30 मिनट के अतिरिक्त समय तक मैच का नतीजा नहीं निकलने पर फैसले के लिए पेनल्टी शूटआउट का नियम लागू किया। महिन्द्रा युनाइटेड द्वारा पेनल्टी शूटआउट में गोलरक्षक शुभाशीष रॉय चौधरी को उतारना तुरुप चाल साबित हुआ। पेनल्टी शूटआउट में समानंद सिंह द्वारा पेनल्टी किक पर निशाना चूकना स्पोर्टिन्ग क्लब डी गोवा को ले डूबा। विजेता महिन्द्रा युनाइटेड के लिए पेनल्टी शूटआउट में एन. पी. प्रदीप, मंजीत सिंह, हरप्रीत सिंह, मोहम्मद रफी और घाना के यूसुफ याकुबू ने पेनल्टी किक को गोल में बदला। पराजित स्पोर्टिन्ग क्लब डी गोवा के लिए केन्या के बॉनफेस अम्बानी, मिकी फर्नान्जीज और बिबियानो ने पेनल्टी किक को गोल में बदला जबकि समानंद सिंह दूसरी पेनल्टी किक को गोल में बदलने से चूक गए।

सालगांवकर क्लब के खिलाफ जेसीटी डॉ. आम्बेडकर स्टेडियम में खेले गए क्वॉर्टर फाइनल में हौसलाअफजाई करने के लिए उसके मुरीद खासी तादाद में मौजूद थे। सुखविंदर द्वारा प्रशिक्षित जेसीटी की टीम ने इस मैच में सालगांवकर के खिलाफ गोल करने के ज्यादा हमला बोले। लेकिन सालगांवकर के खिलाड़ियों ने अपने गोल की मुस्तैदी से हिफाजत कर आखिर तक अपनी बढ़त को बरकरार रखते हुए मैच जीत कर अंतिम चार में जगह बना ली। सालगांवकर की टीम ने गोल करने के हमलों को भुनाने की कला खूब दिखाई। मैच के सातवें मिनट में अनिल कुमार ने नाइजीरिया के फेलिक्स चिमाओखकवू द्वारा बढ़ाई गेंद को संभाला और आगे बढ़ आए जेसीटी के गोलरक्षक करणजीत सिंह को छका कर सालगांवकर का खाता खोल दिया।

बराबरी पाने के लिए जेसीटी ने पूरी ताकत झोंक दी और बलजीत सैनी गोल करने के करीब पहुंचे लेकिन गोल नहीं कर बनाए। मल्सवामतुलुंगा ने मैच के 31वें मिनट में बॉक्स के भीतर से अचूक शॉट जमा कर गेंद को गोल में डाल कर सालगांवकर को 2-1 से आगे कर दिया। हाफ टाइम से ठीक पहले बलजीत सैनी के क्रॉस पर जेसीटी के सुनील छेत्री ने सिर से गेंद को गोल में डाल कर स्कोर 1-2 कर दिया। सालगांवकर ने दूसरे हाफ में पूरा जोर अपने गोल की हिफाजत पर लगा दिया और अंत तक अपनी बढ़त को कायम रख कर मैच जीत लिया।




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Webinfosys's Hindi News : दिल्ली में अब एक बजे तक रेस्तरां खुले रहेंगे

नई दिल्ली : दिल्लीवासी अब तड़के एक बजे तक अपने खानपान का कार्यक्रम रख सकते हैं क्योंकि पुलिस ने रेस्तरां और होटल एक बजे तक खुले रहने की अनुमति दे दी है। डिप्टी पुलिस कमिश्नर ( लाइसेंसिंग ) अरुण कंपानी ने बताया कि दिल्ली में रेस्तरां और होटल खुले रहने की समय सीमा बढ़ा कर तड़के एक बजे तक कर दी गई है। यह समयसीमा उन रेस्तरां और होटलों के लिए होगी जिन्हें लाइसेंसिंग ब्रांच ने सर्टिफिकेट जारी किया है।अब तक ऐसे रेस्तरां रात बारह बजे बंद कर दिए जाते थे। दिल्ली सरकार ने हाल ही में बार बंद करने का समय एक बजे तक बढ़ा दिया है। बहरहाल सितारा होटलों में चल रहे रेस्तरां को 24 घंटे खुले रहने की अनुमति मामलों के आधार पर दी जाएगी और यह देखा जाएगा कि आबकारी विभाग किसी स्थान विशेष के लिए कितना समय देता है।




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Webinfosys's Hindi News : अखंड प्रताप सिंह को जमानत पर रिहा करने का आदेश

नई दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव अखंड प्रताप सिंह को जमानत पर रिहा किए जाने का आदेश दिया है। सिंह को आय के ज्ञात सोत से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया गया था। जज वी. बी. गुप्ता ने निचली अदालत के आदेश पर लगी रोक को हटाते हुए पूर्व नौकरशाह को जमानत पर रिहा किए जाने का आदेश दिया। निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने कहा, ' ऐसा कुछ भी रकॉर्ड में नहीं है जिससे यह साबित होता हो कि उन्होंने निचली अदालत के आदेश के बाद सबूतों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की हो। ' सिंह की जमानत पर लगी रोक को हटाते हुए जज गुप्ता ने कहा, ' सिंह की जमानत पर रिहाई के बाद अगर सबूतों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की जाती है तो सीबीआई जमानत खारिज किए जाने को लेकर सुनवाई अदालत में जाने को स्वतंत्र होगी। ' इससे पहले अदालत ने पूर्व नौकरशाह को मिली जमानत पर 22 अक्तूबर को रोक लगा दी थी।




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Webinfosys's HIndi News : चीन का उपगाह चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा

पेइचिंग : चीन का उपग्रह चेंग इ वन चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया है। चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक पेइचिंग एअरोस्पेस कंट्रोल सेंटर ने बताया कि चेंग इ वन उपग्रह ढाई किलोमीटर प्रति सेकेंड की गति हासिल कर चुका है और चंद्रमा के काफी नजदीक पहुंच चुका है।

यह उपग्रह वर्ष 2012 तक काम करेगा और चंद्रमा की सतह की थ्री डी तस्वीरें भेजेगा। चीन सरकार 15 वर्षों के भीतर चंद्रमा पर अपना यान भेजने की तैयारी कर रहा है। चीन के इस कदम के बाद जापान ने भी चंद्रमा पर अपना यान भेजने की तैयारी कर दी है। जापान ने अगले 10 वर्षों के भीतर चंद्रमा पर अपना यान भेजने की बात कही है।




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Wednesday, October 31, 2007

Webinfosys's Khel-kud Ki News : ग्लोबोस्पोर्ट का युवराज के साथ 100 करोड़ का करार

मुंबई (टीएनएन) : क्रिकटेर सिंह बहुत जल्द स्पोर्ट्स मार्केटिंग और सेलेब्रिटी मैनेजमेंट एजेंसी ग्लोबोस्पोर्ट के साथ लंबी अवधि का करार कर सकते हैं। महेश भूपति की कंपनी ग्लोबोस्पोर्ट इसके लिए युवराज सिंह को 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की रकम देगी।

हालांकि , ग्लोबोस्पोर्ट के वाइस प्रेसिडेंट अनिर्बान ब्लाह ने इस खबर की पुष्टि करने से इनकार कर दिया लेकिन सूत्रों के मुताबिक ग्लोबोस्पोर्ट का युवराज सिंह के साथ 6 साल का करार होना तय है।

ईकॉनमिक टाइम्स में 20 अक्टूबर को प्रकाशित खबर के मुताबिक परसेप्ट डी ' मार्क के साथ युवराज का 5 साल का करार खत्म हो चुका है। करार की औपचारिकता भारत-पाक सीरीज के बाद पूरी की जाएगी क्योंकि सब चाहते हैं कि सीरीज के दौरान युवराज का दिमाग इन बातों से अलग रहे। सूत्रों का यह भी कहना है कि सीग्राम्स और डॉनियर शूटिंग के विज्ञापनों की शूटिंग के दौरान ग्लोबोस्पोर्ट के अधिकारी भी युवराज के साथ थे।

ट्वेंटी 20 में शानदार प्रदर्शन के बाद एमआरएफ की नजर युवराज सिंह पर है। इससे पहले स्टीव वॉ और ब्रायन लारा एमआरएफ के ब्रांड ऐन्डॉर्स कर चुके हैं लेकिन ये दोनों ही क्रिकेटर अब रिटायर हो चुके हैं। उधर परसेप्ट डी ' मार्क का कहना है कि युवराज अब भी उनके साथ हैं क्योंकि युवराज के साथ करार न करने पर पहला फैसला उनका होगा। कंपनी के एमडी शैलेंद्र सिंह के मुताबिक , ' हम लोगों के अच्छे रिश्ते रहे हैं और इसे आगे भी जारी रखने के लिए बातचीत चल रही है। '

ऐसा भी कहा जा रहा है कि अगर युवराज ग्लोबोस्पोर्ट के साथ जाते हैं तो परसेप्ट डी ' मार्क को उनके साथ अदालत के बाहर कोई समझौता करना पड़ेगा। हालांकि सूत्रों के मुताबिक , युवराज को अपने साथ रखने के लिए परसेप्ट डी ' मार्क अदालत लड़ाई भी लड़ने के लिए तैयार है। इससे पहले जब जहीर खान ने परसेप्ट डी ' मार्क छोड़कर ग्लोबोस्पोर्ट का दामन थामा था तब भी कंपनी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।




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Webinfosys's HIndi News : 'कारण नहीं कि सरकार कार्यकाल पूरा न करे'

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव प्रकाश कारत ने कहा है कि 'प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ईमानदारी पर सवाल नहीं उठाया जा सकता...और...कोई कारण नहीं है कि सरकार अपना कार्यकाल पूरा न करे.'


प्रकाश कारत ने कोलकाता के अंग्रेज़ी अख़बार द टैलिग्राफ़ के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के बारे में ये टिप्पणी की है.
यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वाम दलों और यूपीए के बीच इस साल अगस्त से भारत-अमरीका परमाणु मुद्दे पर भीषण विवाद चल रहा है.
पिछले कुछ हफ़्तों से पर्यवेक्षक लगातार इस बारे में अटकले लगा रहे हैं कि वाम दलों की नाराज़गी के चलते केंद्र सरकार कब तक चलेगी. राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि ताज़ा टिप्पणी से यूपीए और वाम दलों के रिश्ते सुधरने के संकेत मिले हैं.
महत्वपूर्ण है कि मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत-अमरीका परमाणु समझौते को 'सम्मानजनक' बताया था और कहा कि ये न केवल भारत बल्कि परमाणु अप्रसार की दृष्टि से दुनिया के हित में है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था, "घरेलू स्तर पर कुछ दिक्कतें हैं और हम उन्हें सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं.''

'आम चुनाव जल्दी नहीं'

द टैलिग्राफ़ में छपे इंटरव्यू में कारत ने कहा है, "ये सच है कि परमाणु मुद्दे पर प्रधानमंत्री और वाम दलों के रुख़ में मूलभूत मतभेद रहे हैं. इस सहमति के भारत के लिए फ़ायदों पर उनकी धारणाएँ हैं. लेकिन हमारे मतभेदों का मतलब ये नहीं कि हम प्रधानमंत्री का सम्मान नहीं करते. उनकी ईमानदारी पर सवाल ही नहीं उठाया जा सकता."
कारत का ये भी कहना था कि ये राजनीतिक मुद्दा प्रधानमंत्री के किसी कथन या फिर व्यक्तिगत मतभेदों से नहीं बल्कि दलों के इस मुद्दे पर भिन्न रुख़ के कारण पैदा हुआ है.
उन्होंने स्पष्ट किया, "हमारा भी मत यही है कि आम चुनाव जल्द नहीं होने चाहिए. कोई कारण नहीं है कि यूपीए सरकार अपना कार्यकाल पूरा न करे. इस बारे में प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी के बयान की सराहना करनी चाहिए क्योंकि उन्होंने इसे - 'ये नहीं, तो कुछ नहीं' - ऐसा मुद्दा नहीं बनाया है."
कारत ने वर्ष 2004 के चुनावों के बाद यूपीए को समर्थन देने का सीपीएम के फ़ैसले को 'ज़रूरी और सही' बताया है.




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Webinfosys's HIndi News : न्यूक्लियर डील पर बीजेपी के रुख में नरमी?

नई दिल्ली : बीजेपी के नेता लालकृष्ण आडवाणी और पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलने जा रहे हैं। यह मुलाकात किस मुद्दे पर है, यह अभी साफ नहीं है लेकिन समझा जा रहा है कि वे न्यूक्लयर डील पर पार्टी के स्टैंड पर कोई नया पहलू रखेंगे।

हाल ही में पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर और भारत में अमेरिकी राजदूत मलफर्ड बीजेपी नेताओं से मिले थे और उन्हें न्यूक्लियर डील का समर्थन करने का आग्रह किया था।

बीजेपी और लेफ्ट पार्टियां भारत-अमेरिका न्यूक्लियर डील का शुरू से विरोध कर रही हैं। लेफ्ट के विरोध के चलते सरकार को इसे ठंडे बस्ते में डालने पर मजबूर होना पड़ा है। लेफ्ट के विरोध को उसके ऐंटी-अमेरिकी रुख के साथ जोड़ा जा रहा है लेकिन बीजेपी खुद को ऐंटी-अमेरिका नहीं दिखाना चाहती। हो सकता है, अपने पार्टी के रुख में बदलाव करते हुए बीजेपी इस करार को अपना सपोर्ट दे दे, हालांकि वह कुछ मांगें भी रख सकती है। बीजेपी नेताओं की यह मुलाकात दोपहर से पहले होने की संभावना है।




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Webinfosys's Hindi News : बर्मा की सेना में 'बच्चों की भर्ती'

एक अमरीकी मानवाधिकार संस्था का कहना है कि सेना में वयस्कों की कमी झेल रही बर्मा की सेना अब ज़बरदस्ती बच्चों को भर्ती कर रही है.

ह्यूमन राइट्स वॉच का कहना है कि बच्चों की उम्र 10 साल तक की है और उन्हें सेना में भर्ती के लिए या तो मारा-पीटा जाता है या फिर गिरफ़्तार करने की धमकी दी जाती है.
इससे पहले बर्मा ने कहा था कि वह बच्चों को सेना में भर्ती किए जाने से रोकने की दिशा में काम कर रही है.
ह्यूमन राइट्स वॉच ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है बर्मा की सेना में बच्चों की कथित भर्ती के लिए उसे और दंडित किया जाना चाहिए.

झूठे दस्तावेज़

ह्यूमन राइट्स वॉच की रिपोर्ट 'सोल्ड टू बी सोल्जर्स' में कहा गया है कि बर्मा की सेना में हज़ारों बच्चे हैं.
रिपोर्ट कहती है कि बर्मा की सेना का कोई 20 प्रतिशत 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों का है.
इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सेना के भर्ती दस्ते और सेना की ओर से तैनात असैनिक दलाल बच्चों को सार्वजनिक स्थल पर पकड़ रहे हैं. इन लोगों को सेना की ओर इनाम का लालच दिया गया है.
भर्ती के लिए बच्चों को मारा-पीटा जाता है या फिर उन्हें गिरफ़्तार करने का डर दिखाया जाता है.
कहा गया है कि दलाल बच्चों को सड़कों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड जैसी जगहों से उठाकर सेना के भर्ती कार्यालय में ले जाकर बेच देते हैं.
वैसे सेना में भर्ती की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष है. रिपोर्ट का दावा है कि सेना के अधिकारी नियमित रुप से दस्तावेज़ों में ग़लत जानकारियाँ भरते हैं और उनकी उम्र बढ़ाकर 18 दिखा दी जाती है.
रिपोर्ट में एक बच्चे के हवाले से कहा गया है कि उसे जब दूसरी बार सेना में भर्ती करने के लिए लाया गया तो उसे अपनी उम्र ग़लत बताने को कहा गया.
उसने कहा, "जब मैं 16 साल का था तो मुझे थप्पड़ मारकर कहा गया, तुम 18 साल के हो समझे, अपनी उम्र 18 बताओ."
"मैं वापस घर जाना चाहता था और यह बात मैंने उनसे कही थी लेकिन उन्होंने मना कर दिया."

अनदेखी

मानवाधिकार संस्था की रिपोर्ट में कहा गया है कि औसतन 18 हफ़्तों की ट्रेनिंग के बाद बच्चों को बटालियनों में भेज दिया जाता है.
उन्हें अक्सर सीधे युद्ध क्षेत्र में भी भेज दिया जाता है.
या फिर उन्हें गाँव और घर जलाने जैसे काम करने के लिए मज़बूर किया जाता है जो मानवाधिकार उल्लंघन के मामले हैं.
ह्यूमन राइट्स वॉच की पैरवीकार जो बेकर ने कहा, "सेना के पद भरने के लिए बर्मा सच में बच्चों की ख़रीदफ़रोख़्त कर रहा है."
उन्होंने कहा, "सरकार से वरिष्ठ जनरल बच्चों की इस ज़बरदस्ती भर्ती को बर्दाश्त करते रहते हैं और वे नियम तोड़ने वालों को सज़ा नहीं देते."
जो बेकर का कहना है कि सेना में काम करने की जो स्थिति है और जिस तरह कम तनख़्वाह मिलती है उसके चलते योग्य उम्मीदवार भी सेना में नहीं जाना चाहते.
उनका कहना है, "हाल ही में शांतिपूर्व प्रदर्शन कर रहे बौद्धभिक्षुओं के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई के बाद तो सरकार को सेना के लिए लोग मिलना और कठिन हो जाएगा."
सेना के अधिकारी मानते हैं कि लोग सेना छोड़कर जा रहे हैं.
उधर बर्मा सरकार का कहना है कि उसने सेना में बच्चों की भर्ती के मसले को देखने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है.
जो बेकर इस समिति को 'पाखंड' बताते हुए कहती हैं कि सरकार को इस मामले में सीधी कार्रवाई करनी चाहिए और सेना से बच्चों को हटाना चाहिए.
इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बर्मा में मानवाधिकार की स्थिति पर चिंता बढ़ती जा रही है.





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Tuesday, October 30, 2007

Webinfosys's Hinsi News : रावलपिंडी में 'आत्मघाती' हमला

पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर में सेना के मुख्यालय के पास हुए एक संदिग्ध आत्मघाती बम धमाके में कम से कम छह लोग मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं.


घटनास्थल से मिल रही जानकारी के मुताबिक मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.
सरकारी प्रवक्ता का कहना है कि एक व्यक्ति पुलिस नाके पर पैदल चलता हुआ आया और उसने धमाका कर दिया.
ताज़ा जानकारी के अनुसार मरने वालों में दो पुलिसकर्मी और एक साइकिल सवाल शामिल है.
इसके अलावा धमाके में आत्मघाती हमलावर भी मारा गया है.
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार धमाका राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के दफ़्तर से क़रीब ढाई किलोमीटर दूर सुरक्षा बलों के एक नाके पर हुआ.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के एक प्रवक्ता का कहना है कि वे सुरक्षित है.
हाल के महीनों में रावलपिंडी में होनी वाला ये तीसरा बम धमाका है.
एक अन्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि धमाका उस रास्ते में हुआ जिसका इस्तेमाल वरिष्ठ सैन्य अधिकारी करते हैं.
धमाका होने के बाद पूरे इलाक़े को घेर लिया है और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
संवाददाताओं का कहना है कि घटनास्थल पर कई अंबुलेंस पहुंच गई हैं और घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा है.
ये हमला ऐसे समय हुआ है जब दो हफ्ते पहले पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के निर्वासन से वतन लौटने के बाद उनके क़ाफिले पर कराची में हमला हुआ था जिसमें 130 से अधिक लोग मारे गए थे.
इससे पहले चार सितंबर को रावलपिंडी में ही दो आत्मघाती हमलावरों के हमले में 25 लोग मारे गए थे.




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Webinfosys's Hindi News : गुजरात दंगे: आठ को उम्रक़ैद

गुजरात में गोधरा के निकट वर्ष 2002 में दंगों के दौरान सात लोगों को ज़िंदा जलाने के आरोप में आठ लोगों को आजीवन कारावास और तीन लोगों को 3-3 साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.


इन लोगों पर हत्या के अलावा एक महिला से बलात्कार का भी आरोप साबित हुए है.
इस आरोप में गिरफ़्तार किए गए 40 लोगों में से 29 पर आरोप साबित नहीं हो सका है और उनको अदालत ने बरी कर दिया है.
लेकिन जिस परिवार के सदस्यों को मारा गया था, उसके मुखिया ने बीबीसी से कहा है कि यह सज़ा नाकाफ़ी है और वे इसके ख़िलाफ़ हाईकोर्ट में अपील करेंगे.


सज़ा


वरिष्ठ पत्रकार अजय उमठ के अनुसार घटना गोधरा के पास कलोल तालुका के ऐरल गाँव की है.
वहाँ 2002 में दो मार्च को एक ही परिवार के सात लोगों को ज़िदा जला दिया गया था. इनमें से पाँच महिलाएँ थीं.
आरोप था कि इनमें से एक महिला के साथ हत्या से पहले सामूहिक बलात्कार भी किया गया था.
पुलिस ने इस मामले में 40 लोगों को गिरफ़्तार किया था.
सुनवाई के बाद गोधरा के ज़िला अदालत ने इनमें से 29 लोगों को आरोप साबित न हो पाने की वजह से बरी कर दिया है.
शेष 11 में से आठ लोगों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है और शेष तीन को तीन-तीन साल क़ैद की सज़ा दी गई है.
जिन आठ लोगों को आजीवन कारावास की सज़ा हुई है उनमें से दो सरकारी कर्मचारी हैं.
चूँकि ये सभी लोग साढ़े चार साल तक जेल में ही थे इसलिए तीन-तीन साल की सज़ा पाए लोगों की सज़ा पूरी हो गई मान ली जाएगी.


असंतुष्ट


शेख़ फ़िरोज़ भाई उस परिवार के मुखिया हैं जिसने अपने सात सदस्यों को दंगे में खो दिया.
उनकी पत्नी, बेटी, भाँजी, माँ-बाप और नाना-नानी को दंगाइयों ने ज़िंदा जला दिया था.
पेशे से ड्राइवर फ़िरोज़ उस समय घर पर नहीं थे इसलिए वे बच गए. उनकी मामी भी इस हमले में बच गईं थीं क्योंकि वे खेतों में काम कर रही थीं.
अदालत के फ़ैसले के बाद बीबीसी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि दोषियों को दी गई सज़ा अपर्याप्त है और कुछ दोषी लोगों को बरी कर दिया गया है.
उन्होंने कहा, "चार लोगों ने बलात्कार किया था और उनमें से एक व्यक्ति को बरी कर दिया गया है."
फ़िरोज़ ने कहा है कि वे इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करने हाईकोर्ट जाएँगे.




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Monday, October 29, 2007

Webinfosys's Hindi News : सोनिया शंघाई के नए कम्युनिस्ट पार्टी प्रमुख से मिलीं

शंघाई (भाषा): कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी चीन के व्यवसायिक केंद्र शंघाई के कम्युनिस्ट पार्टी के नए सचिव से मुलाकात करने वाली पहली विदेशी नेता बन गई हैं। सोनिया ने शंघाई म्युनिसिपल कमेटी के नए सचिव यू जेंगशेंग से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण पद पर जेंगशेंग की नियुक्ति शनिवार को की गई है।


यू ने सोनिया से कहा कि इस नए पद पर मैं सिर्फ 2 दिनों से ही काबिज हूं। 5 दिवसीय दौरे के समापन पर यू से मिलने वाली सोनिया पहली विदेशी नेता हैं। सोनिया चीन के राष्ट्रपति हू चिंताओ को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना का महासचिव दोबारा नियुक्त किए जाने के बाद उनसे भी मिलने वाली पहली विदेशी नेता हैं।




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Webinfosys's Khel-kud Ki News : सिडोन्स होंगे बांग्लादेश क्रिकेट टीम के अगले कोच

ढाका (रॉयटर्स): ऑस्ट्रेलिया के जैमी सिडोन्स ने बांग्लादेश क्रिकेट टीम का कोच बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि सिडोन्स ने बांग्लादेश क्रिकेट टीम के कोच बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है।


43 वर्षीय सिडोन्स अनुबंध को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को ढाका पहुंचेंगे। सिडोन्स के हवाले से कहा गया है कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैंने बीसीबी का बांग्लादेश क्रिकेट टीम के कोच बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है।


गौरतलब है कि बांग्लादेश ने पिछले सप्ताह ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज जान डायसन का वेस्टइंडीज टीम के कोच का पद संभालने पर क्षोभ और आश्चर्य व्यक्त किया था। डायसन को सिडोन्स और जिम्बाब्वे के डेव हॉटन के साथ बांग्लादेश क्रिकेट टीम का कोच बनाने के लिए 3 नामों में शामिल किया गाय था।




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Webinfosys's Khel-kud Ki News : लाख टके का सवाल, सचिन के साथ ओपनर कौन?

अहमदाबाद (टीएनएन) : सचिन तेंडुलकर , सौरभ गांगुली , वीरेंद्र सहवाग , गौतम गंभीर , महेंद्र सिंह धोनी , इरफान पठान , रॉबिन उथप्पा और प्रवीण कुमार। ये भारतीय टीम में पाकिस्तान के खिलाफ पहले 2 वन डे के लिए शामिल उन खिलाड़ियों की सूची है जो वन डे क्रिकेट में कभी न कभी अपोनिंग कर चुके हैं। प्रवीण कुमार को छोड़ दिया जाए तो सबने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ओपनिंग की है। जबकि प्रवीण उत्तर प्रदेश की रणजी टीम के लिए सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभा चुके हैं।

अगर यह सूची थोड़ी छोटी भी कर दी जाए तो भी कम से कम 4 खिलाड़ी- सचिन , सौरभ , सहवाग और गंभीर ऐसे हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय से ओपनिंग करते रहे हैं। जाहिर है कि ओपनर के ज्यादा विकल्प होने से अंतिम एकादश चुनने समय यह समस्या खड़ी हो सकती है कि किसका उपयोग कैसे किया जाए।

लेकिन टीम के मैनेजर लालचंद राजपूत इससे सहमत नहीं हैं। वह कहते हैं कि चयनकर्ताओं ने हमें विकल्प दिए हैं और अब यह हमारा काम है कि हम इस काम के लिए सबसे बेहतर जोड़ी को चुनें और उनका प्रभावशाली तरीके से इस्तेमाल करें। राजपूत आगे कहते हैं , ' सबसे अच्छी बात यह है कि ये सभी बल्लेबाज किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं। सौरभ , सहवाग और गंभीर सभी तीसरे नंबर या उससे नीचे के क्रम में भी बल्लेबाजी कर चुके हैं।

हालांकि इन तमाम किंतु-परंतु के बीच एक बात तय है कि ओपनिंग करने सचिन तो जरूर आएंगे और सवाल सिर्फ दूसरे बल्लेबाज को लेकर है। सचिन निचले क्रम में बल्लेबाजी के लिए भेजे जाने को लेकर कई बार नाखुशी जता चुके हैं और वह ओपनर के रूप में भारत की ओर से सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। इसलिए टीम प्रबंधन उनसे ओपनिंग कराने को लेकर एकमत है।

राजपूत कहते भी हैं ,' सचिन पारी की शुरुआत करेंगे यह तो तय है क्योंकि शुरू में उनके रहने से टीम को ठोस शुरुआत मिलती है। हमें देखने पड़ेगा कि उनके साथ दूसरे छोड़ पर सबसे बेहतर जोड़ीदार कौन हो सकते हैं। हम दूसरे ओपनर को लेकर लचीला रुख अपनाएंगे। '

इस साल वर्ल्ड कप में शर्मनाक प्रदर्शन के बाद टीम प्रबंधन ने फिर से पुरानी जोड़ी सचिन और सौरभ को ही ओपनर भेजने की रणनीति अपनाई है लेकिन कुछ जानकारों का मानना है कि गंभीर को ऊपर भेजा जाना चाहिए। शनिवार को चयनकर्ताओं की मीटिंग में दूसरे ओपनर के रूप में गौतम गंभीर का नाम सबसे प्रबल दावेदार के रूप में उभरा था। इसके पीछे वजह यह बताई जा रही कि सौरभ गांगुली का स्थान अब पहले की तरह अंतिम एकादश में पक्का नहीं है जबिक गंभीर ने ओपनर के रूप में ट्वेंटी20 और चैलेंजर सीरीज में शानदार खेल दिखाया है।

जहां तक सहवाग का सवाल है , तो माना जा रहा है कि उन्हें टॉप ऑर्डर पर दबाव बनाने के लिए टीम में शामिल किया गया है। हालांकि राजपूत का कहना है कि सहवाग थोड़े समय में ही मैच का रुख बदल सकते हैं और हम उनका जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल करेंगे।

ओपनर के लिए दिग्गज की दावेदारों के बीच प्रवीण कुमार की मौजूदगी ने इसे और भी रोचक बना दिया है। हालांकि उन्हें ओपनर नहीं भेजे जाने की संभावना नहीं है लेकिन पहला विकेट जल्दी गिरने पर उन्हें टॉप ऑर्डर भेजा जा सकता है। राजपूत ने कहा , ' टॉप ऑर्डर में प्रवीण का इस्तेमाल का फैसला मैच की परिस्थितियों के हिसाब से किया जाएगा।




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Webinfosys's Hindi News : भूमिहीन करेंगे संसद तक मार्च

भारत के कई राज्यों से भूमि सुधारों की मांग कर रहे हज़ारों किसानों और आदिवासियों की दिल्ली पहुंची रैली आज संसद मार्च करने वाली है.


ग्वालियर से चल कर 'जनादेश 2007' रैली रविवार को राजधानी दिल्ली पहुंची और अब ये सारे लोग रामलीला मैदान में हैं.
रैली के आयोजकों का कहना है कि अब वो जंतर मंतर पर धरना देंगे और संसद कूच करेंगे.
हालांकि अब तक उन्हें संसद की ओर जाने की अनुमति नहीं मिली है.
रामलीला मैदान में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के नेता एबी बर्धन सहित कई राजनेताओं ने प्रदर्शनकारियों से मुलाक़ात की है.
अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करने देश के 18 राज्यों से आए लगभग 22 हजार प्रदर्शनकारी दो अक्तूबर को ग्वालियर से चले थे और अब दिल्ली में है.
हज़ारों लोगों के इस मार्च के दौरान कुछ लोगों की दुर्घटना में मौत भी हो गई लेकिन उनका हौसला कम नहीं हुआ.
रविवार को जब ये मार्च दिल्ली पहुंचा तो लोग "भूख की जंग में, हम सब संग में" जैसे नारे लगा रहे थे.
ये प्रदर्शनकारी छत्तीसगढ़, उड़ीसा, महाराष्ट्रट पंजाब, झारखंड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से आए हैं.


भूमि सुधार की माँग


जनादेश रैली को आयोजित करने वाले एकता परिषद के अध्यक्ष पीवी राजगोपाल का कहना था कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती उनका प्रदर्शन जारी रहेगा.
ग्वालियर से पैदल ही लगभग 400 किलोमीटर की यात्रा करके दिल्ली पहुँचे इन ग़रीब, आदिवासी और भूमिहीन किसानों किसानों की माँग ज़मीनों से जुड़ी हुई है.
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि भूमि सुधार कानून लागू किया जाएं और वंचितों को उनका हक दिलाने के लिए एक राष्ट्रीय भूमि आयोग का भी गठन किया जाए जो भूमि विवादों का जल्दी निपटारा करे और ज़मीन का दोबारा आवंटन करे.
सरकार ने वादा किया है कि आने वाले दिनों में एक आयोग का गठन किया जाएगा जो भूमि सुधारों पर विचार करेगा.
ग्वालियर से ये लोग महात्मा गांधी के जन्मदिन दो अक्तूबर को निकले थे. इस जनादेश 2007 यात्रा का समर्थन व्यक्त करने के लिए नौ देशों के लगभग 200 विदेशी समाज सेवक भी यात्रा में शामिल थे.
इन प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाक़ात की है और माना जा रहा है कि सोमवार को वो प्रधानमंत्री से भी मिल सकते हैं.




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Webinfosys's Hindi News : क्रिस्टीना ने किया जीत का दावा

अर्जेंटीना की प्रथम महिला क्रिस्टीना फर्नाडेंज़ डि किर्सनर ने राष्ट्रपति चुनावों में जीत का दावा किया है. क्रिस्टीना निवर्तमान राष्ट्रपति नेस्टर किर्सनर की पत्नी है और अब वो देश की पहली महिला राष्ट्रपति भी होंगी.


प्रारंभविक चुनाव परिणामों में बीस प्रतिशत वोटों की गिनती के बाद क्रिस्टीना को 40 प्रतिशत वोट मिले हैं जो उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी से बहुत अधिक है जिसे देखते हुए उनकी जीत निश्चित मानी जा रही है.
पूरी मतगणना के बाद अगर क्रिस्टीना को 40 प्रतिशत मत मिलते हैं और उन्हें विजयी घोषित किया जाएगा और दूसरे दौर का मतदान नहीं होगा.
चुनाव से पहले और मतदान बाद के सर्वेक्षणों में भी उनकी जीत निश्चित मानी जा रही थी. अगर पूरी मतगणना के बाद क्रिस्टीना का चुनाव होता है तो वो दुनिया में शायद ऐसा पहली बार होगा कि किसी तत्कालीन राष्ट्रपति की पत्नी राष्ट्रपति बनी हों.
क्रिस्टीना ने कहा है कि वो अपने पति की नीतियों का समर्थन करती हैं और मूल रुप से कोई बड़ा फेरबदल नहीं करेंगी.
उनके पति नेस्टर किर्सनर छह साल पहले जब राष्ट्रपति बने थे तो अर्जेंटीना आर्थिक संकट से गुज़र रहा था लेकिन किर्सनर के प्रयासों से अब देश की आर्थिक स्थिति पहले से काफ़ी बेहतर हो गई है.
2001 में देश के आर्थिक संकट का ज़िक्र करते हुए क्रिस्टीना का कहना था ' हम देश को बेहतर स्थिति में ला पाए हैं. ग़रीबी और बेरोज़गारी दूर हुई है और वो सभी संकट कम हुए हैं जिसने एक समय में अर्जेंटीना को अपनी गिरफ्त में ले लिया था. '
चुनाव के दौरान अर्थव्यवस्था और बढ़ता हुआ अपराध दो प्रमुख मुद्दे थे.
ब्यूनोस आयरिस में बीबीसी संवाददाता डैनियल स्वेलमर का कहना है कि 2001 में आर्थिक संकट के बाद राष्ट्रपति किर्सनर ने अपने कार्यकाल के दौरान देश को स्थायित्व दिया लेकिन अभी भी अर्थव्यवस्था की मज़बूती को लेकर जानकार शंकित रहते हैं.
चुनाव में क्रिस्टीना के अलावा 12 और उम्मीदवार थे.




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Sunday, October 28, 2007

Webinfosys's HIndi News : हज़ारों प्रदर्शनकारी दिल्ली पहुंचे

भारत के कई राज्यों से भूमि सुधारों की मांग कर रहे हज़ारों किसान और आदिवासी लोग रविवार को राजधानी दिल्ली पहुंच रहे हैं.


ये प्रदर्शनकारी दिल्ली के रामलीला मैदान में जमा होंगे जहां वृंदा कारत, शिबू सोरेन और कुछ अन्य नेतागण उन्हें संबोधित करेंगे.
प्रदर्शनकारियों में ऐसे लोगों की संख्या अधिक है जो भूमिहीन मज़दूर हैं और उनकी मांग ज़मीनों से जुड़ी हुई है. यह यात्रा ग्वालियर से शुरु हुई है जो दिल्ली में समाप्त होगी.
ग्वालियर से ये लोग महात्मा गांधी के जन्मदिन दो अक्तूबर को निकले थे और अब दिल्ली पहुंच रहे हैं.
पूरी यात्रा के दौरान कई नेताओं ने इन प्रदर्शनकारियों से मुलाक़ात की है और अपना समर्थन जताया है.
सरकार ने वादा किया है कि आने वाले दिनों में एक आयोग का गठन किया जाएगा जो भूमि सुधारों पर विचार करेगा.
इन प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाक़ात की है और माना जा रहा है कि सोमवार को वो प्रधानमंत्री से भी मिल सकते हैं.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वो भूमि सुधारों के लिए एक राष्ट्रीय प्राधिकरण चाहते हैं जो भूमि विवादों का जल्दी निपटारा करे और ज़मीन का दोबारा आवंटन करे.




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Webinfosys's HIndi News : हेलमंद में '80 तालेबान लड़ाकों की मौत'

अफ़गानिस्तान के हेलमंद प्रांत में अमरीकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं की कार्रवाई में कम से कम 80 तालेबान लड़ाके मारे गए हैं.


गठबंधन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि तालिबान नियंत्रित मूसा कलां में छह घंटे चले संघर्ष में तालेबान लड़ाकों की मौत हुई है.
बयान के अनुसार गठबंधन सेनाओं ने उस समय जवाबी कार्रवाई की जब उनके काफ़िले पर रॉकेट हमले किए गए.
अधिकतर तालेबान लड़ाके उस समय मारे गए जब गठबंधन सेनाओं ने भारी बम फेंके.
बयान में कहा गया है कि गठबंधन सेना ने अपने ऊपर रॉकेट दागे जाने के बाद तुरंत जवाबी कार्रवाई की जिसमें कम से कम सात दर्ज़न तालेबान लड़ाके मारे गए.
हेलमंद प्रांत अफीम की खेती का गढ़ माना जाता है. सितंबर में अंतरराष्ट्रीय सेना ने हेलमंद प्रांत में ज़बर्दस्त कार्रवाई की.
इस कार्रवाई के बाद से लेकर अब तक 200 तालेबान लड़ाकों की मौत हो गई है.




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Webinfosys's HIndi News : 'द लास्ट सपर' अब इंटरनेट पर

जाने माने रोमन चित्रकार लियोनार्दो दा विंची की मशहूर कलाकृति द लास्ट सपर की बेहद स्पष्ट तस्वीर अब इंटरनेट पर भी देखी जा सकती है.

स्पष्ट इसलिए क्योंकि इस चित्र की प्रति बनाई गई है अरबों पिक्सल के एक कैमरे से.
इंटरनेट पर जारी 16 अरब पिक्सल की ये तस्वीर पहले की तुलना में बिल्कुल साफ नज़र आती है. यानि अब ये पूर्व के एक करोड़ पिक्सल के डिजिटल कैमरा से खींची गई तस्वीर से 1600 गुना ज़्यादा स्पष्ट है.
15वीं सदी में बनी इस तस्वीर को इंटरनेट के जरिए देखने के वास्ते कई तकनीकी सुविधाएं भी मुहैया कराई गई हैं. जैसे तस्वीर के जिस हिस्से को प्रमुखता से देखना हो उसे चुनकर बड़ा या छोटा करके स्पष्ट देखा जा सकता है.
इसके साथ साथ इसके हर हिस्से के बारे में सूक्ष्म जानकारी भी उबलब्ध है.

ऐतिहासिक कलाकृति

वास्तविक रूप में ये कलाकृति इटली के मिलान शहर के सांता मारिया डेले ग्रेजी चर्च में रखी है.इसे इंटरनेट पर जारी करने के पीछे प्रदूषण से इसे होने वाला लगातार नुकसान बताया गया है.
आर्ट क्यूरेटर एल्बर्टो अर्तियोली ने एपी को बताया कि इंटरनेट पर आप इस तस्वीर के हर हिस्से को जूम यानि बड़ा करके निहार सकते हैं जबकि वास्तविक तस्वीर में यह बेहद मुश्किल होता है.
इसे http://www.haltadefinizione.com पर देखा जा सकता है.
अर्तियोली ने कहा 'आप देख सकते हैं कि लियोनार्डो ने इस तस्वीर में मौजूद कप को किसप्रकार पारदर्शी बनाया है. जबकि वास्तविक तस्वीर में इसे देख पाना संभव नहीं होता. इसके साथ ही इस कलाकृति में हुए क्षय को भी महसूस किया जा सकता है.'
विंची की इस तस्वीर को लगातार हो रहा नुकसान हाल के दिनों में काफी चर्चा और चिंता का विषय रहा था.
इटली के एक अख़बार के अनुसार 1990 के दशक के आखिरी वर्षों में इस तस्वीर को संरक्षित करने का तरीका कारगर नहीं रहा, और दर्शकों के कारण भी इस तस्वीर को धूल और गंदगी से काफी नुकसान पहुंचा था.
द लास्ट सपर को लियोनार्डो द विंची ने 15वीं सदी के आखिरी वर्षों में बनाई थी. हर साल लगभग साढ़े तीन लाख लोग इस कलाकृति को देखने आते हैं.




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Wednesday, October 17, 2007

Webinfosys's Hindi News : रिकॉर्ड गिरावट के बाद कुछ संभला सेंसेक्स

भारतीय शेयर बाज़ारों में बुधवार को रिकॉर्ड शुरुआती गिरावट के बाद कुछ सुधार हुआ और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 1100 अंकों का सुधार दर्ज किया गया.


बुधवार की सुबह 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जैसे ही खुला इसमें भारी गिरावट आनी शुरू हो गई और पाँच मिनट में ही यह औँधे मुंह गिरते हुए 1743 अंक गिर गया.
गिरावट की रफ़्तार इतनी तेज़ थी कि बाज़ार को एक घंटे के लिए बंद करना पड़ा.
सेंसेक्स के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है.
बाज़ार के जानकारों का मानना है कि भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड यानी सेबी की विदेशी संस्थागत निवेशकों पर सख़्ती के चलते ही बाज़ार में गिरावट का रुख रहा.
राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ़्टी 9.25 फ़ीसदी लुढ़ककर 5143 अंक पर पहुँच गया.


चिंता नहीं


उधर, वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने शेयर धारकों को आश्वस्त किया कि घबराने की फिलहाल कोई ज़रूरत नहीं है.

उन्होंने कहा कि सरकार की पार्टिसिपेट्री नोट्स यानी भागीदारी परिपत्र को प्रतिबंधित करने की मंशा नहीं है और उम्मीद जताई कि दिन गुजरने के साथ-साथ बाज़ार की स्थिति में सुधार आएगा.
उन्होंने कहा, "अगर आप लोग बारीकी से देखेंगे तो पाएँगे कि सेबी और एनएसई में अधिकांश ख़रीदारी विदेशी संस्थागत निवेशक कर रहे हैं."
उन्होंने कहा कि यही वजह रही कि सेबी ने बाज़ार के हित में बाज़ार में सुधार के क़दम उठाए हैं और ये प्रयास दिन भर जारी रहेंगे.
वित्त मंत्री ने कहा कि सेबी के क़दम आम निवेशकों के हित में हैं और इसके दूरगामी परिणाम दिखाई देंगे.


संकेत


मंगलवार को दुनियाभर के शेयर बाज़ारों में मंदी की ख़बरों के बीच इन्फोसिस, हिंदुस्तान लीवर और रिलायंस जैसी ब्लूचिप कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली के कारण सेंसेक्स में हल्की गिरावट रही थी.
कारोबार के दौरान नए रिकॉर्ड बनाने के बावजूद सोमवार की तुलना में सेंसेक्स में सात अंक और निफ़्टी में दो अंक की गिरावट दर्ज की गई थी.
मंगलवार को सेंसेक्स 19051 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ़्टी 5708 अंक की ऐतिहासिक ऊँचाई छूने के बाद कारोबारी सत्र खत्म होने पर 5668 अंक पर बंद हुआ था.




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Webinfosys's Hindi News : मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ सुनवाई शुरु

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के चुनाव की वैधता को लेकर की गई अपीलों पर सुनवाई फिर शुरु कर दी है.


कोर्ट में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के दो पदों ( राष्ट्रपति और सेनाध्यक्ष) पर रहते हुए राष्ट्रपति चुनाव लड़ने को चुनौती दी गई थी. कोर्ट ने पूर्व में सुनवाई टालते हुए राष्ट्रपति पद के लिए मतदान को अनुमति दे दी थी.
चुनाव के परिणामों की औपचारिक घोषणा पर रोक लगा दी गई है जिससे देश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बना हुआ है.
इसी महीने (अक्तूबर) की छह तारीख को हुए चुनावों में मुशर्रफ़ को दोबारा राष्ट्रपति चुन लिया गया है लेकिन कोर्ट में याचिकाओं के कारण वो अभी तक शपथ नहीं ले सके हैं.
अपील करने वाले विरोधियों का तर्क है कि मुशर्रफ़ राष्ट्रपति और सेनाध्यक्ष दो पदों पर रहते हुए चुनाव नहीं लड़ सकते हैं.
कोर्ट में फिर शुरु हुई सुनवाई कई दिनों तक चल सकती है. हालांकि कई विशेषज्ञों का मानना है कि कोर्ट का फ़ैसला मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ नहीं होगा.
मुशर्रफ़ कोर्ट के रवैए से थोड़ा चिंतित ज़रुर होंगे क्योंकि पूर्व में कोर्ट ने कई बार मुशर्रफ़ के ख़िलाफ फ़ैसले सुनाए हैं.
इस बीच पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो गुरुवार को पाकिस्तान वापस लौटने वाली हैं. वो पिछले नौ साल से निर्वासित जीवन बिता रही हैं.
बेनज़ीर और मुशर्रफ़ के बीच हुए समझौते के तहत बेनज़ीर के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के सारे मामले वापस ले लिए गए हैं और कहा जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच सत्ता में भागेदारी का भी समझौता हो सकता है.




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Tuesday, October 16, 2007

Webinfosys's Hindi News : सानिया रैंकिंग में एक पायदान फिसलीं

क्रेमलिन कप में भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा के निराशाजनक प्रदर्शन का असर उनकी डब्ल्यूटीए रैंकिंग पर भी पड़ा है और वह एक स्थान फिसलकर 30वें स्थान पर आ गईं.


पिछले सप्ताह मॉस्को में क्रेमलिन कप में सानिया पहले ही दौर में अर्जेंटीना की गिसेला डुल्को के हाथों पराजित हो गई थी.
सानिया 921 अंकों के साथ 30वें स्थान पर हैं, जबकि बेल्जियम की जस्टिन हेनिन 5500 अंकों के साथ चोटी पर हैं.
हालाँकि इसी टूर्नामेंट में युगल मुक़ाबले में स्विटज़रलैंड की पैट्टी श्नाइडर के साथ जोड़ी बनाकर दूसरे दौर तक पहुँचने में सफल रही सानिया ने ताज़ा युगल रैंकिंग में एक स्थान का सुधार किया और 19वें स्थान पर पहुँच गईं.


हॉपमैन कप


इस बीच, भारत ने 20 वर्षीय हैदराबादी बाला के नेतृत्व में 29 दिसंबर से पर्थ में होने वाले हॉपमैन कप भाग लेने की पुष्टि कर दी है.

सानिया और रोहन बोपन्ना ने पिछले वर्ष हॉपमैन कप में शानदार प्रदर्शन किया था.
उन्होंने इस मिश्रित टेनिस टूर्नामेंट में ग्रुप मुक़ाबलों में क्रोएशिया और चेक गणराज्य को हराया था, लेकिन भारतीय खिलाड़ी सेमीफ़ाइनल में स्पेन से पार नहीं पा सके थे.
टूर्नामेंट के निदेशक पॉल मैकनेमी ने कहा कि भारतीय टीम को हॉपमैन कप में इस बार सीधे प्रवेश दिया गया है.
पिछले साल एशियाई हॉपमैन कप में क्वालीफाई करने के बाद भारत को विश्व मुक़ाबलों में जगह मिली थी.
मैकनेमी ने कहा, "यह सानिया और उनके साथियों को पिछले साल के शानदार प्रदर्शन का पुरस्कार है."
भारत के अलावा सर्बिया, चेक गणराज्य और फ़्रांस ने टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की पुष्टि कर दी है.




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Webinfosys's Hindi News : न्यूज़वीक के ताज़ा अंक में मायावती

अमरीकी पत्रिका न्यूज़वीक ने अपने ताज़ा अंक में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को दुनिया की आठ प्रमुख महिला नेताओं में शामिल किया है.


न्यूज़वीक की 'विमेन एंड लीडरशिप' श्रंखला में मायावती का अब तक का सफ़र, उन्हीं की ज़ुबानी छापा गया है.
पत्रिका में छपे उनके सफ़र में वे कहती हैं - "उत्तर प्रदेश में 17 साल में पहली बार बहुमत प्राप्त करने वाली सरकार सत्ता में हैं जिसका नेतृत्व कोई दलित कर रहा है.


दिल्ली का संघर्ष


इसी लेख में वे आगे कहती हैं - "हमारा लक्ष्य है कि अब इस जीत के फ़ॉर्मूले को दूसरे राज्यों में भी लागू किया जाए और दिल्ली में सत्ता हासिल करने के बड़े संघर्ष की तैयारी की जाए."
उन्होंने अपने लेख में लिखा है - "एक अविवाहित महिला और एक दलित होने के कारण मुझे गालियों, अपमान और धमकियों का सामना करना पड़ा. "

उनका कहना है - "भारत के अनेक नेताओं के तरह मुझे राजनीतिक स्तर पर कोई विशेषाधिकार नहीं मिले. मुझे आज जितनी राजनीतिक ज़मीन हासिल है, मुझे उसे पाने के लिए हर इंच के लिए संघर्ष करना पड़ा है."
मायावती अपने लेख में ये भी कहती हैं कि जब ग़रीब दलितों को एकजुट करने के लिए उनकी पार्टी ने आक्रामक कदम उठाए तो ऊँची जातियों वाले राजनीतिक दल चौंके और उनके विरोध के कारण वे चार बार अपना मुख्यमंत्री कार्यकाल पूरा नहीं कर पाईं.




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Webinfosys's Hindi News : ये भारत का आंतरिक मामला है: अमरीका

भारत ने अमरीका को परमाणु सहमति को लागू करने में आ रही परेशानी के बारे में सूचित किया है. अमरीका का कहना है कि ये भारत का आंतरिक मामला है. अमरीका का मानना है कि ये सहमति दोनो देशों के पक्ष में है.


ग़ौरतलब है कि भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के साथ सोमवार को फ़ोन पर बातचीत की और उन्हें बताया कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित परमाणु करार लागू करने में परेशानी आ रही है.
इसके बाद अमरीका में राष्ट्रपति के कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा है कि मामला बहुत पेचीदा है इसलिए अमरीका भारत को यह नहीं बताने जा रहा कि वह अपना अंदरूनी मामला कैसे हल करे.
साथ ही उनका ये भी कहना था कि अमरीका इस मामले को जल्द से जल्द हल होता हुआ देखना चाहेगा.


'छोटी सी रुकावट'


प्रवक्ता का कहना था कि इस सहमति को अमरीका की दोनों ही पार्टियों - रिपब्लिकन और डेमोक्रैट्स ने मंज़ूरी दी थी और उन्हें पूरी उम्मीद है कि जब ये सहमति आख़िरी पड़ाव में पहुँचेगी तब भी इसे दोनों ही पार्टियों की मंज़ूरी मिलेगी.

उधर अमरीकी कांग्रेस की प्रतिनिधि सभा में इंडिया कॉकस यानि भारत के हित में काम करने वाले समूह के अध्यक्ष जिम मैकडॉरमट का मानना है कि 'यह एक लम्बे रास्ते के बीच में आई छोटी सी रुकावट है.'
उनका कहना था कि 'अमरीका को भी यह एहसास है कि लोकतंत्र में जब भी इस तरह के मामले उठते हैं तो वक़्त तो लगता ही है.'
यूएस-इंडिया बिज़नेस काउंसिल के चेयरमैन रॉन समर्स का कहना था कि उन्हें अभी भी पूरी उम्मीद है. उन्होनें कहा कि जब चीन के साथ अमरीका का 123 समझौता हुआ था तब उसमें तेरह साल लगे थे और भारत के साथ तो दो सालों में ही काफ़ी आगे निकल आए हैं.


भारतीय मूल के लोग निराश


लेकिन भारतीय मूल के लोग काफ़ी मायूस हैं. ऐसा इसलिए कि उन्होंने इस सहमति को अमरीकी कांग्रेस में पास करवाने में काफ़ी मेहनत की थी.

इंडो-यूएस फ़्रेंडशिप काउंसिल के चेयरमैन स्वदेश चटर्जी का कहना था, "भारत सरकार के इस रूख़ से केवल निराशा ही नहीं हुई बल्कि ऐसा लगता है जैसे हमारे साथ धोखा हुआ हो."
अन्य लोगों से बातचीत से प्रतीत होता है कि वे मानते हैं कि कुछ लोग हैं जो नहीं चाहते कि भारत-अमरीका के रिश्ते बेहतर हों.
वे ये भी कहते हैं कि जब भारत-अमरीका के लोग एकजुट हो जाएँगे, तब उन्हें अंदाजा हो जाएगा कि सहमति दोनों देशों के बेहतरी के लिए है और तब यह समझौता अपनी मंजिल पर पहुँच जाएगा.




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Monday, October 15, 2007

Webinfosys's Hindi News : धमाके के बाद पंजाब में कड़ी सुरक्षा

भारत के पंजाब राज्य के औद्योगिक शहर लुधियाना में रविवार रात को हुए धमाके के बाद पंजाब और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल सोमवार सुबह घटनास्थल का दौरा करेंगे.


लुधियाना में श्रृंगार सिनेमा हॉल में हुए धमाके में छह लोग मारे गए और 35 घायल हो गए. फ़िलहाल न तो पुलिस ने इस घटना के लिए किसी संगठन को ज़िम्मेदार ठहराया है और न ही किसी संगठन ने इसकी ज़िम्मेदारी ली है.
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार छह में से चार लोगों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई जबकि दो लोगों ने स्थानीय अस्पताल में दम तोड़ दिया. जिन दो लोगों की अस्पताल में मृत्यु हुई, उनकी पहचान नहीं हो पाई है.
ग़ौरतलब है कि हाल में राजस्थान के अजमेर शहर में विश्व प्रसिद्ध ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में भी धमाका हुआ था जिसमें दो लोग मारे गए थे और 14 घायल हो गए थे.
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा है कि ऐसा लगता नहीं है कि अजमेर और लुधियाना के धमाकों में कोई संबंध है.
उनका ये भी कहना था कि केंद्र सरकार पंजाब सरकार से इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है.

'शांति भंग करने की कोशिश'

पंजाब के पुलिस महानिदेशक एनपीएस ऑलख ने बताया कि राज्य में सुरक्षाबलों को अत्यधिक सुरक्षा बरतने के लिए कहा गया है. उनका कहना है कि संभव है कि इस घटना को किसी चरमपंथी संगठन ने अंजाम दिया हो.
देर रात ही विस्फोट की विस्तृत जाँच करने के लिए फोरेंसिक टीम सिनेमा हॉल पहुँच गई थी.
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के मीडिया सलाहकार हरचरण बैंस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ये 'राज्य में शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश है.'
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस घटना पर अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए हर मृतक के परिजनों के लिए एक लाख रुपए का मुआवज़ा और हर घायल व्यक्ति के लिए 50 हज़ार रुपए के मुआवज़े की घोषणा की है.


बिहार-उत्तर प्रदेश के लोग


जब सिनेमा हॉल में धमाका हुआ तब वहाँ भोजपुरी फ़िल्म 'जनम जनम के साथ' दिखाई जा रही थी.
बताया गया है कि सिनेमा हॉल की क्षमता लगभग 650 की है और जब घटना हुई तब सिनेमा हॉल परिसर में लगभग एक हज़ार लोग मौजूद थे.

सिनेमा हॉल के कर्मचारियों ने बताया कि मनोज तिवारी और रवि किशन अभिनीत फ़िल्म 'जन्म-जन्म के साथ' को देखने आए अधिकतर लोग भोजपुरी समझने-बोलने वाले थे.
पंजाब के उद्योग का केंद्र कहे जाने वाले लुधियाना शहर में लगभग बीस लाख लोग बिहार और उत्तर प्रदेश से हैं जो विभिन्न कारखानों में काम करते हैं और भोजपुरी फ़िल्में देखने में दिलचस्पी रखते हैं.
श्रृंगार सिनेमा हॉम के एक चौकीदार - कोलकाता के हरि किशन का कहना था, "धमाके के बाद हॉल में अफ़रा-तफ़री मच गई. हॉल के अंदर धुआँ भर गया था और सीटें उखड़ गई थीं. फिर रात भर पुलिसवाले सुराग खोजने और सबूत एकत्र करने का काम करते रहे."
घायल हुए 35 लोगों को सिनेमा हॉल के निकट स्थित दो अस्पतालों - सीएमसी और सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कुछ की हालत गंभीर बताई गई है लेकिन अस्पताल के अधिकारी फ़िलहाल घायलों से मिलने की इजाज़त नहीं दे रहे हैं.




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Webinfosys's Hindi News : विमान आपातस्थिति में उतरा, खिलाड़ी सुरक्षित

भारत और ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीमों को लेकर मुंबई जा रहे विमान को पक्षी से टकराने के बाद आपातकालीन स्थिति में नागपुर हवाई अड्डे पर उतरना पड़ा.


हवाई अड्डे के निदेशक एसएम बोर्कर ने संवाददाताओं से कहा, "दोनो टीमें सुरक्षित हैं और खिलाड़ियों समेत सभी यात्रियों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुँचा है."
भारतीय टीम के कुछ खिलाड़ी और ऑस्ट्रेलियाई टीम के सदस्य मुंबई के लिए इस विमान में सवार हुए थे, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान के कैप्टन ने घोषणा की कि विमान पक्षी से टकराया है.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने विमान के आपात स्थिति में उतरने की पुष्टि की और कहा कि सभी खिलाड़ी सुरक्षित हैं.
विमान के हवाई अड्डे पर उतरने के बाद कुछ देर तक वहाँ अफ़रातफ़री का माहौल रहा. लेकिन सभी के सकुशल होने की सूचना से ज़ल्द ही स्थिति सामान्य हो गई.
बाद में दोनो टीमों के खिलाड़ियों को होटल के लिए रवाना कर दिया गया.
ये क्रिकेटर सोमवार की दोपहर को ही विशेष विमान से मुंबई के लिए रवाना होंगे.
मुंबई में भारत-ऑस्ट्रेलियाई वनडे सिरीज़ का अंतिम मुक़ाबला बुधवार को खेला जाना है. ऑस्ट्रेलिया नागपुर वनडे 18 रन से जीतने के साथ ही सिरीज़ भी 4-1 से जीत चुकी है.




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Webinfosys's HIndi News : जिंताओ की भ्रष्टाचार पर कड़ी चेतावनी

चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने चीन में कम्यूनिस्ट पार्टी की कांग्रेस में भाग ले रहे प्रतिनिधियों को चेताया कि आर्थिक प्रगति के बावजूद चीन कई तरह की सामाजिक और पर्यावरण संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है.


चीन के बीजिंग शहर में कम्यूनिस्ट पार्टी की पंचवर्षीय कांग्रेस यानि पार्टी का अधिवेशन शुरु हुआ है जिसमें 2000 से ज़्यादा प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं.
उन्होनें कहा कि सरकार कुछ क्षेत्रों में नाकाम रही है जिसमें भ्रष्टाचार से लड़ने में असफलता प्रमुख है.
हू जिंताओ का कहना था कि पार्टी का 'अस्तित्व' इस बात पर निर्भर करता है कि भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों को कितनी 'दृढ़ता से सज़ा' दी जाती है.
उन्होंने एक बार फिर यह चेतावनी दी कि ताइवान की औपचारिक स्वतंत्रता की किसी भी तरह की कोशिश को चीन बर्दाश्त नहीं करेगा.


'अमीर-ग़रीब के बीच खाई'

हर पाँच साल बाद होने वाली कम्यूनिस्ट पार्टी कांग्रेस चीन में सबसे प्रमुख राजनीतिक घटना होती है. सात दिन तक चलने वाले इस अधिवेशन में अगले पाँच साल का राजनीतिक एजेंडा भी पारित होता है.
उनका कहना है कि वे इस ओर संकेत भी देंगे कि वर्ष 2012 में कौन से नेता पार्टी में आगे आ सकते हैं.
हू जिंताओ का कहना था, "पार्टी का जनाधार और उसका अस्तित्व ही दृढ़ता से भ्रष्ट लोगों को सज़ा देने और भ्रष्टाचार को रोक पाने पर निर्भर है."
हू ने माना कि चीन में अमीर और ग़रीब के बीच की खाई बढ़ रही है और पार्टी को यह सुनिश्चित करना होगा कि चीन की संपदा ज़्यादा समान रूप से लोगों के बीच बँटे.
उन्होंने कहा, "अभी भी बड़ी सँख्या में ग़रीब और कम आय वाले लोग शहरी और ग्राम्रीण दोनों क्षेत्रों में रहते हैं. सभी लोगों के हितों का ध्यान रख पाना और मुश्किल हो गया है."




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Webinfosys's Hindi News : चरमपंथ दोबारा नहीं पनप सकता: बादल

भारत में पंजाब राज्य के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने लुधियाना में हुए बम धमाके के सिलसिले में ज़ोर देकर कहा है कि राज्य में चरमपंथ के दोबारा पनपने की कोई संभावना नहीं है.

रविवार की रात पंजाब के लुधियाना शहर के एक सिनेमाघर में हुए धमाके में छह लोग मारे गए और 35 अन्य घायल हो गए. इसके बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
पंजाब के पुलिस महानिदेशक एनपीएस ऑलक ने बताया था कि राज्य में सुरक्षाबलों को अलर्ट कर दिया गया है. उन्होंने ऐसी संभावना व्यक्त की थी कि यह एक चरमपंथी घटना हो सकती है.

उधर केंद्रीय गृह मंत्री मधुकर गुप्ता का कहना है कि स्थानीय प्रशासन और जनता को भीड़-भाड़ वाली जगहों पर सतर्क रहना चाहिए और सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम करने पड़ेंगे.

दूसरी ओर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा है कि केंद्र सरकार पंजाब सरकार से इस घटना पर विस्तृत रिपोर्ट आने का इंतज़ार कर रही है.


'जनसमर्थन ही नहीं'


सोमवार सुबह पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने लुधियाना का दौरा किया है और स्थानीय अस्पताल जाकर घायल लोगों से मुलाकात की है.

पत्रकारों के सवाल करने पर उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस घटना से कतई ये संकेत नहीं मिलता कि पंजाब में चरमपंथ दोबारा पनप सकता है या इसकी कोई संभावना है.
उनका कहना था, "चरमपंथ के पनपने के लिए जन-समर्थन की ज़रूरत होती है लेकिन पंजाब में एक या फिर 0.5 प्रतिशत जनता भी ऐसा नहीं चाहती. पंजाब में चरमपंथ दोबारा पनप ही नहीं सकता."

मुआवज़ा


पंजाब के मुख्यमंत्री ने हर मृतक व्यक्ति के परिजन के लिए दो लाख रुपए के मुआवज़े की घोषणा की है.
उधर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से पहले ही हर मृतक व्यक्ति के परिजनों के लिए एक लाख रुपए और हर घायल व्यक्ति के लिए 50 हज़ार रुपए के मुआवज़े की घोषणा की जा चुकी है.
जब सिनेमा हॉल में धमाका हुआ तब वहाँ भोजपुरी फ़िल्म 'जनम जनम का साथ' दिखाई जा रही थी.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फ़िल्म देखने वाले अधिकतर लोग भोजपुरी बोलने-समझने वाले बिहार-उत्तर प्रदेश के लोग थे.
पंजाब के उद्योग का केंद्र कहे जाने वाले लुधियाना शहर में लगभग बीस लाख लोग बिहार और उत्तर प्रदेश से हैं जो विभिन्न कारखानों में काम करते हैं.
पंजाब में जब 1980 और 90 के दशक में चरमपंथी सक्रिय थे तब कुछ गुटों और कट्टरपंथी नेताओं ने स्थानीय लोगों और अन्य राज्यों से पंजाब आकर काम करने वाले लोगों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश की थी लेकिन ये कोशिशें नाकाम रही थीं.




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Saturday, October 13, 2007

Webinfosys's HIndi News : बयानों में नरमी से वामपंथी उत्साहित

वामपंथी दलों ने भारत अमरीका परमाणु समझौते पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ताज़ा बयानों को गठबंधन धर्म की बहाली का संकेत बताया है और कहा है कि ये देश के लिए अच्छा है.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एबी बर्द्धन ने हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप सम्मेलन में परमाणु समझौते पर इन नेताओं के संकेतों पर कहा कि विरोधी दृष्टिकोणों के बीच संवाद और एक दूसरे के दृष्टिकोण के प्रति सहिष्णुता और सम्मान की भावना गठबंधन राजनीति की अनिवार्यता है.

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि समझौता न होने से उन्हें निराशा तो होगी लेकिन यह अंत नहीं है.

जबकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने समझौते पर वामदलों के विरोध को ग़ैरवाजिब मानने से इनकार किया और उनके साथ सामंजस्य बिठाने की ज़रुरत बताई.

मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी दोनों ने मध्यावधि चुनावों की अटकलों पर कहा है कि सरकार को कोई ख़तरा नहीं है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्हें यकीन है कि उनकी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी.

प्रधानमंत्री ने कहा, " चुनाव अभी दूर हैं. सरकार का कार्यकाल पूरा होने में अभी डेढ़ साल का वक़्त है. मैं उम्मीद करता हूँ कि सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी."

मनमोहन सिंह ने कहा, " हमारी सरकार सिर्फ़ एक मुद्दे भर की नहीं है. अगर समझौता नहीं हुआ तो यह निराशानजक होगा. लेकिन जीवन में व्यक्ति ऐसी निराशाओं के साथ जीता है और फिर आगे बढ़ जाता है."

सोनिया गांधी ने भी मध्यावधि चुनावों की संभावना को नकार दिया.




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Webinfosys's Hindi News : 'अजमेर की घटना के तार सरहद तक पहुँच रहे हैं'

भारत के गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है कि अजमेर स्थित ख़्वाज़ा ग़रीब नवाज़ की दरगाह पर हुए विस्फोट के तार सरहद तक पहुँच रहे हैं.

शिवराज पाटिल गुरुवार को अजमेर की दरगाह में विस्फोट के बाद की स्थितियों का जायज़ा लेने के लिए अजमेर पहुँचे हुए हैं.

उन्होंने कहा, "पुलिस को काफ़ी कुछ मालूमात हासिल हुई है पर इसे सार्वजनिक रूप से बताने का यह सही समय नहीं है. अगर सबकुछ बता दिया गया तो अपराधी छिप जाएंगे. मुझे इस बारे में जाँच अधिकारियों ने जानकारी दी है. घटना के तार सरहद तक पहुँच रहे हैं."

शिवराज पाटिल ने कहा कि जाँचकर्ताओं को काफ़ी सुराग मिले हैं पर पूरी स्थिति स्पष्ट होने तक कोई भी बात कहना उचित नहीं है.

उन्होंने बताया कि दरगाह के मुआयने के दौरान उन्होंने कई आला अधिकारियों और जाँचकर्ताओं से पूरी जानकारी हासिल की है.

गुरुवार को अजमेर स्थित ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ की दरगाह पर हुए एक विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई थी और क़रीब 14 लोग घायल हो गए थे.

सुरक्षा की चिंता

शिवराज पाटिल ने कहा कि यह दरगाह केवल राजस्थान के ही नहीं, देश और दुनिया के कई दूसरे देशों के लोगों के लिए भी ख़ासी महत्व की है और देश के अन्य राज्यों के अलावा पड़ोसी देशों से भी कई लोग यहाँ जियारत करने आते हैं.

ऐसे में इस दरगाह की सुरक्षा को लेकर ख़ासतौर पर रणनीति तैयार करने की ज़रूरत है. इसके लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को मिलकर एक रणनीति पर काम करना होगा.

गृहमंत्री ने कहा कि देश में एक प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो बाक़ी के 99 प्रतिशत लोगों के ख़िलाफ़ जाना चाहते हैं पर वे ऐसा नहीं कर सकते हैं.

उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में आतंक फैलाना चाहते हैं पर देश और राज्य की सरकारें और आम लोग ऐसा नहीं होने देंगे.

शनिवार की सुबह शिवराज पाटिल ने दरगाह परिसर में विस्फोट की जगह और उससे हुई क्षति का जायज़ा लिया.

इसके बाद वो अस्पताल में भर्ती घायलों का हालचाल पूछने के लिए अस्पताल के लिए रवाना हो गए. शिवराज पाटिल की दरगाह में मौजूदगी के दौरान दर्शन करने वालों को बाहर रोक दिया गया था.

जाँच में प्रगति

उधर राज्य सरकार के गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जाँच में प्रगति हुई है और जल्द ही इस घटना से जुड़े सबूतों के आधार पर किसी नतीजे पर पहुँचा जा सकेगा.

राज्य सरकार की ओर से फोरेंसिक टीम के सदस्य और पुलिस विभाग के आला अधिकारी इस विस्फोट की गुत्थी सुलझाने में लगे हुए हैं.

गृह विभाग के अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि मामले की जाँच सही दिशा में आगे बढ़ रही है पर अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

अधिकारियों का कहना है कि जो सबूत अभी तक हासिल हुए हैं उनको एक-दूसरे से जोड़कर देखा जा रहा है और इसके आधार पर मामले की गुत्थी सुलझाने की कोशिश की जा रही है.

इस बीच रविवार को भारत में ईद के मद्देनज़र देश के कई प्रमुख शहरों की सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त रखने की हिदायत दी गई है.




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Webinfosys's Hindi News : मिसाइल कार्यक्रम का जवाब देगा रूस

रूस के कड़े शब्दों में कहा है कि अगर युरोप में अमरीका मिसाइल रोधी कार्यक्रम जारी रखता है तो इसके जवाब में रूस भी आवश्यक क़दम उठाएगा.

मास्को में इस संबंध में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हो रही थी जो कि बिना किसी नतीजे के कटुता के साथ ख़त्म हो गई.

रूस की ओर से ताज़ा टिप्पणी तब की गई जब अमरीका ने रूस की इस माँग को सिरे से खारिज कर दिया कि अमरीका यूरोप में अपने प्रस्तावित मिसाइल रोधी कवच बनाने के कार्यक्रम को वापस ले ले.

ग़ौरतलब है कि अमरीका यूरोप के पोलैंड और चेक गणराज्य में अपनी मिसाइल सुरक्षा प्रणाली स्थापित करना चाहता है लेकिन रूस इसका विरोध कर रहा है.

अमरीका का कहना है कि यह कवच रूस को ध्यान में रखकर नहीं बनाया जा रहा है पर रूस का कहना है कि अमरीका के इस तर्क पर विश्वास नहीं किया जा सकता कि ऐसा ईरान को ध्यान में रखकर किया जा रहा है.

'फिलहाल टालें कार्यक्रम'

रूस के विदेशमंत्री सरगई लवरोव ने अमरीकी अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे इस योजना को तबतक लंबित रखे जबतक कि इस योजना के सभी पहलुओं पर पूरी तरह से विचार नहीं कर लिया जाता.

उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि अमरीका के मिसाइल रोधी कवच को लेकर दोनों ओर के अधिकारी जबतक बात कर रहे हैं तबतक के लिए इस मिसाइल रोधी कार्यक्रम को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाए."

दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत के मद्देनज़र अमरीकी रक्षामंत्री रॉबर्ट गेट्स और अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस रूस की राजधानी मास्को में थे.




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Friday, October 12, 2007

Webinfosys's Hindi News : श्रीनगर में मुठभेड़ ख़त्म, चरमपंथी ढेर

भारत प्रशासित कश्मीर के श्रीनगर में चरमपंथियों और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के बीच मुठभेड़ शुक्रवार की सुबह ख़त्म हो गई.


सेना और चरमपंथियों के बीच चले 10 घंटे लंबे संघर्ष में दोनों चरमपंथी मारे गए हैं. सेना के तीन जवान भी घायल हो गए हैं.
गुरुवार को भारतीय प्रशासित कश्मीर के श्रीनगर में चरमपंथियों ने केंद्रीय रिज़र्व पुलिस के एक शिविर पर आत्मघाती हमला कर दिया था.
देर रात तक चली मुठभेड़ के बाद एक चरमपंथी मारा गया था जबकि दूसरा चरमपंथी सुबह की मुठभेड़ के बाद मारा जा सका.
यह हमला श्रीनगर के शेरे कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन कॉम्पलेक्स के पास हुआ जहाँ राज्य के मुख्यमंत्री गुलाम नबी आज़ाद ने इफ़्तार की दावत का आयोजन किया था.
ऐसा लग रहा था कि इस ऑपरेशन में सेना को और भील ज़्यादा वक्त लग सकता है पर सेना ने शुक्रवार की सुबह अपना कोई नुकसान किए बिना दूसरे चरमपंथी को भी मार दिया.


चरमपंथी


अभी तक जो दस्तावेज़ इन चरमपंथियों के पास से बरामद हुए हैं उनसे इनके नाम और बाकी मालूमात हासिल हो गई है.
अनुमान लगाया जा रहा है कि ये शेरे कश्मीर या लश्करे-तैयबा जैसे किसी चरमपंथी संगठन के हो सकते हैं.
ग़ौरतलब है कि राज्य में युनाइटेड जेहाद काउंसिल की ओर से तीन दिन के संघर्ष विराम की घोषणा की गई थी जो शुक्रवार से प्रभावी हो रही है.
हालांकि इस काउंसिल में लश्करे-तैयबा और शेरे कश्मीर जैसे कुछ चरमपंथी संगठन शामिल नहीं हैं.




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Webinfosys's Hindi News : अजमेरः पूछताछ जारी, निष्क्रिय किया गया विस्फोटक

गुरुवार को अजमेर में ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में हुए धमाके के बाद पुलिस ने आधा दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है.


इसके अलावा तलाशी के दौरान दरगाह परिसर से बरामद विस्फोटक डिवाइस को भी जाँचकर्ताओं ने निष्क्रिय कर दिया है.
उधर दरगाह के नाजिम अहमद रज़ा ने बीबीसी को बताया है कि दरगाह परिसर में 16 क्लोज़ सक्रिट कैमरे लगे हुए हैं जिनकी मदद ली जा सकती है.
हालांकि पुलिस का कहना है कि इस बात की उम्मीद कम ही है कि इन कैमरों से कुछ रिकॉर्ड हुआ होगा क्योंकि इनके कुछ तार क्षतिग्रस्त हैं.
उधर राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अनौपचारिक तौर पर बताया कि जाँच का काम सही दिशा में जा रहा है और जल्द ही इस बात का पता लगा लिया जाएगा कि इस हमले के पीछे किसका हाथ है.
उन्होंने बताया कि जाँचकर्ताओं को इस घटना से संबंधित कुछ पुख़्ता सबूत मिले हैं.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फोरेंसिक टीम के विशेषज्ञ अबतक मिले सबूतों के आधार पर जाँच का काम कर रही है.


पूछताछ


पुलिस का कहना है कि लोगों को शुरुआती पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है ताकि घटना के बारे में ज़्यादा जानकारी मिल सके.
हालांकि पुलिस की ओर से अभी इस बारे में कुछ भी नहीं बताया गया है कि इन लोगों में से कोई विस्फोट में शामिल था या नहीं.
गुरुवार को दरगाह में हुए विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई थी और ढाई दर्जन लोग घायल हो गए थे.

पुलिस ने दरगाह परिसर की तलाशी के दौरान कुछ धातु के टुकड़े और कुछ मोबाइल के टुकड़े बरामद किए हैं.
जाँच अधिकारी इन चीजों को जोड़कर घटना के तार खोजने की कोशिश कर रहे हैं.
इस बीच परिसर की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) को सौंप दी गई है और चप्पे-चप्पे पर सीमा सुरक्षा बल के जवान तैनात हैं.


जाँच में तेज़ी


राज्य के गृहमंत्री और पुलिस प्रमुख समेत कई आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और जल्द से जल्द इस बात की तहक़ीकात करने की कोशिश की जा रही है कि इन धमाकों के पीछे किसका हाथ था.
पुलिस को यह भी संदेह है कि हमले को अंजाम देने वाला व्यक्ति शायद बाहर का था और कम अनुभवी था.
कुछ अधिकारियों का मानना है कि हमला जिस जगह और जिस तैयारी के साथ किया गया, उससे लगता है कि हमलावर को इस जगह और विस्फोटक के बारे में ज़्यादा मालूमात नहीं थी.
उधर दरगाह में हुए धमाके के बाद देशभर में कई प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा कड़ी कर दी है. केंद्र सरकार ने त्योहारों के मद्देनज़र देश भर में अलर्ट घोषित कर दिया था.
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दरगाह पर हुए धमाकों की जाँच के आदेश दे दिए हैं.
साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को पाँच पाँच लाख रुपए देने और घायलों को एक एक लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की है.




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Thursday, October 11, 2007

Webinfosys's Khel-kud Ki News : भारत की पारी 148 रनों पर सिमटी

वडोदरा में ऑस्ट्रेलिया के साथ खेले जा रहे पाँचवे एकदिवसीय मैच में ख़राब शुरुआत के बाद भारतीय पारी संभल ही नहीं सकी और आख़िर 40वें ओवर में 148 रनों के योग पर सिमट गई.


29 ओवरों में भारत ने सिर्फ़ 107 रन बनाए थे और उसके नौ खिलाड़ी आउट हो चुके थे. आख़िरी विकेट की साझेदारी में ज़हीर ख़ान और आरपीसिंह ने मिलकर 41 रन जोड़े.
सचिन और पठान ने थोड़े समय तक पारी को संभालने की कोशिश की थी लेकिन वह भी बहुत टिकाऊ साबित नहीं हुई.
ऑस्ट्रेलिया का ओर से जॉनसन ने शानदार गेंदबाज़ी की और 10 ओवरों में 26 रन देकर पाँच विकेट लिए.
विकेट कीपर गिलक्रिस्ट ने और भी शानदार प्रदर्शन करते हुए छह विकेट लपके.
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का निर्णय लिया था.
ऑस्ट्रेलिया के साथ सात वन डे मैचों की सीरिज़ में ऑस्ट्रेलिया 2-1 से आगे है जबकि एक मैच बारिश के कारण बेनतीजा रहा था.


ख़राब शुरुआत


भारत ने पहले ही ओवर में दो विकेट खो दिए थे इसके बाद चौथे ओवर में तीसरा और सातवें ओवर में चौथा विकेट गिर चुका था.
जब चौथा विकेट गिरा तब टीम का स्कोर था 33 रन और पाँचवा विकेट 43 रनों के स्कोर पर गिरा.

भारत को पहले ही ओवर में दो झटके लगे. सौरव रन आउट हुए तो द्रविड़ एलबीडब्लू. जो पाँच रन भारत के खाते में तब तक थे वे अतिरिक्त रनों के थे.
ब्रेट ली की चौथी गेंद पर सौरव रन लेना चाहते थे और वे आधी दूरी पार भी कर चुके थे लेकिन सचिन ने कुछ क़दम बढ़ाने के बाद उन्हें लौटने का इशारा किया लेकिन वे क्रीज़ तक पहुँच ही नहीं सके और हॉग के थ्रो पर गिलक्रिस्ट ने स्टंप उड़ाने में कोई ग़लती नहीं की.
इसके बाद आए द्रविड़ पहली ही गेंद में एलबीडब्लू आउट हो गए.
सचिन के साथ युवराज सिंह दबाव में आगे खेलना शुरु किया. लेकिन चौथे ओवर में जॉनसन की गेंद पर एक ख़राब शॉट लगाते हुए युवराज सिंह विकेटकीपर गिलक्रिस्ट को कैच थमा बैठे.
इसके बाद रॉबिन उथप्पा सचिन के साथ पारी कों संभालने आए. दोनों के बीच अभी 21 रनों की पार्टनरशिप ही हुई थी कि उथप्पा एलबीडब्लू आउट हो गए.
सातवें ओवर की पहली गेंद पर जॉनसन ने भारत का चौथा विकेट झटक लिया.
इसके बाद मैदान पर आए कप्तान धोनी से उम्मीदें थीं लेकिन दसवें ओवर की तीसरी गेंद पर जॉनसन की गेंद पर वे भी गिलक्रिस्ट को कैच थमा बैठे. वे टीम के लिए चार रन ही जुटा सके.


साझेदारी


धोनी के आउट होने के बाद इरफ़ान पठान मैदान में आए.
पठान ने सचिन के साथ मिलकर भारतीय पारी को संभालने की कोशिश की और धीमी गति से रन बनाते हुए टीम का स्कोर 92 रनों तक पहुँचाया.
लेकिन 26वें ओवर में ब्रेट ली की गेंद पर सचिन को एक बार फिर गिलक्रिस्ट ने लपक लिया. सचिन ने 47 रन बनाए.

इसके अगले ही ओवर में हरभजन सिंह को हॉग की गेंद पर ब्रैकेन ने कैच आउट कर दिया.
क्रिज़ पर टिके अपने हीरो पठान पर वडोदरा के दर्शकों की नज़र थी लेकिन जॉनसन की गेंद ने फिर कमाल दिखाया और पठान के बल्ले से लगती हुई गेंद एक बार फिर गिलक्रिस्ट के हाथों में चली गई.
तब तक पठान 26 रन जोड़ सके थे.
पठान और सचिन ने मिलकर टीम के लिए 49 रन जोड़े.
अभी भारतीय टीम आठवें विकेट के झटके से उबरी नहीं थी कि 29वें ओवर में जॉनसन की गेंद ने मुरली कार्तिक को शिकार बनाया. गिलक्रिस्ट ने एक बार फिर विकेट के पीछें कैच लपका.
भारतीय पारी को संभालने वाली और अच्छी कही जा सकने वाली साझेदारी अंतिम जोड़ी ज़हीर ख़ान और आरपी सिंह ने निभाई.
दोनों ने 10 ओवर तक पिच पर रहे और टीम के लिए 41 रन जोड़े.
ज़हीर ख़ान ने 28 महत्वपूर्ण रन बनाए जिसमें दो छक्के शामिल थे. आरपी सिंह ने 12 नाबाद रन बनाए.
यह मैच मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का 400 वाँ एकदिवसीय मैच था. इसके साथ ही वे इतने एकदिवसीय मैच खेलने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी हो गए हैं.
इससे पहले श्रीलंका के सनत जयसूर्या एकमात्र ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने 400 वनडे मैच खेले हैं.




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Webinfosys's Hindi News : बर्मा में बढ़े अफ़ीम उत्पादन पर चिंता

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में बर्मा में अफ़ीम के उत्पादन में अचानक हुई वृद्धि और अफ़ीम की खेती के अपराधियों के हाथों में चले जाने पर चिंता ज़ाहिर की गई है.


नशीली दवा और अपराध पर काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की इस इकाई (यूएनओडीसी) का कहना है कि अफ़ीम उत्पादन में भ्रष्टाचार भी शामिल हो गया है और बड़े अधिकारियों की साँठगाँठ भी जुड़ गई है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि थाईलैंड, लाओस और बर्मा में अफ़ीम की खेती में पिछले कुछ सालों में काफ़ी कमी आई थी लेकिन बर्मा में एक बार फिर इसमें बढ़ोत्तरी हो रही है.
उल्लेखनीय है कि थाईलैंड, लाओस और बर्मा को नशीली दवाओं के स्वर्णिम त्रिभुज के रुप में जाना जाता था.
संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट पर फ़िलहाल बर्मा के सैन्य शासकों की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है.


चिंता


पिछले वर्षों में नशीली दवाओं के खिलाफ़ चलाए गए अभियानों के कारण थाईलैंड, लाओस और बर्मा में अफ़ीम का उत्पादन बहुत कम हुआ है.
लेकिन अभी भी बर्मा दुनिया का दूसरे नंबर का सबसे बड़ा अफ़ीम उत्पादक है.
इस समय सबसे अधिक अफ़ीम का उत्पादन अफ़ग़ानिस्तान में होता है. अनुमान है कि दुनिया का 90 प्रतिशत अफ़ीम अफ़ग़ानिस्तान में ही पैदा होता है.
इस समय दक्षिण-पूर्वी एशिया में सिर्फ़ पाँच प्रतिशत अफ़ीम का उत्पादन होता है.
यूएनओडीसी की ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि बर्मा में अफ़ीम की खेती में 29 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है लेकिन अच्छी खेती होने के कारण नशीली दवा का उत्पादन 46 प्रतिशत बढ़ गया है.
यूएनओडीसी के कार्यकारी निदेशक एंटोनियो मारियो कोस्टा का कहना है, "भ्रष्टाचार, ऊँचे स्तर पर मिलिभगत और सीमा पर कमज़ोर निगरानी के चलते बर्मा में नशीली दवाओं का व्यापार बढ़ा है."
उन्होंने इससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर दिया है.




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Webinfosys's Hindi News : बेनज़ीर कुछ देर से ही लौटें: मुशर्रफ़

राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो को तब तक पाकिस्तान न लौटने की सलाह दी है जब तक सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति चुनाव पर फ़ैसला नहीं दे देता.


पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की प्रमुख बेनज़ीर भुट्टो ने अठारह अक्तूबर को पाकिस्तान लौटने की घोषणा की है.
उधर सुप्रीम कोर्ट में परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ मामला चल रहा है जिसमें उनके सेना अध्यक्ष रहते हुए राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने को चुनौती दी गई है.
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को राष्ट्रपति चुनाव में भारी बहुमत से जीत मिली है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण इस जीत की अधिकृत घोषणा नहीं हुई है.
इससे पहले परवेज़ मुशर्रफ़ और बेनज़ीर भुट्टो के बीच एक समझौते की घोषणा हो चुकी है जिसके तहत बेनज़ीर भुट्टो सहित सभी राजनेताओं के ख़िलाफ़ 1986 से 1999 के बीच लगे सभी भ्रष्टाचार के आरोप वापस लिए जाने हैं.


सलाह


पाकिस्तान के एक निजी टेलीविज़न चैनल को बुधवार को दिए गए साक्षात्कार में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा, "बेनज़ीर को 18 अक्तूबर को पाकिस्तान नहीं लौटना चाहिए और उन्हें अपनी वापसी तब तक के लिए टाल देनी चाहिए जब सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति चुनाव पर अपना फ़ैसला नहीं दे दे."

उनका कहना था, "पहले हम अपनी मुश्किलों पर काबू पा लें फिर उन्हें लौटना चाहिए."
जब उनसे पूछा गया कि यदि बेनज़ीर से उनकी सलाह नहीं मानी तो क्या उन्हें गिरफ़्तार कर लिया जाएगा, तो उनका जवाब था, "सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है और हम क़ानून के मुताबिक़ ही कार्रवाई करेंगे."
हालांकि समाचार एजेंसियों ने ख़बर दी है कि बेनज़ीर भुट्टो ने अपने वापसी के कार्यक्रम में किसी भी तरह के परिवर्तन से इनकार करते हुए कहा है कि वे तय कार्यक्रम के अनुसार ही पाकिस्तान लौटेंगी.
जनरल मुशर्रफ़ ने कहा, "मैं सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के पहले शपथ नहीं लूँगा."
जब परवेज़ मुशर्रफ़ से पूछा गया कि यदि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला उनके पक्ष में नहीं आया तो वे क्या करेंगे, तो उन्होंने कहा, "जब अड़चन सामने आएगी तो उसका भी हल निकाल लिया जाएगा."




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