कड़ी सुरक्षा के बीच नेपाल में संविधानसभा के चुनाव के लिए मतदान जारी है।
गुरुवार को नेपाल के समयानुसार सुबह सात बजे से संविधान सभा के लिए मतदान शुरू हुआ।
संविधान सभा की कुल 601 सीटों में से 240 पर सीधा चुनाव हो रहा है जबकी 335 सीटों पर समानुपातिक प्रणाली के आधार पर चयन होगा।
सुबह-सुबह मतदान केंद्र पर वोट डालने वालों की संख्या कुछ कम देखी गई।
लेकिन, जैसे-जैसे दिन चढ़ रहा है लोग अपने मताधिकार का उपयोग करने मतदान केंद्र पहुँच रहे हैं।
मतदान को लेकर उत्साह
लोग पूरे उत्साह के साथ सज-धज कर मतदान करने पहुँच रहे हैं।
काठमांडु के नंदकिशोर महादेव मंदिर इलाक़े के एक मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुँचे लोगों की कतार सड़क के दूसरे सिरे तक पहुँच ग ाद में प्रशासन को लोगों को व्यवस्थित करना पड़ा ताकि सड़क पर आने-जाने वालों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
मतदान केंद्रों पर पुरुषों से ज़्यादा तादाद महिलाओं की देखी जा रही है।
मतदान केंद्रों पर सभी राजनीतिक दल पूरे उत्साह से मतदाताओं को पर्चियाँ बनाकर दे रहे हैं.
नेपाल में चुनाव भारत की तरह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से नहीं हो रहे हैं.
बल्कि, इसके लिए काग़ज़ के मतपत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है.
मतदान केंद्र पर सज-धज कर पहुँची एक महिला ने कहा, "एक नया सुंदर नेपाल बनेगा। ये चुनाव हमारे लिए कुछ अच्छा लेकर आएगा।"
एक दूसरी महिला ने कहा, "किसी तरह का कोई डर कोई भय नहीं है। हमें अपनी जान की ज़रा भी परवाह नहीं है। हम नेपाल के लिए वोट डालने आए कुछ मतदान केंद्रों पर तनाव है लेकिन अब तक मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीक़े से हो रहा है।
इस मतदान पर नज़र रखने के लिए दुनिया भर से लगभग एक हज़ार पर्यवेक्षक नेपाल के अलग-अलग हिस्सों मे पहुंचे हैं।
इन पर्यवेक्षकों में अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर भी शामिल हैं। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त भी नेपाल के चुनाव देखने पहुंचे हैं।
प्रशासन ने निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव के लिए लगभग डेढ़ लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं।
सुरक्षाकर्मियों ने कुछ माओवादी कार्यकर्ताओं और उन मधेशी संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं को भी गिरफ़्तार किया है जो चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं।
ऐतिहासिक हैं चुनाव
नेपाल में हो रहे संविधानसभा के चुनाव को ऐतिहासिक माना जा रहा है।
माओवादियों के मुख्यधारा में लौटने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होने के कारण इस चुनाव को ऐतिहासिक माना जा रहा है।
माओवादी नेता प्रचंड ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वो चुनाव परिणाम को सम्मानपूर्वक स्वीकार करेंगे।
चुनाव से एक दिन पहले पुलिस ने नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी के सात कार्यकर्ताओं को गोली मार दी।
दूसरी ओर नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार ऋषिप्रसाद शर्मा की अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी।
लेकिन हिंसा की खबरों के बीच विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की है।
माओवादी नेता पुष्पकमल दहल प्रचंड ने अपने कार्यकर्ताओं से किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने को कहा है.कुछ मतदान केंद्रों पर तनाव है लेकिन अब तक मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीक़े से हो रहा है।
इस मतदान पर नज़र रखने के लिए दुनिया भर से लगभग एक हज़ार पर्यवेक्षक नेपाल के अलग-अलग हिस्सों मे पहुंचे हैं।
इन पर्यवेक्षकों में अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर भी शामिल हैं। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त भी नेपाल के चुनाव देखने पहुंचे हैं।
प्रशासन ने निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव के लिए लगभग डेढ़ लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं।
सुरक्षाकर्मियों ने कुछ माओवादी कार्यकर्ताओं और उन मधेशी संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं को भी गिरफ़्तार किया है जो चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं।
ऐतिहासिक हैं चुनाव
नेपाल में हो रहे संविधानसभा के चुनाव को ऐतिहासिक माना जा रहा है।
माओवादियों के मुख्यधारा में लौटने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होने के कारण इस चुनाव को ऐतिहासिक माना जा रहा है।
माओवादी नेता प्रचंड ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वो चुनाव परिणाम को सम्मानपूर्वक स्वीकार करेंगे।
चुनाव से एक दिन पहले पुलिस ने नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी के सात कार्यकर्ताओं को गोली मार दी।
दूसरी ओर नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार ऋषिप्रसाद शर्मा की अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी।
लेकिन हिंसा की खबरों के बीच विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की है।
माओवादी नेता पुष्पकमल दहल प्रचंड ने अपने कार्यकर्ताओं से किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने को कहा है।
उधर नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के नेता माधव नेपाल ने भी अपने कार्यकर्ताओं से धैर्य से काम लेने को कहा है।
माओवादी नेता प्रचंड और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के नेता माधव नेपाल दो दो सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
संविधान सभा के पहले सत्र में नेपाल मे राजशाही समाप्त करने और देश को एक संप्रभु गणराज्य घोषित करने पर फ़ैसला किया जाएगा।

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