Monday, July 7, 2008

Webinfosys's Hindi News : गतिरोध के बीच मनमोहन की जापान यात्रा

जी-8 देशों का वार्षिक सम्मेलन सोमवार से जापान में शुरू हो रहा है। जी-8 के सदस्य देशों के अलावा भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी सोमवार को जापान रवाना हो रहे हैं।

भारतीय प्रधानमंत्री की इस यात्रा से पहले विदेश सचिव शिव शंकर मेनन ने जानकारी दी प्रधानमंत्री बुधवार को अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से भी मिलेंगे और परमाणु संधि के साथ ही कुछ दूसरे मुद्दों पर बातचीत करेंगे।

प्रधानमंत्री की जापान यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब प्रमुख वामपंथी दल सीपीएम केंद्र की यूपीए सरकार से लिखित रूप में पूछ चुका है कि क्या भारत सरकार आईएईए में परमाणु क़रार पर बातचीत करने जा रही है।

वामदलों ने इसके लिए केंद्र सरकार को सात जुलाई यानी सोमवार तक का समय दिया था। इससे पहले वामदल कह चुके हैं कि क़रार पर सरकार के आगे बढ़ने पर वे समर्थन वापस ले सकते हैं।

सोमवार को जापान के लिए निकलने से पहले प्रधानमंत्री ने एक लिखित बयान में कहा है कि भारत जी-8 सम्मेलन में एक बड़े वैश्विक संदर्भ के साथ बातचीत करने वाला है।

उन्होंने कहा कि इस दौरान भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था, विकास, व्यापार, तकनीक के आदान-प्रदान, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत करेगा।

जी-8 के सवाल

जी-8 के बाहर से भारत के अलावा चीन, ब्राज़ील, मैक्सिको और दक्षिण अफ़्रीका को भी बैठक में बुलाया गया है और इनके साथ भी अलग अलग मुद्दों पर बातचीत होनी है।

जापान में जी-आठ के प्रमुख मुद्दों में खाद्य और तेल के बढ़ती कीमतें, अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता, पर्यावरण संकट और ज़िम्बाब्वे में चल रहे राजनीतिक विवाद शामिल हैं।

सम्मेलन में शामिल आठ देशों में ब्रिटेन, कनाडा, फ़्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, रूस और अमरीका हैं। चीन, भारत और दक्षिण अफ़्रीका इस सम्मेलन में शामिल होने वाले अन्य देश हैं।

जापानी अधिकारियों ने पिछले साल कहा था कि सम्मेलन का मुख्य विषय जलवायु परिवर्तन पर आधारित होगा जिसमें क्योटो संधि के अनुसार ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन पर कमी करने के लिए समझौता किया जाएगा।

माना भी यही जा रहा है कि सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन का मुद्दा प्रमुख होगा। हालांकि इस मसले पर बातचीत के दौरान ज़्यादा ध्यान तेल और खाद्यान्न के बढ़ते दामों पर केंद्रित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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