Wednesday, October 31, 2007

Webinfosys's Khel-kud Ki News : ग्लोबोस्पोर्ट का युवराज के साथ 100 करोड़ का करार

मुंबई (टीएनएन) : क्रिकटेर सिंह बहुत जल्द स्पोर्ट्स मार्केटिंग और सेलेब्रिटी मैनेजमेंट एजेंसी ग्लोबोस्पोर्ट के साथ लंबी अवधि का करार कर सकते हैं। महेश भूपति की कंपनी ग्लोबोस्पोर्ट इसके लिए युवराज सिंह को 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की रकम देगी।

हालांकि , ग्लोबोस्पोर्ट के वाइस प्रेसिडेंट अनिर्बान ब्लाह ने इस खबर की पुष्टि करने से इनकार कर दिया लेकिन सूत्रों के मुताबिक ग्लोबोस्पोर्ट का युवराज सिंह के साथ 6 साल का करार होना तय है।

ईकॉनमिक टाइम्स में 20 अक्टूबर को प्रकाशित खबर के मुताबिक परसेप्ट डी ' मार्क के साथ युवराज का 5 साल का करार खत्म हो चुका है। करार की औपचारिकता भारत-पाक सीरीज के बाद पूरी की जाएगी क्योंकि सब चाहते हैं कि सीरीज के दौरान युवराज का दिमाग इन बातों से अलग रहे। सूत्रों का यह भी कहना है कि सीग्राम्स और डॉनियर शूटिंग के विज्ञापनों की शूटिंग के दौरान ग्लोबोस्पोर्ट के अधिकारी भी युवराज के साथ थे।

ट्वेंटी 20 में शानदार प्रदर्शन के बाद एमआरएफ की नजर युवराज सिंह पर है। इससे पहले स्टीव वॉ और ब्रायन लारा एमआरएफ के ब्रांड ऐन्डॉर्स कर चुके हैं लेकिन ये दोनों ही क्रिकेटर अब रिटायर हो चुके हैं। उधर परसेप्ट डी ' मार्क का कहना है कि युवराज अब भी उनके साथ हैं क्योंकि युवराज के साथ करार न करने पर पहला फैसला उनका होगा। कंपनी के एमडी शैलेंद्र सिंह के मुताबिक , ' हम लोगों के अच्छे रिश्ते रहे हैं और इसे आगे भी जारी रखने के लिए बातचीत चल रही है। '

ऐसा भी कहा जा रहा है कि अगर युवराज ग्लोबोस्पोर्ट के साथ जाते हैं तो परसेप्ट डी ' मार्क को उनके साथ अदालत के बाहर कोई समझौता करना पड़ेगा। हालांकि सूत्रों के मुताबिक , युवराज को अपने साथ रखने के लिए परसेप्ट डी ' मार्क अदालत लड़ाई भी लड़ने के लिए तैयार है। इससे पहले जब जहीर खान ने परसेप्ट डी ' मार्क छोड़कर ग्लोबोस्पोर्ट का दामन थामा था तब भी कंपनी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।




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Webinfosys's HIndi News : 'कारण नहीं कि सरकार कार्यकाल पूरा न करे'

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव प्रकाश कारत ने कहा है कि 'प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ईमानदारी पर सवाल नहीं उठाया जा सकता...और...कोई कारण नहीं है कि सरकार अपना कार्यकाल पूरा न करे.'


प्रकाश कारत ने कोलकाता के अंग्रेज़ी अख़बार द टैलिग्राफ़ के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के बारे में ये टिप्पणी की है.
यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वाम दलों और यूपीए के बीच इस साल अगस्त से भारत-अमरीका परमाणु मुद्दे पर भीषण विवाद चल रहा है.
पिछले कुछ हफ़्तों से पर्यवेक्षक लगातार इस बारे में अटकले लगा रहे हैं कि वाम दलों की नाराज़गी के चलते केंद्र सरकार कब तक चलेगी. राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि ताज़ा टिप्पणी से यूपीए और वाम दलों के रिश्ते सुधरने के संकेत मिले हैं.
महत्वपूर्ण है कि मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत-अमरीका परमाणु समझौते को 'सम्मानजनक' बताया था और कहा कि ये न केवल भारत बल्कि परमाणु अप्रसार की दृष्टि से दुनिया के हित में है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था, "घरेलू स्तर पर कुछ दिक्कतें हैं और हम उन्हें सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं.''

'आम चुनाव जल्दी नहीं'

द टैलिग्राफ़ में छपे इंटरव्यू में कारत ने कहा है, "ये सच है कि परमाणु मुद्दे पर प्रधानमंत्री और वाम दलों के रुख़ में मूलभूत मतभेद रहे हैं. इस सहमति के भारत के लिए फ़ायदों पर उनकी धारणाएँ हैं. लेकिन हमारे मतभेदों का मतलब ये नहीं कि हम प्रधानमंत्री का सम्मान नहीं करते. उनकी ईमानदारी पर सवाल ही नहीं उठाया जा सकता."
कारत का ये भी कहना था कि ये राजनीतिक मुद्दा प्रधानमंत्री के किसी कथन या फिर व्यक्तिगत मतभेदों से नहीं बल्कि दलों के इस मुद्दे पर भिन्न रुख़ के कारण पैदा हुआ है.
उन्होंने स्पष्ट किया, "हमारा भी मत यही है कि आम चुनाव जल्द नहीं होने चाहिए. कोई कारण नहीं है कि यूपीए सरकार अपना कार्यकाल पूरा न करे. इस बारे में प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी के बयान की सराहना करनी चाहिए क्योंकि उन्होंने इसे - 'ये नहीं, तो कुछ नहीं' - ऐसा मुद्दा नहीं बनाया है."
कारत ने वर्ष 2004 के चुनावों के बाद यूपीए को समर्थन देने का सीपीएम के फ़ैसले को 'ज़रूरी और सही' बताया है.




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Webinfosys's HIndi News : न्यूक्लियर डील पर बीजेपी के रुख में नरमी?

नई दिल्ली : बीजेपी के नेता लालकृष्ण आडवाणी और पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलने जा रहे हैं। यह मुलाकात किस मुद्दे पर है, यह अभी साफ नहीं है लेकिन समझा जा रहा है कि वे न्यूक्लयर डील पर पार्टी के स्टैंड पर कोई नया पहलू रखेंगे।

हाल ही में पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर और भारत में अमेरिकी राजदूत मलफर्ड बीजेपी नेताओं से मिले थे और उन्हें न्यूक्लियर डील का समर्थन करने का आग्रह किया था।

बीजेपी और लेफ्ट पार्टियां भारत-अमेरिका न्यूक्लियर डील का शुरू से विरोध कर रही हैं। लेफ्ट के विरोध के चलते सरकार को इसे ठंडे बस्ते में डालने पर मजबूर होना पड़ा है। लेफ्ट के विरोध को उसके ऐंटी-अमेरिकी रुख के साथ जोड़ा जा रहा है लेकिन बीजेपी खुद को ऐंटी-अमेरिका नहीं दिखाना चाहती। हो सकता है, अपने पार्टी के रुख में बदलाव करते हुए बीजेपी इस करार को अपना सपोर्ट दे दे, हालांकि वह कुछ मांगें भी रख सकती है। बीजेपी नेताओं की यह मुलाकात दोपहर से पहले होने की संभावना है।




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Webinfosys's Hindi News : बर्मा की सेना में 'बच्चों की भर्ती'

एक अमरीकी मानवाधिकार संस्था का कहना है कि सेना में वयस्कों की कमी झेल रही बर्मा की सेना अब ज़बरदस्ती बच्चों को भर्ती कर रही है.

ह्यूमन राइट्स वॉच का कहना है कि बच्चों की उम्र 10 साल तक की है और उन्हें सेना में भर्ती के लिए या तो मारा-पीटा जाता है या फिर गिरफ़्तार करने की धमकी दी जाती है.
इससे पहले बर्मा ने कहा था कि वह बच्चों को सेना में भर्ती किए जाने से रोकने की दिशा में काम कर रही है.
ह्यूमन राइट्स वॉच ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है बर्मा की सेना में बच्चों की कथित भर्ती के लिए उसे और दंडित किया जाना चाहिए.

झूठे दस्तावेज़

ह्यूमन राइट्स वॉच की रिपोर्ट 'सोल्ड टू बी सोल्जर्स' में कहा गया है कि बर्मा की सेना में हज़ारों बच्चे हैं.
रिपोर्ट कहती है कि बर्मा की सेना का कोई 20 प्रतिशत 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों का है.
इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सेना के भर्ती दस्ते और सेना की ओर से तैनात असैनिक दलाल बच्चों को सार्वजनिक स्थल पर पकड़ रहे हैं. इन लोगों को सेना की ओर इनाम का लालच दिया गया है.
भर्ती के लिए बच्चों को मारा-पीटा जाता है या फिर उन्हें गिरफ़्तार करने का डर दिखाया जाता है.
कहा गया है कि दलाल बच्चों को सड़कों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड जैसी जगहों से उठाकर सेना के भर्ती कार्यालय में ले जाकर बेच देते हैं.
वैसे सेना में भर्ती की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष है. रिपोर्ट का दावा है कि सेना के अधिकारी नियमित रुप से दस्तावेज़ों में ग़लत जानकारियाँ भरते हैं और उनकी उम्र बढ़ाकर 18 दिखा दी जाती है.
रिपोर्ट में एक बच्चे के हवाले से कहा गया है कि उसे जब दूसरी बार सेना में भर्ती करने के लिए लाया गया तो उसे अपनी उम्र ग़लत बताने को कहा गया.
उसने कहा, "जब मैं 16 साल का था तो मुझे थप्पड़ मारकर कहा गया, तुम 18 साल के हो समझे, अपनी उम्र 18 बताओ."
"मैं वापस घर जाना चाहता था और यह बात मैंने उनसे कही थी लेकिन उन्होंने मना कर दिया."

अनदेखी

मानवाधिकार संस्था की रिपोर्ट में कहा गया है कि औसतन 18 हफ़्तों की ट्रेनिंग के बाद बच्चों को बटालियनों में भेज दिया जाता है.
उन्हें अक्सर सीधे युद्ध क्षेत्र में भी भेज दिया जाता है.
या फिर उन्हें गाँव और घर जलाने जैसे काम करने के लिए मज़बूर किया जाता है जो मानवाधिकार उल्लंघन के मामले हैं.
ह्यूमन राइट्स वॉच की पैरवीकार जो बेकर ने कहा, "सेना के पद भरने के लिए बर्मा सच में बच्चों की ख़रीदफ़रोख़्त कर रहा है."
उन्होंने कहा, "सरकार से वरिष्ठ जनरल बच्चों की इस ज़बरदस्ती भर्ती को बर्दाश्त करते रहते हैं और वे नियम तोड़ने वालों को सज़ा नहीं देते."
जो बेकर का कहना है कि सेना में काम करने की जो स्थिति है और जिस तरह कम तनख़्वाह मिलती है उसके चलते योग्य उम्मीदवार भी सेना में नहीं जाना चाहते.
उनका कहना है, "हाल ही में शांतिपूर्व प्रदर्शन कर रहे बौद्धभिक्षुओं के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई के बाद तो सरकार को सेना के लिए लोग मिलना और कठिन हो जाएगा."
सेना के अधिकारी मानते हैं कि लोग सेना छोड़कर जा रहे हैं.
उधर बर्मा सरकार का कहना है कि उसने सेना में बच्चों की भर्ती के मसले को देखने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है.
जो बेकर इस समिति को 'पाखंड' बताते हुए कहती हैं कि सरकार को इस मामले में सीधी कार्रवाई करनी चाहिए और सेना से बच्चों को हटाना चाहिए.
इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बर्मा में मानवाधिकार की स्थिति पर चिंता बढ़ती जा रही है.





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Tuesday, October 30, 2007

Webinfosys's Hinsi News : रावलपिंडी में 'आत्मघाती' हमला

पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर में सेना के मुख्यालय के पास हुए एक संदिग्ध आत्मघाती बम धमाके में कम से कम छह लोग मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं.


घटनास्थल से मिल रही जानकारी के मुताबिक मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.
सरकारी प्रवक्ता का कहना है कि एक व्यक्ति पुलिस नाके पर पैदल चलता हुआ आया और उसने धमाका कर दिया.
ताज़ा जानकारी के अनुसार मरने वालों में दो पुलिसकर्मी और एक साइकिल सवाल शामिल है.
इसके अलावा धमाके में आत्मघाती हमलावर भी मारा गया है.
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार धमाका राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के दफ़्तर से क़रीब ढाई किलोमीटर दूर सुरक्षा बलों के एक नाके पर हुआ.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के एक प्रवक्ता का कहना है कि वे सुरक्षित है.
हाल के महीनों में रावलपिंडी में होनी वाला ये तीसरा बम धमाका है.
एक अन्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि धमाका उस रास्ते में हुआ जिसका इस्तेमाल वरिष्ठ सैन्य अधिकारी करते हैं.
धमाका होने के बाद पूरे इलाक़े को घेर लिया है और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
संवाददाताओं का कहना है कि घटनास्थल पर कई अंबुलेंस पहुंच गई हैं और घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा है.
ये हमला ऐसे समय हुआ है जब दो हफ्ते पहले पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के निर्वासन से वतन लौटने के बाद उनके क़ाफिले पर कराची में हमला हुआ था जिसमें 130 से अधिक लोग मारे गए थे.
इससे पहले चार सितंबर को रावलपिंडी में ही दो आत्मघाती हमलावरों के हमले में 25 लोग मारे गए थे.




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Webinfosys's Hindi News : गुजरात दंगे: आठ को उम्रक़ैद

गुजरात में गोधरा के निकट वर्ष 2002 में दंगों के दौरान सात लोगों को ज़िंदा जलाने के आरोप में आठ लोगों को आजीवन कारावास और तीन लोगों को 3-3 साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.


इन लोगों पर हत्या के अलावा एक महिला से बलात्कार का भी आरोप साबित हुए है.
इस आरोप में गिरफ़्तार किए गए 40 लोगों में से 29 पर आरोप साबित नहीं हो सका है और उनको अदालत ने बरी कर दिया है.
लेकिन जिस परिवार के सदस्यों को मारा गया था, उसके मुखिया ने बीबीसी से कहा है कि यह सज़ा नाकाफ़ी है और वे इसके ख़िलाफ़ हाईकोर्ट में अपील करेंगे.


सज़ा


वरिष्ठ पत्रकार अजय उमठ के अनुसार घटना गोधरा के पास कलोल तालुका के ऐरल गाँव की है.
वहाँ 2002 में दो मार्च को एक ही परिवार के सात लोगों को ज़िदा जला दिया गया था. इनमें से पाँच महिलाएँ थीं.
आरोप था कि इनमें से एक महिला के साथ हत्या से पहले सामूहिक बलात्कार भी किया गया था.
पुलिस ने इस मामले में 40 लोगों को गिरफ़्तार किया था.
सुनवाई के बाद गोधरा के ज़िला अदालत ने इनमें से 29 लोगों को आरोप साबित न हो पाने की वजह से बरी कर दिया है.
शेष 11 में से आठ लोगों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है और शेष तीन को तीन-तीन साल क़ैद की सज़ा दी गई है.
जिन आठ लोगों को आजीवन कारावास की सज़ा हुई है उनमें से दो सरकारी कर्मचारी हैं.
चूँकि ये सभी लोग साढ़े चार साल तक जेल में ही थे इसलिए तीन-तीन साल की सज़ा पाए लोगों की सज़ा पूरी हो गई मान ली जाएगी.


असंतुष्ट


शेख़ फ़िरोज़ भाई उस परिवार के मुखिया हैं जिसने अपने सात सदस्यों को दंगे में खो दिया.
उनकी पत्नी, बेटी, भाँजी, माँ-बाप और नाना-नानी को दंगाइयों ने ज़िंदा जला दिया था.
पेशे से ड्राइवर फ़िरोज़ उस समय घर पर नहीं थे इसलिए वे बच गए. उनकी मामी भी इस हमले में बच गईं थीं क्योंकि वे खेतों में काम कर रही थीं.
अदालत के फ़ैसले के बाद बीबीसी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि दोषियों को दी गई सज़ा अपर्याप्त है और कुछ दोषी लोगों को बरी कर दिया गया है.
उन्होंने कहा, "चार लोगों ने बलात्कार किया था और उनमें से एक व्यक्ति को बरी कर दिया गया है."
फ़िरोज़ ने कहा है कि वे इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करने हाईकोर्ट जाएँगे.




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Monday, October 29, 2007

Webinfosys's Hindi News : सोनिया शंघाई के नए कम्युनिस्ट पार्टी प्रमुख से मिलीं

शंघाई (भाषा): कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी चीन के व्यवसायिक केंद्र शंघाई के कम्युनिस्ट पार्टी के नए सचिव से मुलाकात करने वाली पहली विदेशी नेता बन गई हैं। सोनिया ने शंघाई म्युनिसिपल कमेटी के नए सचिव यू जेंगशेंग से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण पद पर जेंगशेंग की नियुक्ति शनिवार को की गई है।


यू ने सोनिया से कहा कि इस नए पद पर मैं सिर्फ 2 दिनों से ही काबिज हूं। 5 दिवसीय दौरे के समापन पर यू से मिलने वाली सोनिया पहली विदेशी नेता हैं। सोनिया चीन के राष्ट्रपति हू चिंताओ को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना का महासचिव दोबारा नियुक्त किए जाने के बाद उनसे भी मिलने वाली पहली विदेशी नेता हैं।




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Webinfosys's Khel-kud Ki News : सिडोन्स होंगे बांग्लादेश क्रिकेट टीम के अगले कोच

ढाका (रॉयटर्स): ऑस्ट्रेलिया के जैमी सिडोन्स ने बांग्लादेश क्रिकेट टीम का कोच बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि सिडोन्स ने बांग्लादेश क्रिकेट टीम के कोच बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है।


43 वर्षीय सिडोन्स अनुबंध को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को ढाका पहुंचेंगे। सिडोन्स के हवाले से कहा गया है कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैंने बीसीबी का बांग्लादेश क्रिकेट टीम के कोच बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है।


गौरतलब है कि बांग्लादेश ने पिछले सप्ताह ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज जान डायसन का वेस्टइंडीज टीम के कोच का पद संभालने पर क्षोभ और आश्चर्य व्यक्त किया था। डायसन को सिडोन्स और जिम्बाब्वे के डेव हॉटन के साथ बांग्लादेश क्रिकेट टीम का कोच बनाने के लिए 3 नामों में शामिल किया गाय था।




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Webinfosys's Khel-kud Ki News : लाख टके का सवाल, सचिन के साथ ओपनर कौन?

अहमदाबाद (टीएनएन) : सचिन तेंडुलकर , सौरभ गांगुली , वीरेंद्र सहवाग , गौतम गंभीर , महेंद्र सिंह धोनी , इरफान पठान , रॉबिन उथप्पा और प्रवीण कुमार। ये भारतीय टीम में पाकिस्तान के खिलाफ पहले 2 वन डे के लिए शामिल उन खिलाड़ियों की सूची है जो वन डे क्रिकेट में कभी न कभी अपोनिंग कर चुके हैं। प्रवीण कुमार को छोड़ दिया जाए तो सबने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ओपनिंग की है। जबकि प्रवीण उत्तर प्रदेश की रणजी टीम के लिए सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभा चुके हैं।

अगर यह सूची थोड़ी छोटी भी कर दी जाए तो भी कम से कम 4 खिलाड़ी- सचिन , सौरभ , सहवाग और गंभीर ऐसे हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय से ओपनिंग करते रहे हैं। जाहिर है कि ओपनर के ज्यादा विकल्प होने से अंतिम एकादश चुनने समय यह समस्या खड़ी हो सकती है कि किसका उपयोग कैसे किया जाए।

लेकिन टीम के मैनेजर लालचंद राजपूत इससे सहमत नहीं हैं। वह कहते हैं कि चयनकर्ताओं ने हमें विकल्प दिए हैं और अब यह हमारा काम है कि हम इस काम के लिए सबसे बेहतर जोड़ी को चुनें और उनका प्रभावशाली तरीके से इस्तेमाल करें। राजपूत आगे कहते हैं , ' सबसे अच्छी बात यह है कि ये सभी बल्लेबाज किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं। सौरभ , सहवाग और गंभीर सभी तीसरे नंबर या उससे नीचे के क्रम में भी बल्लेबाजी कर चुके हैं।

हालांकि इन तमाम किंतु-परंतु के बीच एक बात तय है कि ओपनिंग करने सचिन तो जरूर आएंगे और सवाल सिर्फ दूसरे बल्लेबाज को लेकर है। सचिन निचले क्रम में बल्लेबाजी के लिए भेजे जाने को लेकर कई बार नाखुशी जता चुके हैं और वह ओपनर के रूप में भारत की ओर से सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। इसलिए टीम प्रबंधन उनसे ओपनिंग कराने को लेकर एकमत है।

राजपूत कहते भी हैं ,' सचिन पारी की शुरुआत करेंगे यह तो तय है क्योंकि शुरू में उनके रहने से टीम को ठोस शुरुआत मिलती है। हमें देखने पड़ेगा कि उनके साथ दूसरे छोड़ पर सबसे बेहतर जोड़ीदार कौन हो सकते हैं। हम दूसरे ओपनर को लेकर लचीला रुख अपनाएंगे। '

इस साल वर्ल्ड कप में शर्मनाक प्रदर्शन के बाद टीम प्रबंधन ने फिर से पुरानी जोड़ी सचिन और सौरभ को ही ओपनर भेजने की रणनीति अपनाई है लेकिन कुछ जानकारों का मानना है कि गंभीर को ऊपर भेजा जाना चाहिए। शनिवार को चयनकर्ताओं की मीटिंग में दूसरे ओपनर के रूप में गौतम गंभीर का नाम सबसे प्रबल दावेदार के रूप में उभरा था। इसके पीछे वजह यह बताई जा रही कि सौरभ गांगुली का स्थान अब पहले की तरह अंतिम एकादश में पक्का नहीं है जबिक गंभीर ने ओपनर के रूप में ट्वेंटी20 और चैलेंजर सीरीज में शानदार खेल दिखाया है।

जहां तक सहवाग का सवाल है , तो माना जा रहा है कि उन्हें टॉप ऑर्डर पर दबाव बनाने के लिए टीम में शामिल किया गया है। हालांकि राजपूत का कहना है कि सहवाग थोड़े समय में ही मैच का रुख बदल सकते हैं और हम उनका जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल करेंगे।

ओपनर के लिए दिग्गज की दावेदारों के बीच प्रवीण कुमार की मौजूदगी ने इसे और भी रोचक बना दिया है। हालांकि उन्हें ओपनर नहीं भेजे जाने की संभावना नहीं है लेकिन पहला विकेट जल्दी गिरने पर उन्हें टॉप ऑर्डर भेजा जा सकता है। राजपूत ने कहा , ' टॉप ऑर्डर में प्रवीण का इस्तेमाल का फैसला मैच की परिस्थितियों के हिसाब से किया जाएगा।




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Webinfosys's Hindi News : भूमिहीन करेंगे संसद तक मार्च

भारत के कई राज्यों से भूमि सुधारों की मांग कर रहे हज़ारों किसानों और आदिवासियों की दिल्ली पहुंची रैली आज संसद मार्च करने वाली है.


ग्वालियर से चल कर 'जनादेश 2007' रैली रविवार को राजधानी दिल्ली पहुंची और अब ये सारे लोग रामलीला मैदान में हैं.
रैली के आयोजकों का कहना है कि अब वो जंतर मंतर पर धरना देंगे और संसद कूच करेंगे.
हालांकि अब तक उन्हें संसद की ओर जाने की अनुमति नहीं मिली है.
रामलीला मैदान में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के नेता एबी बर्धन सहित कई राजनेताओं ने प्रदर्शनकारियों से मुलाक़ात की है.
अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करने देश के 18 राज्यों से आए लगभग 22 हजार प्रदर्शनकारी दो अक्तूबर को ग्वालियर से चले थे और अब दिल्ली में है.
हज़ारों लोगों के इस मार्च के दौरान कुछ लोगों की दुर्घटना में मौत भी हो गई लेकिन उनका हौसला कम नहीं हुआ.
रविवार को जब ये मार्च दिल्ली पहुंचा तो लोग "भूख की जंग में, हम सब संग में" जैसे नारे लगा रहे थे.
ये प्रदर्शनकारी छत्तीसगढ़, उड़ीसा, महाराष्ट्रट पंजाब, झारखंड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से आए हैं.


भूमि सुधार की माँग


जनादेश रैली को आयोजित करने वाले एकता परिषद के अध्यक्ष पीवी राजगोपाल का कहना था कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती उनका प्रदर्शन जारी रहेगा.
ग्वालियर से पैदल ही लगभग 400 किलोमीटर की यात्रा करके दिल्ली पहुँचे इन ग़रीब, आदिवासी और भूमिहीन किसानों किसानों की माँग ज़मीनों से जुड़ी हुई है.
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि भूमि सुधार कानून लागू किया जाएं और वंचितों को उनका हक दिलाने के लिए एक राष्ट्रीय भूमि आयोग का भी गठन किया जाए जो भूमि विवादों का जल्दी निपटारा करे और ज़मीन का दोबारा आवंटन करे.
सरकार ने वादा किया है कि आने वाले दिनों में एक आयोग का गठन किया जाएगा जो भूमि सुधारों पर विचार करेगा.
ग्वालियर से ये लोग महात्मा गांधी के जन्मदिन दो अक्तूबर को निकले थे. इस जनादेश 2007 यात्रा का समर्थन व्यक्त करने के लिए नौ देशों के लगभग 200 विदेशी समाज सेवक भी यात्रा में शामिल थे.
इन प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाक़ात की है और माना जा रहा है कि सोमवार को वो प्रधानमंत्री से भी मिल सकते हैं.




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Webinfosys's Hindi News : क्रिस्टीना ने किया जीत का दावा

अर्जेंटीना की प्रथम महिला क्रिस्टीना फर्नाडेंज़ डि किर्सनर ने राष्ट्रपति चुनावों में जीत का दावा किया है. क्रिस्टीना निवर्तमान राष्ट्रपति नेस्टर किर्सनर की पत्नी है और अब वो देश की पहली महिला राष्ट्रपति भी होंगी.


प्रारंभविक चुनाव परिणामों में बीस प्रतिशत वोटों की गिनती के बाद क्रिस्टीना को 40 प्रतिशत वोट मिले हैं जो उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी से बहुत अधिक है जिसे देखते हुए उनकी जीत निश्चित मानी जा रही है.
पूरी मतगणना के बाद अगर क्रिस्टीना को 40 प्रतिशत मत मिलते हैं और उन्हें विजयी घोषित किया जाएगा और दूसरे दौर का मतदान नहीं होगा.
चुनाव से पहले और मतदान बाद के सर्वेक्षणों में भी उनकी जीत निश्चित मानी जा रही थी. अगर पूरी मतगणना के बाद क्रिस्टीना का चुनाव होता है तो वो दुनिया में शायद ऐसा पहली बार होगा कि किसी तत्कालीन राष्ट्रपति की पत्नी राष्ट्रपति बनी हों.
क्रिस्टीना ने कहा है कि वो अपने पति की नीतियों का समर्थन करती हैं और मूल रुप से कोई बड़ा फेरबदल नहीं करेंगी.
उनके पति नेस्टर किर्सनर छह साल पहले जब राष्ट्रपति बने थे तो अर्जेंटीना आर्थिक संकट से गुज़र रहा था लेकिन किर्सनर के प्रयासों से अब देश की आर्थिक स्थिति पहले से काफ़ी बेहतर हो गई है.
2001 में देश के आर्थिक संकट का ज़िक्र करते हुए क्रिस्टीना का कहना था ' हम देश को बेहतर स्थिति में ला पाए हैं. ग़रीबी और बेरोज़गारी दूर हुई है और वो सभी संकट कम हुए हैं जिसने एक समय में अर्जेंटीना को अपनी गिरफ्त में ले लिया था. '
चुनाव के दौरान अर्थव्यवस्था और बढ़ता हुआ अपराध दो प्रमुख मुद्दे थे.
ब्यूनोस आयरिस में बीबीसी संवाददाता डैनियल स्वेलमर का कहना है कि 2001 में आर्थिक संकट के बाद राष्ट्रपति किर्सनर ने अपने कार्यकाल के दौरान देश को स्थायित्व दिया लेकिन अभी भी अर्थव्यवस्था की मज़बूती को लेकर जानकार शंकित रहते हैं.
चुनाव में क्रिस्टीना के अलावा 12 और उम्मीदवार थे.




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Sunday, October 28, 2007

Webinfosys's HIndi News : हज़ारों प्रदर्शनकारी दिल्ली पहुंचे

भारत के कई राज्यों से भूमि सुधारों की मांग कर रहे हज़ारों किसान और आदिवासी लोग रविवार को राजधानी दिल्ली पहुंच रहे हैं.


ये प्रदर्शनकारी दिल्ली के रामलीला मैदान में जमा होंगे जहां वृंदा कारत, शिबू सोरेन और कुछ अन्य नेतागण उन्हें संबोधित करेंगे.
प्रदर्शनकारियों में ऐसे लोगों की संख्या अधिक है जो भूमिहीन मज़दूर हैं और उनकी मांग ज़मीनों से जुड़ी हुई है. यह यात्रा ग्वालियर से शुरु हुई है जो दिल्ली में समाप्त होगी.
ग्वालियर से ये लोग महात्मा गांधी के जन्मदिन दो अक्तूबर को निकले थे और अब दिल्ली पहुंच रहे हैं.
पूरी यात्रा के दौरान कई नेताओं ने इन प्रदर्शनकारियों से मुलाक़ात की है और अपना समर्थन जताया है.
सरकार ने वादा किया है कि आने वाले दिनों में एक आयोग का गठन किया जाएगा जो भूमि सुधारों पर विचार करेगा.
इन प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाक़ात की है और माना जा रहा है कि सोमवार को वो प्रधानमंत्री से भी मिल सकते हैं.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वो भूमि सुधारों के लिए एक राष्ट्रीय प्राधिकरण चाहते हैं जो भूमि विवादों का जल्दी निपटारा करे और ज़मीन का दोबारा आवंटन करे.




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Webinfosys's HIndi News : हेलमंद में '80 तालेबान लड़ाकों की मौत'

अफ़गानिस्तान के हेलमंद प्रांत में अमरीकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं की कार्रवाई में कम से कम 80 तालेबान लड़ाके मारे गए हैं.


गठबंधन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि तालिबान नियंत्रित मूसा कलां में छह घंटे चले संघर्ष में तालेबान लड़ाकों की मौत हुई है.
बयान के अनुसार गठबंधन सेनाओं ने उस समय जवाबी कार्रवाई की जब उनके काफ़िले पर रॉकेट हमले किए गए.
अधिकतर तालेबान लड़ाके उस समय मारे गए जब गठबंधन सेनाओं ने भारी बम फेंके.
बयान में कहा गया है कि गठबंधन सेना ने अपने ऊपर रॉकेट दागे जाने के बाद तुरंत जवाबी कार्रवाई की जिसमें कम से कम सात दर्ज़न तालेबान लड़ाके मारे गए.
हेलमंद प्रांत अफीम की खेती का गढ़ माना जाता है. सितंबर में अंतरराष्ट्रीय सेना ने हेलमंद प्रांत में ज़बर्दस्त कार्रवाई की.
इस कार्रवाई के बाद से लेकर अब तक 200 तालेबान लड़ाकों की मौत हो गई है.




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Webinfosys's HIndi News : 'द लास्ट सपर' अब इंटरनेट पर

जाने माने रोमन चित्रकार लियोनार्दो दा विंची की मशहूर कलाकृति द लास्ट सपर की बेहद स्पष्ट तस्वीर अब इंटरनेट पर भी देखी जा सकती है.

स्पष्ट इसलिए क्योंकि इस चित्र की प्रति बनाई गई है अरबों पिक्सल के एक कैमरे से.
इंटरनेट पर जारी 16 अरब पिक्सल की ये तस्वीर पहले की तुलना में बिल्कुल साफ नज़र आती है. यानि अब ये पूर्व के एक करोड़ पिक्सल के डिजिटल कैमरा से खींची गई तस्वीर से 1600 गुना ज़्यादा स्पष्ट है.
15वीं सदी में बनी इस तस्वीर को इंटरनेट के जरिए देखने के वास्ते कई तकनीकी सुविधाएं भी मुहैया कराई गई हैं. जैसे तस्वीर के जिस हिस्से को प्रमुखता से देखना हो उसे चुनकर बड़ा या छोटा करके स्पष्ट देखा जा सकता है.
इसके साथ साथ इसके हर हिस्से के बारे में सूक्ष्म जानकारी भी उबलब्ध है.

ऐतिहासिक कलाकृति

वास्तविक रूप में ये कलाकृति इटली के मिलान शहर के सांता मारिया डेले ग्रेजी चर्च में रखी है.इसे इंटरनेट पर जारी करने के पीछे प्रदूषण से इसे होने वाला लगातार नुकसान बताया गया है.
आर्ट क्यूरेटर एल्बर्टो अर्तियोली ने एपी को बताया कि इंटरनेट पर आप इस तस्वीर के हर हिस्से को जूम यानि बड़ा करके निहार सकते हैं जबकि वास्तविक तस्वीर में यह बेहद मुश्किल होता है.
इसे http://www.haltadefinizione.com पर देखा जा सकता है.
अर्तियोली ने कहा 'आप देख सकते हैं कि लियोनार्डो ने इस तस्वीर में मौजूद कप को किसप्रकार पारदर्शी बनाया है. जबकि वास्तविक तस्वीर में इसे देख पाना संभव नहीं होता. इसके साथ ही इस कलाकृति में हुए क्षय को भी महसूस किया जा सकता है.'
विंची की इस तस्वीर को लगातार हो रहा नुकसान हाल के दिनों में काफी चर्चा और चिंता का विषय रहा था.
इटली के एक अख़बार के अनुसार 1990 के दशक के आखिरी वर्षों में इस तस्वीर को संरक्षित करने का तरीका कारगर नहीं रहा, और दर्शकों के कारण भी इस तस्वीर को धूल और गंदगी से काफी नुकसान पहुंचा था.
द लास्ट सपर को लियोनार्डो द विंची ने 15वीं सदी के आखिरी वर्षों में बनाई थी. हर साल लगभग साढ़े तीन लाख लोग इस कलाकृति को देखने आते हैं.




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Wednesday, October 17, 2007

Webinfosys's Hindi News : रिकॉर्ड गिरावट के बाद कुछ संभला सेंसेक्स

भारतीय शेयर बाज़ारों में बुधवार को रिकॉर्ड शुरुआती गिरावट के बाद कुछ सुधार हुआ और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 1100 अंकों का सुधार दर्ज किया गया.


बुधवार की सुबह 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जैसे ही खुला इसमें भारी गिरावट आनी शुरू हो गई और पाँच मिनट में ही यह औँधे मुंह गिरते हुए 1743 अंक गिर गया.
गिरावट की रफ़्तार इतनी तेज़ थी कि बाज़ार को एक घंटे के लिए बंद करना पड़ा.
सेंसेक्स के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है.
बाज़ार के जानकारों का मानना है कि भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड यानी सेबी की विदेशी संस्थागत निवेशकों पर सख़्ती के चलते ही बाज़ार में गिरावट का रुख रहा.
राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ़्टी 9.25 फ़ीसदी लुढ़ककर 5143 अंक पर पहुँच गया.


चिंता नहीं


उधर, वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने शेयर धारकों को आश्वस्त किया कि घबराने की फिलहाल कोई ज़रूरत नहीं है.

उन्होंने कहा कि सरकार की पार्टिसिपेट्री नोट्स यानी भागीदारी परिपत्र को प्रतिबंधित करने की मंशा नहीं है और उम्मीद जताई कि दिन गुजरने के साथ-साथ बाज़ार की स्थिति में सुधार आएगा.
उन्होंने कहा, "अगर आप लोग बारीकी से देखेंगे तो पाएँगे कि सेबी और एनएसई में अधिकांश ख़रीदारी विदेशी संस्थागत निवेशक कर रहे हैं."
उन्होंने कहा कि यही वजह रही कि सेबी ने बाज़ार के हित में बाज़ार में सुधार के क़दम उठाए हैं और ये प्रयास दिन भर जारी रहेंगे.
वित्त मंत्री ने कहा कि सेबी के क़दम आम निवेशकों के हित में हैं और इसके दूरगामी परिणाम दिखाई देंगे.


संकेत


मंगलवार को दुनियाभर के शेयर बाज़ारों में मंदी की ख़बरों के बीच इन्फोसिस, हिंदुस्तान लीवर और रिलायंस जैसी ब्लूचिप कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली के कारण सेंसेक्स में हल्की गिरावट रही थी.
कारोबार के दौरान नए रिकॉर्ड बनाने के बावजूद सोमवार की तुलना में सेंसेक्स में सात अंक और निफ़्टी में दो अंक की गिरावट दर्ज की गई थी.
मंगलवार को सेंसेक्स 19051 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ़्टी 5708 अंक की ऐतिहासिक ऊँचाई छूने के बाद कारोबारी सत्र खत्म होने पर 5668 अंक पर बंद हुआ था.




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Webinfosys's Hindi News : मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ सुनवाई शुरु

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के चुनाव की वैधता को लेकर की गई अपीलों पर सुनवाई फिर शुरु कर दी है.


कोर्ट में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के दो पदों ( राष्ट्रपति और सेनाध्यक्ष) पर रहते हुए राष्ट्रपति चुनाव लड़ने को चुनौती दी गई थी. कोर्ट ने पूर्व में सुनवाई टालते हुए राष्ट्रपति पद के लिए मतदान को अनुमति दे दी थी.
चुनाव के परिणामों की औपचारिक घोषणा पर रोक लगा दी गई है जिससे देश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बना हुआ है.
इसी महीने (अक्तूबर) की छह तारीख को हुए चुनावों में मुशर्रफ़ को दोबारा राष्ट्रपति चुन लिया गया है लेकिन कोर्ट में याचिकाओं के कारण वो अभी तक शपथ नहीं ले सके हैं.
अपील करने वाले विरोधियों का तर्क है कि मुशर्रफ़ राष्ट्रपति और सेनाध्यक्ष दो पदों पर रहते हुए चुनाव नहीं लड़ सकते हैं.
कोर्ट में फिर शुरु हुई सुनवाई कई दिनों तक चल सकती है. हालांकि कई विशेषज्ञों का मानना है कि कोर्ट का फ़ैसला मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ नहीं होगा.
मुशर्रफ़ कोर्ट के रवैए से थोड़ा चिंतित ज़रुर होंगे क्योंकि पूर्व में कोर्ट ने कई बार मुशर्रफ़ के ख़िलाफ फ़ैसले सुनाए हैं.
इस बीच पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो गुरुवार को पाकिस्तान वापस लौटने वाली हैं. वो पिछले नौ साल से निर्वासित जीवन बिता रही हैं.
बेनज़ीर और मुशर्रफ़ के बीच हुए समझौते के तहत बेनज़ीर के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के सारे मामले वापस ले लिए गए हैं और कहा जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच सत्ता में भागेदारी का भी समझौता हो सकता है.




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Tuesday, October 16, 2007

Webinfosys's Hindi News : सानिया रैंकिंग में एक पायदान फिसलीं

क्रेमलिन कप में भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा के निराशाजनक प्रदर्शन का असर उनकी डब्ल्यूटीए रैंकिंग पर भी पड़ा है और वह एक स्थान फिसलकर 30वें स्थान पर आ गईं.


पिछले सप्ताह मॉस्को में क्रेमलिन कप में सानिया पहले ही दौर में अर्जेंटीना की गिसेला डुल्को के हाथों पराजित हो गई थी.
सानिया 921 अंकों के साथ 30वें स्थान पर हैं, जबकि बेल्जियम की जस्टिन हेनिन 5500 अंकों के साथ चोटी पर हैं.
हालाँकि इसी टूर्नामेंट में युगल मुक़ाबले में स्विटज़रलैंड की पैट्टी श्नाइडर के साथ जोड़ी बनाकर दूसरे दौर तक पहुँचने में सफल रही सानिया ने ताज़ा युगल रैंकिंग में एक स्थान का सुधार किया और 19वें स्थान पर पहुँच गईं.


हॉपमैन कप


इस बीच, भारत ने 20 वर्षीय हैदराबादी बाला के नेतृत्व में 29 दिसंबर से पर्थ में होने वाले हॉपमैन कप भाग लेने की पुष्टि कर दी है.

सानिया और रोहन बोपन्ना ने पिछले वर्ष हॉपमैन कप में शानदार प्रदर्शन किया था.
उन्होंने इस मिश्रित टेनिस टूर्नामेंट में ग्रुप मुक़ाबलों में क्रोएशिया और चेक गणराज्य को हराया था, लेकिन भारतीय खिलाड़ी सेमीफ़ाइनल में स्पेन से पार नहीं पा सके थे.
टूर्नामेंट के निदेशक पॉल मैकनेमी ने कहा कि भारतीय टीम को हॉपमैन कप में इस बार सीधे प्रवेश दिया गया है.
पिछले साल एशियाई हॉपमैन कप में क्वालीफाई करने के बाद भारत को विश्व मुक़ाबलों में जगह मिली थी.
मैकनेमी ने कहा, "यह सानिया और उनके साथियों को पिछले साल के शानदार प्रदर्शन का पुरस्कार है."
भारत के अलावा सर्बिया, चेक गणराज्य और फ़्रांस ने टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की पुष्टि कर दी है.




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Webinfosys's Hindi News : न्यूज़वीक के ताज़ा अंक में मायावती

अमरीकी पत्रिका न्यूज़वीक ने अपने ताज़ा अंक में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को दुनिया की आठ प्रमुख महिला नेताओं में शामिल किया है.


न्यूज़वीक की 'विमेन एंड लीडरशिप' श्रंखला में मायावती का अब तक का सफ़र, उन्हीं की ज़ुबानी छापा गया है.
पत्रिका में छपे उनके सफ़र में वे कहती हैं - "उत्तर प्रदेश में 17 साल में पहली बार बहुमत प्राप्त करने वाली सरकार सत्ता में हैं जिसका नेतृत्व कोई दलित कर रहा है.


दिल्ली का संघर्ष


इसी लेख में वे आगे कहती हैं - "हमारा लक्ष्य है कि अब इस जीत के फ़ॉर्मूले को दूसरे राज्यों में भी लागू किया जाए और दिल्ली में सत्ता हासिल करने के बड़े संघर्ष की तैयारी की जाए."
उन्होंने अपने लेख में लिखा है - "एक अविवाहित महिला और एक दलित होने के कारण मुझे गालियों, अपमान और धमकियों का सामना करना पड़ा. "

उनका कहना है - "भारत के अनेक नेताओं के तरह मुझे राजनीतिक स्तर पर कोई विशेषाधिकार नहीं मिले. मुझे आज जितनी राजनीतिक ज़मीन हासिल है, मुझे उसे पाने के लिए हर इंच के लिए संघर्ष करना पड़ा है."
मायावती अपने लेख में ये भी कहती हैं कि जब ग़रीब दलितों को एकजुट करने के लिए उनकी पार्टी ने आक्रामक कदम उठाए तो ऊँची जातियों वाले राजनीतिक दल चौंके और उनके विरोध के कारण वे चार बार अपना मुख्यमंत्री कार्यकाल पूरा नहीं कर पाईं.




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Webinfosys's Hindi News : ये भारत का आंतरिक मामला है: अमरीका

भारत ने अमरीका को परमाणु सहमति को लागू करने में आ रही परेशानी के बारे में सूचित किया है. अमरीका का कहना है कि ये भारत का आंतरिक मामला है. अमरीका का मानना है कि ये सहमति दोनो देशों के पक्ष में है.


ग़ौरतलब है कि भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के साथ सोमवार को फ़ोन पर बातचीत की और उन्हें बताया कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित परमाणु करार लागू करने में परेशानी आ रही है.
इसके बाद अमरीका में राष्ट्रपति के कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा है कि मामला बहुत पेचीदा है इसलिए अमरीका भारत को यह नहीं बताने जा रहा कि वह अपना अंदरूनी मामला कैसे हल करे.
साथ ही उनका ये भी कहना था कि अमरीका इस मामले को जल्द से जल्द हल होता हुआ देखना चाहेगा.


'छोटी सी रुकावट'


प्रवक्ता का कहना था कि इस सहमति को अमरीका की दोनों ही पार्टियों - रिपब्लिकन और डेमोक्रैट्स ने मंज़ूरी दी थी और उन्हें पूरी उम्मीद है कि जब ये सहमति आख़िरी पड़ाव में पहुँचेगी तब भी इसे दोनों ही पार्टियों की मंज़ूरी मिलेगी.

उधर अमरीकी कांग्रेस की प्रतिनिधि सभा में इंडिया कॉकस यानि भारत के हित में काम करने वाले समूह के अध्यक्ष जिम मैकडॉरमट का मानना है कि 'यह एक लम्बे रास्ते के बीच में आई छोटी सी रुकावट है.'
उनका कहना था कि 'अमरीका को भी यह एहसास है कि लोकतंत्र में जब भी इस तरह के मामले उठते हैं तो वक़्त तो लगता ही है.'
यूएस-इंडिया बिज़नेस काउंसिल के चेयरमैन रॉन समर्स का कहना था कि उन्हें अभी भी पूरी उम्मीद है. उन्होनें कहा कि जब चीन के साथ अमरीका का 123 समझौता हुआ था तब उसमें तेरह साल लगे थे और भारत के साथ तो दो सालों में ही काफ़ी आगे निकल आए हैं.


भारतीय मूल के लोग निराश


लेकिन भारतीय मूल के लोग काफ़ी मायूस हैं. ऐसा इसलिए कि उन्होंने इस सहमति को अमरीकी कांग्रेस में पास करवाने में काफ़ी मेहनत की थी.

इंडो-यूएस फ़्रेंडशिप काउंसिल के चेयरमैन स्वदेश चटर्जी का कहना था, "भारत सरकार के इस रूख़ से केवल निराशा ही नहीं हुई बल्कि ऐसा लगता है जैसे हमारे साथ धोखा हुआ हो."
अन्य लोगों से बातचीत से प्रतीत होता है कि वे मानते हैं कि कुछ लोग हैं जो नहीं चाहते कि भारत-अमरीका के रिश्ते बेहतर हों.
वे ये भी कहते हैं कि जब भारत-अमरीका के लोग एकजुट हो जाएँगे, तब उन्हें अंदाजा हो जाएगा कि सहमति दोनों देशों के बेहतरी के लिए है और तब यह समझौता अपनी मंजिल पर पहुँच जाएगा.




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Monday, October 15, 2007

Webinfosys's Hindi News : धमाके के बाद पंजाब में कड़ी सुरक्षा

भारत के पंजाब राज्य के औद्योगिक शहर लुधियाना में रविवार रात को हुए धमाके के बाद पंजाब और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल सोमवार सुबह घटनास्थल का दौरा करेंगे.


लुधियाना में श्रृंगार सिनेमा हॉल में हुए धमाके में छह लोग मारे गए और 35 घायल हो गए. फ़िलहाल न तो पुलिस ने इस घटना के लिए किसी संगठन को ज़िम्मेदार ठहराया है और न ही किसी संगठन ने इसकी ज़िम्मेदारी ली है.
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार छह में से चार लोगों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई जबकि दो लोगों ने स्थानीय अस्पताल में दम तोड़ दिया. जिन दो लोगों की अस्पताल में मृत्यु हुई, उनकी पहचान नहीं हो पाई है.
ग़ौरतलब है कि हाल में राजस्थान के अजमेर शहर में विश्व प्रसिद्ध ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में भी धमाका हुआ था जिसमें दो लोग मारे गए थे और 14 घायल हो गए थे.
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा है कि ऐसा लगता नहीं है कि अजमेर और लुधियाना के धमाकों में कोई संबंध है.
उनका ये भी कहना था कि केंद्र सरकार पंजाब सरकार से इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है.

'शांति भंग करने की कोशिश'

पंजाब के पुलिस महानिदेशक एनपीएस ऑलख ने बताया कि राज्य में सुरक्षाबलों को अत्यधिक सुरक्षा बरतने के लिए कहा गया है. उनका कहना है कि संभव है कि इस घटना को किसी चरमपंथी संगठन ने अंजाम दिया हो.
देर रात ही विस्फोट की विस्तृत जाँच करने के लिए फोरेंसिक टीम सिनेमा हॉल पहुँच गई थी.
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के मीडिया सलाहकार हरचरण बैंस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ये 'राज्य में शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश है.'
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस घटना पर अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए हर मृतक के परिजनों के लिए एक लाख रुपए का मुआवज़ा और हर घायल व्यक्ति के लिए 50 हज़ार रुपए के मुआवज़े की घोषणा की है.


बिहार-उत्तर प्रदेश के लोग


जब सिनेमा हॉल में धमाका हुआ तब वहाँ भोजपुरी फ़िल्म 'जनम जनम के साथ' दिखाई जा रही थी.
बताया गया है कि सिनेमा हॉल की क्षमता लगभग 650 की है और जब घटना हुई तब सिनेमा हॉल परिसर में लगभग एक हज़ार लोग मौजूद थे.

सिनेमा हॉल के कर्मचारियों ने बताया कि मनोज तिवारी और रवि किशन अभिनीत फ़िल्म 'जन्म-जन्म के साथ' को देखने आए अधिकतर लोग भोजपुरी समझने-बोलने वाले थे.
पंजाब के उद्योग का केंद्र कहे जाने वाले लुधियाना शहर में लगभग बीस लाख लोग बिहार और उत्तर प्रदेश से हैं जो विभिन्न कारखानों में काम करते हैं और भोजपुरी फ़िल्में देखने में दिलचस्पी रखते हैं.
श्रृंगार सिनेमा हॉम के एक चौकीदार - कोलकाता के हरि किशन का कहना था, "धमाके के बाद हॉल में अफ़रा-तफ़री मच गई. हॉल के अंदर धुआँ भर गया था और सीटें उखड़ गई थीं. फिर रात भर पुलिसवाले सुराग खोजने और सबूत एकत्र करने का काम करते रहे."
घायल हुए 35 लोगों को सिनेमा हॉल के निकट स्थित दो अस्पतालों - सीएमसी और सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कुछ की हालत गंभीर बताई गई है लेकिन अस्पताल के अधिकारी फ़िलहाल घायलों से मिलने की इजाज़त नहीं दे रहे हैं.




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Webinfosys's Hindi News : विमान आपातस्थिति में उतरा, खिलाड़ी सुरक्षित

भारत और ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीमों को लेकर मुंबई जा रहे विमान को पक्षी से टकराने के बाद आपातकालीन स्थिति में नागपुर हवाई अड्डे पर उतरना पड़ा.


हवाई अड्डे के निदेशक एसएम बोर्कर ने संवाददाताओं से कहा, "दोनो टीमें सुरक्षित हैं और खिलाड़ियों समेत सभी यात्रियों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुँचा है."
भारतीय टीम के कुछ खिलाड़ी और ऑस्ट्रेलियाई टीम के सदस्य मुंबई के लिए इस विमान में सवार हुए थे, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान के कैप्टन ने घोषणा की कि विमान पक्षी से टकराया है.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने विमान के आपात स्थिति में उतरने की पुष्टि की और कहा कि सभी खिलाड़ी सुरक्षित हैं.
विमान के हवाई अड्डे पर उतरने के बाद कुछ देर तक वहाँ अफ़रातफ़री का माहौल रहा. लेकिन सभी के सकुशल होने की सूचना से ज़ल्द ही स्थिति सामान्य हो गई.
बाद में दोनो टीमों के खिलाड़ियों को होटल के लिए रवाना कर दिया गया.
ये क्रिकेटर सोमवार की दोपहर को ही विशेष विमान से मुंबई के लिए रवाना होंगे.
मुंबई में भारत-ऑस्ट्रेलियाई वनडे सिरीज़ का अंतिम मुक़ाबला बुधवार को खेला जाना है. ऑस्ट्रेलिया नागपुर वनडे 18 रन से जीतने के साथ ही सिरीज़ भी 4-1 से जीत चुकी है.




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Webinfosys's HIndi News : जिंताओ की भ्रष्टाचार पर कड़ी चेतावनी

चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने चीन में कम्यूनिस्ट पार्टी की कांग्रेस में भाग ले रहे प्रतिनिधियों को चेताया कि आर्थिक प्रगति के बावजूद चीन कई तरह की सामाजिक और पर्यावरण संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है.


चीन के बीजिंग शहर में कम्यूनिस्ट पार्टी की पंचवर्षीय कांग्रेस यानि पार्टी का अधिवेशन शुरु हुआ है जिसमें 2000 से ज़्यादा प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं.
उन्होनें कहा कि सरकार कुछ क्षेत्रों में नाकाम रही है जिसमें भ्रष्टाचार से लड़ने में असफलता प्रमुख है.
हू जिंताओ का कहना था कि पार्टी का 'अस्तित्व' इस बात पर निर्भर करता है कि भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों को कितनी 'दृढ़ता से सज़ा' दी जाती है.
उन्होंने एक बार फिर यह चेतावनी दी कि ताइवान की औपचारिक स्वतंत्रता की किसी भी तरह की कोशिश को चीन बर्दाश्त नहीं करेगा.


'अमीर-ग़रीब के बीच खाई'

हर पाँच साल बाद होने वाली कम्यूनिस्ट पार्टी कांग्रेस चीन में सबसे प्रमुख राजनीतिक घटना होती है. सात दिन तक चलने वाले इस अधिवेशन में अगले पाँच साल का राजनीतिक एजेंडा भी पारित होता है.
उनका कहना है कि वे इस ओर संकेत भी देंगे कि वर्ष 2012 में कौन से नेता पार्टी में आगे आ सकते हैं.
हू जिंताओ का कहना था, "पार्टी का जनाधार और उसका अस्तित्व ही दृढ़ता से भ्रष्ट लोगों को सज़ा देने और भ्रष्टाचार को रोक पाने पर निर्भर है."
हू ने माना कि चीन में अमीर और ग़रीब के बीच की खाई बढ़ रही है और पार्टी को यह सुनिश्चित करना होगा कि चीन की संपदा ज़्यादा समान रूप से लोगों के बीच बँटे.
उन्होंने कहा, "अभी भी बड़ी सँख्या में ग़रीब और कम आय वाले लोग शहरी और ग्राम्रीण दोनों क्षेत्रों में रहते हैं. सभी लोगों के हितों का ध्यान रख पाना और मुश्किल हो गया है."




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Webinfosys's Hindi News : चरमपंथ दोबारा नहीं पनप सकता: बादल

भारत में पंजाब राज्य के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने लुधियाना में हुए बम धमाके के सिलसिले में ज़ोर देकर कहा है कि राज्य में चरमपंथ के दोबारा पनपने की कोई संभावना नहीं है.

रविवार की रात पंजाब के लुधियाना शहर के एक सिनेमाघर में हुए धमाके में छह लोग मारे गए और 35 अन्य घायल हो गए. इसके बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
पंजाब के पुलिस महानिदेशक एनपीएस ऑलक ने बताया था कि राज्य में सुरक्षाबलों को अलर्ट कर दिया गया है. उन्होंने ऐसी संभावना व्यक्त की थी कि यह एक चरमपंथी घटना हो सकती है.

उधर केंद्रीय गृह मंत्री मधुकर गुप्ता का कहना है कि स्थानीय प्रशासन और जनता को भीड़-भाड़ वाली जगहों पर सतर्क रहना चाहिए और सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम करने पड़ेंगे.

दूसरी ओर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा है कि केंद्र सरकार पंजाब सरकार से इस घटना पर विस्तृत रिपोर्ट आने का इंतज़ार कर रही है.


'जनसमर्थन ही नहीं'


सोमवार सुबह पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने लुधियाना का दौरा किया है और स्थानीय अस्पताल जाकर घायल लोगों से मुलाकात की है.

पत्रकारों के सवाल करने पर उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस घटना से कतई ये संकेत नहीं मिलता कि पंजाब में चरमपंथ दोबारा पनप सकता है या इसकी कोई संभावना है.
उनका कहना था, "चरमपंथ के पनपने के लिए जन-समर्थन की ज़रूरत होती है लेकिन पंजाब में एक या फिर 0.5 प्रतिशत जनता भी ऐसा नहीं चाहती. पंजाब में चरमपंथ दोबारा पनप ही नहीं सकता."

मुआवज़ा


पंजाब के मुख्यमंत्री ने हर मृतक व्यक्ति के परिजन के लिए दो लाख रुपए के मुआवज़े की घोषणा की है.
उधर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से पहले ही हर मृतक व्यक्ति के परिजनों के लिए एक लाख रुपए और हर घायल व्यक्ति के लिए 50 हज़ार रुपए के मुआवज़े की घोषणा की जा चुकी है.
जब सिनेमा हॉल में धमाका हुआ तब वहाँ भोजपुरी फ़िल्म 'जनम जनम का साथ' दिखाई जा रही थी.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फ़िल्म देखने वाले अधिकतर लोग भोजपुरी बोलने-समझने वाले बिहार-उत्तर प्रदेश के लोग थे.
पंजाब के उद्योग का केंद्र कहे जाने वाले लुधियाना शहर में लगभग बीस लाख लोग बिहार और उत्तर प्रदेश से हैं जो विभिन्न कारखानों में काम करते हैं.
पंजाब में जब 1980 और 90 के दशक में चरमपंथी सक्रिय थे तब कुछ गुटों और कट्टरपंथी नेताओं ने स्थानीय लोगों और अन्य राज्यों से पंजाब आकर काम करने वाले लोगों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश की थी लेकिन ये कोशिशें नाकाम रही थीं.




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Saturday, October 13, 2007

Webinfosys's HIndi News : बयानों में नरमी से वामपंथी उत्साहित

वामपंथी दलों ने भारत अमरीका परमाणु समझौते पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ताज़ा बयानों को गठबंधन धर्म की बहाली का संकेत बताया है और कहा है कि ये देश के लिए अच्छा है.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एबी बर्द्धन ने हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप सम्मेलन में परमाणु समझौते पर इन नेताओं के संकेतों पर कहा कि विरोधी दृष्टिकोणों के बीच संवाद और एक दूसरे के दृष्टिकोण के प्रति सहिष्णुता और सम्मान की भावना गठबंधन राजनीति की अनिवार्यता है.

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि समझौता न होने से उन्हें निराशा तो होगी लेकिन यह अंत नहीं है.

जबकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने समझौते पर वामदलों के विरोध को ग़ैरवाजिब मानने से इनकार किया और उनके साथ सामंजस्य बिठाने की ज़रुरत बताई.

मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी दोनों ने मध्यावधि चुनावों की अटकलों पर कहा है कि सरकार को कोई ख़तरा नहीं है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्हें यकीन है कि उनकी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी.

प्रधानमंत्री ने कहा, " चुनाव अभी दूर हैं. सरकार का कार्यकाल पूरा होने में अभी डेढ़ साल का वक़्त है. मैं उम्मीद करता हूँ कि सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी."

मनमोहन सिंह ने कहा, " हमारी सरकार सिर्फ़ एक मुद्दे भर की नहीं है. अगर समझौता नहीं हुआ तो यह निराशानजक होगा. लेकिन जीवन में व्यक्ति ऐसी निराशाओं के साथ जीता है और फिर आगे बढ़ जाता है."

सोनिया गांधी ने भी मध्यावधि चुनावों की संभावना को नकार दिया.




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Webinfosys's Hindi News : 'अजमेर की घटना के तार सरहद तक पहुँच रहे हैं'

भारत के गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है कि अजमेर स्थित ख़्वाज़ा ग़रीब नवाज़ की दरगाह पर हुए विस्फोट के तार सरहद तक पहुँच रहे हैं.

शिवराज पाटिल गुरुवार को अजमेर की दरगाह में विस्फोट के बाद की स्थितियों का जायज़ा लेने के लिए अजमेर पहुँचे हुए हैं.

उन्होंने कहा, "पुलिस को काफ़ी कुछ मालूमात हासिल हुई है पर इसे सार्वजनिक रूप से बताने का यह सही समय नहीं है. अगर सबकुछ बता दिया गया तो अपराधी छिप जाएंगे. मुझे इस बारे में जाँच अधिकारियों ने जानकारी दी है. घटना के तार सरहद तक पहुँच रहे हैं."

शिवराज पाटिल ने कहा कि जाँचकर्ताओं को काफ़ी सुराग मिले हैं पर पूरी स्थिति स्पष्ट होने तक कोई भी बात कहना उचित नहीं है.

उन्होंने बताया कि दरगाह के मुआयने के दौरान उन्होंने कई आला अधिकारियों और जाँचकर्ताओं से पूरी जानकारी हासिल की है.

गुरुवार को अजमेर स्थित ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ की दरगाह पर हुए एक विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई थी और क़रीब 14 लोग घायल हो गए थे.

सुरक्षा की चिंता

शिवराज पाटिल ने कहा कि यह दरगाह केवल राजस्थान के ही नहीं, देश और दुनिया के कई दूसरे देशों के लोगों के लिए भी ख़ासी महत्व की है और देश के अन्य राज्यों के अलावा पड़ोसी देशों से भी कई लोग यहाँ जियारत करने आते हैं.

ऐसे में इस दरगाह की सुरक्षा को लेकर ख़ासतौर पर रणनीति तैयार करने की ज़रूरत है. इसके लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को मिलकर एक रणनीति पर काम करना होगा.

गृहमंत्री ने कहा कि देश में एक प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो बाक़ी के 99 प्रतिशत लोगों के ख़िलाफ़ जाना चाहते हैं पर वे ऐसा नहीं कर सकते हैं.

उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में आतंक फैलाना चाहते हैं पर देश और राज्य की सरकारें और आम लोग ऐसा नहीं होने देंगे.

शनिवार की सुबह शिवराज पाटिल ने दरगाह परिसर में विस्फोट की जगह और उससे हुई क्षति का जायज़ा लिया.

इसके बाद वो अस्पताल में भर्ती घायलों का हालचाल पूछने के लिए अस्पताल के लिए रवाना हो गए. शिवराज पाटिल की दरगाह में मौजूदगी के दौरान दर्शन करने वालों को बाहर रोक दिया गया था.

जाँच में प्रगति

उधर राज्य सरकार के गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जाँच में प्रगति हुई है और जल्द ही इस घटना से जुड़े सबूतों के आधार पर किसी नतीजे पर पहुँचा जा सकेगा.

राज्य सरकार की ओर से फोरेंसिक टीम के सदस्य और पुलिस विभाग के आला अधिकारी इस विस्फोट की गुत्थी सुलझाने में लगे हुए हैं.

गृह विभाग के अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि मामले की जाँच सही दिशा में आगे बढ़ रही है पर अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

अधिकारियों का कहना है कि जो सबूत अभी तक हासिल हुए हैं उनको एक-दूसरे से जोड़कर देखा जा रहा है और इसके आधार पर मामले की गुत्थी सुलझाने की कोशिश की जा रही है.

इस बीच रविवार को भारत में ईद के मद्देनज़र देश के कई प्रमुख शहरों की सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त रखने की हिदायत दी गई है.




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Webinfosys's Hindi News : मिसाइल कार्यक्रम का जवाब देगा रूस

रूस के कड़े शब्दों में कहा है कि अगर युरोप में अमरीका मिसाइल रोधी कार्यक्रम जारी रखता है तो इसके जवाब में रूस भी आवश्यक क़दम उठाएगा.

मास्को में इस संबंध में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हो रही थी जो कि बिना किसी नतीजे के कटुता के साथ ख़त्म हो गई.

रूस की ओर से ताज़ा टिप्पणी तब की गई जब अमरीका ने रूस की इस माँग को सिरे से खारिज कर दिया कि अमरीका यूरोप में अपने प्रस्तावित मिसाइल रोधी कवच बनाने के कार्यक्रम को वापस ले ले.

ग़ौरतलब है कि अमरीका यूरोप के पोलैंड और चेक गणराज्य में अपनी मिसाइल सुरक्षा प्रणाली स्थापित करना चाहता है लेकिन रूस इसका विरोध कर रहा है.

अमरीका का कहना है कि यह कवच रूस को ध्यान में रखकर नहीं बनाया जा रहा है पर रूस का कहना है कि अमरीका के इस तर्क पर विश्वास नहीं किया जा सकता कि ऐसा ईरान को ध्यान में रखकर किया जा रहा है.

'फिलहाल टालें कार्यक्रम'

रूस के विदेशमंत्री सरगई लवरोव ने अमरीकी अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे इस योजना को तबतक लंबित रखे जबतक कि इस योजना के सभी पहलुओं पर पूरी तरह से विचार नहीं कर लिया जाता.

उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि अमरीका के मिसाइल रोधी कवच को लेकर दोनों ओर के अधिकारी जबतक बात कर रहे हैं तबतक के लिए इस मिसाइल रोधी कार्यक्रम को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाए."

दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत के मद्देनज़र अमरीकी रक्षामंत्री रॉबर्ट गेट्स और अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस रूस की राजधानी मास्को में थे.




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Friday, October 12, 2007

Webinfosys's Hindi News : श्रीनगर में मुठभेड़ ख़त्म, चरमपंथी ढेर

भारत प्रशासित कश्मीर के श्रीनगर में चरमपंथियों और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के बीच मुठभेड़ शुक्रवार की सुबह ख़त्म हो गई.


सेना और चरमपंथियों के बीच चले 10 घंटे लंबे संघर्ष में दोनों चरमपंथी मारे गए हैं. सेना के तीन जवान भी घायल हो गए हैं.
गुरुवार को भारतीय प्रशासित कश्मीर के श्रीनगर में चरमपंथियों ने केंद्रीय रिज़र्व पुलिस के एक शिविर पर आत्मघाती हमला कर दिया था.
देर रात तक चली मुठभेड़ के बाद एक चरमपंथी मारा गया था जबकि दूसरा चरमपंथी सुबह की मुठभेड़ के बाद मारा जा सका.
यह हमला श्रीनगर के शेरे कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन कॉम्पलेक्स के पास हुआ जहाँ राज्य के मुख्यमंत्री गुलाम नबी आज़ाद ने इफ़्तार की दावत का आयोजन किया था.
ऐसा लग रहा था कि इस ऑपरेशन में सेना को और भील ज़्यादा वक्त लग सकता है पर सेना ने शुक्रवार की सुबह अपना कोई नुकसान किए बिना दूसरे चरमपंथी को भी मार दिया.


चरमपंथी


अभी तक जो दस्तावेज़ इन चरमपंथियों के पास से बरामद हुए हैं उनसे इनके नाम और बाकी मालूमात हासिल हो गई है.
अनुमान लगाया जा रहा है कि ये शेरे कश्मीर या लश्करे-तैयबा जैसे किसी चरमपंथी संगठन के हो सकते हैं.
ग़ौरतलब है कि राज्य में युनाइटेड जेहाद काउंसिल की ओर से तीन दिन के संघर्ष विराम की घोषणा की गई थी जो शुक्रवार से प्रभावी हो रही है.
हालांकि इस काउंसिल में लश्करे-तैयबा और शेरे कश्मीर जैसे कुछ चरमपंथी संगठन शामिल नहीं हैं.




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Webinfosys's Hindi News : अजमेरः पूछताछ जारी, निष्क्रिय किया गया विस्फोटक

गुरुवार को अजमेर में ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में हुए धमाके के बाद पुलिस ने आधा दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है.


इसके अलावा तलाशी के दौरान दरगाह परिसर से बरामद विस्फोटक डिवाइस को भी जाँचकर्ताओं ने निष्क्रिय कर दिया है.
उधर दरगाह के नाजिम अहमद रज़ा ने बीबीसी को बताया है कि दरगाह परिसर में 16 क्लोज़ सक्रिट कैमरे लगे हुए हैं जिनकी मदद ली जा सकती है.
हालांकि पुलिस का कहना है कि इस बात की उम्मीद कम ही है कि इन कैमरों से कुछ रिकॉर्ड हुआ होगा क्योंकि इनके कुछ तार क्षतिग्रस्त हैं.
उधर राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अनौपचारिक तौर पर बताया कि जाँच का काम सही दिशा में जा रहा है और जल्द ही इस बात का पता लगा लिया जाएगा कि इस हमले के पीछे किसका हाथ है.
उन्होंने बताया कि जाँचकर्ताओं को इस घटना से संबंधित कुछ पुख़्ता सबूत मिले हैं.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फोरेंसिक टीम के विशेषज्ञ अबतक मिले सबूतों के आधार पर जाँच का काम कर रही है.


पूछताछ


पुलिस का कहना है कि लोगों को शुरुआती पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है ताकि घटना के बारे में ज़्यादा जानकारी मिल सके.
हालांकि पुलिस की ओर से अभी इस बारे में कुछ भी नहीं बताया गया है कि इन लोगों में से कोई विस्फोट में शामिल था या नहीं.
गुरुवार को दरगाह में हुए विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई थी और ढाई दर्जन लोग घायल हो गए थे.

पुलिस ने दरगाह परिसर की तलाशी के दौरान कुछ धातु के टुकड़े और कुछ मोबाइल के टुकड़े बरामद किए हैं.
जाँच अधिकारी इन चीजों को जोड़कर घटना के तार खोजने की कोशिश कर रहे हैं.
इस बीच परिसर की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) को सौंप दी गई है और चप्पे-चप्पे पर सीमा सुरक्षा बल के जवान तैनात हैं.


जाँच में तेज़ी


राज्य के गृहमंत्री और पुलिस प्रमुख समेत कई आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और जल्द से जल्द इस बात की तहक़ीकात करने की कोशिश की जा रही है कि इन धमाकों के पीछे किसका हाथ था.
पुलिस को यह भी संदेह है कि हमले को अंजाम देने वाला व्यक्ति शायद बाहर का था और कम अनुभवी था.
कुछ अधिकारियों का मानना है कि हमला जिस जगह और जिस तैयारी के साथ किया गया, उससे लगता है कि हमलावर को इस जगह और विस्फोटक के बारे में ज़्यादा मालूमात नहीं थी.
उधर दरगाह में हुए धमाके के बाद देशभर में कई प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा कड़ी कर दी है. केंद्र सरकार ने त्योहारों के मद्देनज़र देश भर में अलर्ट घोषित कर दिया था.
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दरगाह पर हुए धमाकों की जाँच के आदेश दे दिए हैं.
साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को पाँच पाँच लाख रुपए देने और घायलों को एक एक लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की है.




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Thursday, October 11, 2007

Webinfosys's Khel-kud Ki News : भारत की पारी 148 रनों पर सिमटी

वडोदरा में ऑस्ट्रेलिया के साथ खेले जा रहे पाँचवे एकदिवसीय मैच में ख़राब शुरुआत के बाद भारतीय पारी संभल ही नहीं सकी और आख़िर 40वें ओवर में 148 रनों के योग पर सिमट गई.


29 ओवरों में भारत ने सिर्फ़ 107 रन बनाए थे और उसके नौ खिलाड़ी आउट हो चुके थे. आख़िरी विकेट की साझेदारी में ज़हीर ख़ान और आरपीसिंह ने मिलकर 41 रन जोड़े.
सचिन और पठान ने थोड़े समय तक पारी को संभालने की कोशिश की थी लेकिन वह भी बहुत टिकाऊ साबित नहीं हुई.
ऑस्ट्रेलिया का ओर से जॉनसन ने शानदार गेंदबाज़ी की और 10 ओवरों में 26 रन देकर पाँच विकेट लिए.
विकेट कीपर गिलक्रिस्ट ने और भी शानदार प्रदर्शन करते हुए छह विकेट लपके.
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का निर्णय लिया था.
ऑस्ट्रेलिया के साथ सात वन डे मैचों की सीरिज़ में ऑस्ट्रेलिया 2-1 से आगे है जबकि एक मैच बारिश के कारण बेनतीजा रहा था.


ख़राब शुरुआत


भारत ने पहले ही ओवर में दो विकेट खो दिए थे इसके बाद चौथे ओवर में तीसरा और सातवें ओवर में चौथा विकेट गिर चुका था.
जब चौथा विकेट गिरा तब टीम का स्कोर था 33 रन और पाँचवा विकेट 43 रनों के स्कोर पर गिरा.

भारत को पहले ही ओवर में दो झटके लगे. सौरव रन आउट हुए तो द्रविड़ एलबीडब्लू. जो पाँच रन भारत के खाते में तब तक थे वे अतिरिक्त रनों के थे.
ब्रेट ली की चौथी गेंद पर सौरव रन लेना चाहते थे और वे आधी दूरी पार भी कर चुके थे लेकिन सचिन ने कुछ क़दम बढ़ाने के बाद उन्हें लौटने का इशारा किया लेकिन वे क्रीज़ तक पहुँच ही नहीं सके और हॉग के थ्रो पर गिलक्रिस्ट ने स्टंप उड़ाने में कोई ग़लती नहीं की.
इसके बाद आए द्रविड़ पहली ही गेंद में एलबीडब्लू आउट हो गए.
सचिन के साथ युवराज सिंह दबाव में आगे खेलना शुरु किया. लेकिन चौथे ओवर में जॉनसन की गेंद पर एक ख़राब शॉट लगाते हुए युवराज सिंह विकेटकीपर गिलक्रिस्ट को कैच थमा बैठे.
इसके बाद रॉबिन उथप्पा सचिन के साथ पारी कों संभालने आए. दोनों के बीच अभी 21 रनों की पार्टनरशिप ही हुई थी कि उथप्पा एलबीडब्लू आउट हो गए.
सातवें ओवर की पहली गेंद पर जॉनसन ने भारत का चौथा विकेट झटक लिया.
इसके बाद मैदान पर आए कप्तान धोनी से उम्मीदें थीं लेकिन दसवें ओवर की तीसरी गेंद पर जॉनसन की गेंद पर वे भी गिलक्रिस्ट को कैच थमा बैठे. वे टीम के लिए चार रन ही जुटा सके.


साझेदारी


धोनी के आउट होने के बाद इरफ़ान पठान मैदान में आए.
पठान ने सचिन के साथ मिलकर भारतीय पारी को संभालने की कोशिश की और धीमी गति से रन बनाते हुए टीम का स्कोर 92 रनों तक पहुँचाया.
लेकिन 26वें ओवर में ब्रेट ली की गेंद पर सचिन को एक बार फिर गिलक्रिस्ट ने लपक लिया. सचिन ने 47 रन बनाए.

इसके अगले ही ओवर में हरभजन सिंह को हॉग की गेंद पर ब्रैकेन ने कैच आउट कर दिया.
क्रिज़ पर टिके अपने हीरो पठान पर वडोदरा के दर्शकों की नज़र थी लेकिन जॉनसन की गेंद ने फिर कमाल दिखाया और पठान के बल्ले से लगती हुई गेंद एक बार फिर गिलक्रिस्ट के हाथों में चली गई.
तब तक पठान 26 रन जोड़ सके थे.
पठान और सचिन ने मिलकर टीम के लिए 49 रन जोड़े.
अभी भारतीय टीम आठवें विकेट के झटके से उबरी नहीं थी कि 29वें ओवर में जॉनसन की गेंद ने मुरली कार्तिक को शिकार बनाया. गिलक्रिस्ट ने एक बार फिर विकेट के पीछें कैच लपका.
भारतीय पारी को संभालने वाली और अच्छी कही जा सकने वाली साझेदारी अंतिम जोड़ी ज़हीर ख़ान और आरपी सिंह ने निभाई.
दोनों ने 10 ओवर तक पिच पर रहे और टीम के लिए 41 रन जोड़े.
ज़हीर ख़ान ने 28 महत्वपूर्ण रन बनाए जिसमें दो छक्के शामिल थे. आरपी सिंह ने 12 नाबाद रन बनाए.
यह मैच मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का 400 वाँ एकदिवसीय मैच था. इसके साथ ही वे इतने एकदिवसीय मैच खेलने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी हो गए हैं.
इससे पहले श्रीलंका के सनत जयसूर्या एकमात्र ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने 400 वनडे मैच खेले हैं.




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Webinfosys's Hindi News : बर्मा में बढ़े अफ़ीम उत्पादन पर चिंता

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में बर्मा में अफ़ीम के उत्पादन में अचानक हुई वृद्धि और अफ़ीम की खेती के अपराधियों के हाथों में चले जाने पर चिंता ज़ाहिर की गई है.


नशीली दवा और अपराध पर काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की इस इकाई (यूएनओडीसी) का कहना है कि अफ़ीम उत्पादन में भ्रष्टाचार भी शामिल हो गया है और बड़े अधिकारियों की साँठगाँठ भी जुड़ गई है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि थाईलैंड, लाओस और बर्मा में अफ़ीम की खेती में पिछले कुछ सालों में काफ़ी कमी आई थी लेकिन बर्मा में एक बार फिर इसमें बढ़ोत्तरी हो रही है.
उल्लेखनीय है कि थाईलैंड, लाओस और बर्मा को नशीली दवाओं के स्वर्णिम त्रिभुज के रुप में जाना जाता था.
संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट पर फ़िलहाल बर्मा के सैन्य शासकों की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है.


चिंता


पिछले वर्षों में नशीली दवाओं के खिलाफ़ चलाए गए अभियानों के कारण थाईलैंड, लाओस और बर्मा में अफ़ीम का उत्पादन बहुत कम हुआ है.
लेकिन अभी भी बर्मा दुनिया का दूसरे नंबर का सबसे बड़ा अफ़ीम उत्पादक है.
इस समय सबसे अधिक अफ़ीम का उत्पादन अफ़ग़ानिस्तान में होता है. अनुमान है कि दुनिया का 90 प्रतिशत अफ़ीम अफ़ग़ानिस्तान में ही पैदा होता है.
इस समय दक्षिण-पूर्वी एशिया में सिर्फ़ पाँच प्रतिशत अफ़ीम का उत्पादन होता है.
यूएनओडीसी की ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि बर्मा में अफ़ीम की खेती में 29 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है लेकिन अच्छी खेती होने के कारण नशीली दवा का उत्पादन 46 प्रतिशत बढ़ गया है.
यूएनओडीसी के कार्यकारी निदेशक एंटोनियो मारियो कोस्टा का कहना है, "भ्रष्टाचार, ऊँचे स्तर पर मिलिभगत और सीमा पर कमज़ोर निगरानी के चलते बर्मा में नशीली दवाओं का व्यापार बढ़ा है."
उन्होंने इससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर दिया है.




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Webinfosys's Hindi News : बेनज़ीर कुछ देर से ही लौटें: मुशर्रफ़

राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो को तब तक पाकिस्तान न लौटने की सलाह दी है जब तक सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति चुनाव पर फ़ैसला नहीं दे देता.


पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की प्रमुख बेनज़ीर भुट्टो ने अठारह अक्तूबर को पाकिस्तान लौटने की घोषणा की है.
उधर सुप्रीम कोर्ट में परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ मामला चल रहा है जिसमें उनके सेना अध्यक्ष रहते हुए राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने को चुनौती दी गई है.
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को राष्ट्रपति चुनाव में भारी बहुमत से जीत मिली है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण इस जीत की अधिकृत घोषणा नहीं हुई है.
इससे पहले परवेज़ मुशर्रफ़ और बेनज़ीर भुट्टो के बीच एक समझौते की घोषणा हो चुकी है जिसके तहत बेनज़ीर भुट्टो सहित सभी राजनेताओं के ख़िलाफ़ 1986 से 1999 के बीच लगे सभी भ्रष्टाचार के आरोप वापस लिए जाने हैं.


सलाह


पाकिस्तान के एक निजी टेलीविज़न चैनल को बुधवार को दिए गए साक्षात्कार में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा, "बेनज़ीर को 18 अक्तूबर को पाकिस्तान नहीं लौटना चाहिए और उन्हें अपनी वापसी तब तक के लिए टाल देनी चाहिए जब सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति चुनाव पर अपना फ़ैसला नहीं दे दे."

उनका कहना था, "पहले हम अपनी मुश्किलों पर काबू पा लें फिर उन्हें लौटना चाहिए."
जब उनसे पूछा गया कि यदि बेनज़ीर से उनकी सलाह नहीं मानी तो क्या उन्हें गिरफ़्तार कर लिया जाएगा, तो उनका जवाब था, "सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है और हम क़ानून के मुताबिक़ ही कार्रवाई करेंगे."
हालांकि समाचार एजेंसियों ने ख़बर दी है कि बेनज़ीर भुट्टो ने अपने वापसी के कार्यक्रम में किसी भी तरह के परिवर्तन से इनकार करते हुए कहा है कि वे तय कार्यक्रम के अनुसार ही पाकिस्तान लौटेंगी.
जनरल मुशर्रफ़ ने कहा, "मैं सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के पहले शपथ नहीं लूँगा."
जब परवेज़ मुशर्रफ़ से पूछा गया कि यदि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला उनके पक्ष में नहीं आया तो वे क्या करेंगे, तो उन्होंने कहा, "जब अड़चन सामने आएगी तो उसका भी हल निकाल लिया जाएगा."




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Wednesday, October 10, 2007

Webinfosys's Hindi News : तकरार से हो सकता है दिल बीमार

शोध से पता चला है कि वैवाहिक जीवन में तकरार और नोकझोंक से तनाव और चिंता तो बढ़ती ही है, दिल की बीमारी का ख़तरा भी बढ़ जाता है.


इसके पहले के अध्ययन में यह सामने आया था कि एकाकी जीवन जीने वालों की तुलना में वैवाहिक जीवन का आनंद उठाने वालों की सेहत कहीं अधिक अच्छी होती है.
ताज़ा अध्ययन में ब्रिटेन के लगभग 9000 सरकारी कर्मचारियों को शामिल किया गया.
अध्ययन में यह तथ्य उभरकर सामने आया कि वैवाहिक जीवन के लिए अपने जोड़ीदार का चुनाव ठीक से न करना आपके दिल के लिए ख़तरनाक हो सकता है. इससे बेहतर एकाकी जीवन जीना है.

अध्ययन में शामिल अधिकतर लोग विवाहित थे. यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में 12 साल तक इन लोगों पर लगातार अध्ययन किया गया और पाया गया कि जिन लोगों का वैवाहिक जीवन सबसे अधिक संकट में था, उन्हें हृदय संबंधी परेशानी रोगों की आशंका सुखी दांपत्य वाले जोड़ों की तुलना में 34 फ़ीसदी अधिक थी.
शोध शुरु करने से पहले ऐसे लोगों की संख्या 8499 थी जिन्हें दिल संबंधी बीमारी नहीं थी, लेकिन 12 वर्षों के वैवाहिक जीवन के दौरान इनमें से 589 दिल के रोगी हो गए.
अध्ययन में पाया गया कि ऐसे लोगों को दिल की बीमारी होने की आशंका ज़्यादा रहती है, जिनके रिश्ते अंतरंग होते हैं और जो भावुक होते हैं.
ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन की हृदयरोग विशेषज्ञ कैथी रॉस कहती हैं, "भावनात्मक सहयोग की कमी के कारण दिल की बीमारी का ख़तरा बढ़ जाता है."
उनका कहना है कि ऐसे लोग जिनका वैवाहिक जीवन रोज-रोज की झिकझिक के कारण तनावपूर्ण हो गया है, अगर उन्हें भावनात्मक सहयोग दिया जाए तो काफ़ी अच्छे नतीज़े मिल सकते हैं.




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Webinfosys's Hindi News : चर्चा के लिए सरन नेपाल दौरे पर

नेपाल में संविधान सभा के चुनाव अनिश्चित काल के लिए टाले जाने से चिंतित भारत ने अपने विशेष दूत श्याम सरन को वहाँ भेजने का निर्णय लिया है.


अपने दो दिवसीय दौरे में वे जल्द से जल्द चुनाव करवाने की संभावनाओं के बारे सभी पक्षों से चर्चा करेंगे.
उल्लेखनीय है कि नेपाल में अंतरिम सरकार से माओवादियों के हटने के बाद वहाँ राजनीतिक संकट गहरा गया है और सरकार को संविधान सभा के 22 नवंबर को होने वाले चुनाव स्थगित करने पड़े हैं.
माओवादी चाहते हैं कि संविधान सभा के चुनाव से पहले ही नेपाल में राजशाही को ख़त्म कर दिया जाए और नेपाल में लोकतंत्र घोषित कर दिया जाए.
भारत के पूर्व विदेश सचिव श्याम सरन नेपाल में भारत के राजदूत भी रह चुके हैं. वे इस समय भारत-अमरीका असैनिक परमाणु समझौते के लिए प्रधानमंत्री के विशेष दूत की भूमिका भी निभा रहे हैं.
भारत अपने पड़ोसी देश नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चिंतित है और चाहता है कि नेपाल में जितनी जल्दी हो सके चुनाव होने चाहिए और लोकतंत्र की स्थापना होनी चाहिए.
भारतीय विदेश विभाग के सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसियों ने कहा है कि नेपाल में लोकतंत्र की बहाली के लिए भारत हर तरह की सहायता देने के लिए तैयार है.
इस बीच नेपाल में सात नवंबर को अंतरिम संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है जिसमें इस विषय पर चर्चा होगी.




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Webinfosys's Hindi News : सुप्रीम कोर्ट से भी मायावती को राहत

ताज कॉरिडोर मामले में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत मिल गई है.


सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने फ़ैसले में कहा है वह मायावती पर मुक़दमा न चलाए जाने के राज्यपाल के फ़ैसले के ख़िलाफ़ याचिका पर विचार नहीं करेगा.
उल्लेखनीय है कि मायावती के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्यपाल टी राजेश्वर ने ताज कॉरिडोर के मामले में मायावती और उनके मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.
इसके ख़िलाफ़ एक वकील अजय अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. उनका तर्क था कि राज्यपाल राजेश्वर राव का फ़ैसला अनुमानों पर आधारित है.
उल्लेखनीय है कि मायावती पिछली बार जब सत्ता में आईं थीं तब ताज महल के पास एक व्यावसायिक परिसर का निर्माण शुरु किया गया था जिसपर पुरातत्वविदों और विशेषज्ञों ने आपत्ति जताई थी.
'ताज हेरिटेज कॉरिडोर' नामक इस परियोजना पर 175 करोड़ रूपए की लागत आनी थी जिसमें से 17 करोड़ रुपए जारी भी कर दिए गए थे.
इसके तहत ताज महल को आगरा के किले और इस क्षेत्र के अन्य स्मारकों से जोड़ा जाना था. साथ ही, ताज महल के पास संरक्षित परिसर में एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाए जाने की भी योजना थी.
जब यह परियोजना शुरु हुई तब मायावती पर आरोप लगाए गए थे कि ताज कॉरिडोर परियोजना में ग़ैर-ज़रूरी तेज़ी दिखाई गई.
इस मामले के अभियुक्तों में मायावती की पूर्ववर्ती सरकार में पर्यावरण मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पर्यावरण सचिव आरके शर्मा और तीन अन्य अधिकारी शामिल हैं.

मामला


ताज कॉरिडोर के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ही कर रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने ही सीबीआई को निर्देश दिए थे कि वह इस मामले में मायावती की भूमिका की जाँच करे.
अपनी जाँच के बाद सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल टी राजेश्वर से मायावती पर मुक़दमा चलाने की अनुमति देने के लिए आवेदन किया था.
भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के मुताबिक़ किसी भी लोकसेवक के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने के लिए सरकार से अनुमित लेनी होती है.
जब सीबीआई ने यह अनुरोध किया था तब राज्य में मुलायम सिंह यादव की सरकार थी और सत्ता परिवर्तन के कुछ ही दिन पहले ही उन्होंने सीबीआई के अनुरोध वाली फ़ाइल राज्यपाल के पास भेज दी थी.
पाँच जून को राज्यपाल राव ने मुख्यमंत्री मायावती और उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.


फ़ैसला


अगस्त में राज्यपाल के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ याचिका दायर की गई थी.
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता अजय अग्रवाल से कहा था कि वे यह मामला न्यायालय की सहायता के लिए नियुक्त वकील (एमीकस क्यूरी) के ज़रिए लेकर आएँ.
बुधवार को ताज कॉरिडोर मामले की सुनवाई कर रहे एसबी सिन्हा की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय पीठ के सामने एमीकस क्यूरी किशन महाजन ने यह मामला उठाया.
इस पर पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोई दखल नहीं दे सकता.
जब पीठ के सामने यह सवाल उठाया गया कि सुप्रीम कोर्ट के ही निर्देश पर सीबीआई ने मायावती के ख़िलाफ़ जाँच की थी तो पीठ ने कहा कि जहाँ तक कोर्ट का अधिकार था वहाँ तक उसने कार्रवाई की.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि इसके ख़िलाफ़ किसी को शिकायत है तो उसे समुचित कोर्ट में चुनौती दी जानी चाहिए.




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Tuesday, October 9, 2007

Webinfosys's Hindi News : 'बुनियादी सुविधाओं के विकास में तेज़ी ज़रूरी'

ऑर्गनाइजेशन फ़ॉर इकोनोमिक कोऑपरेशन और डेवलपमेंट (ओईसीडी) की ताज़ा रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर आधारभूत ढाँचे के विकास को तेज़ी न दी गई तो आर्थिक विकास की गाड़ी पटरी से उतर सकती है.


ओईसीडी ने भारत के पहले आर्थिक सर्वे के बाद जारी रिपोर्ट में कहा है, “भारत में ढाँचागत सुविधाओं पर बहुत अधिक दबाव है. अगर माँग के अनुसार इन सुविधाओं का विकास न किया गया तो देश की आर्थिक विकास पर विपरीत असर होना तय है.”
ओईसीडी 1961 में स्थापित 30 देशों का संगठन है और इसका मुख्यालय फ़्रांस की राजधानी पेरिस में है.


वृद्धि दर


रिपोर्ट में कहा गया है कि बिजली की कमी विकास दर की वृद्धि में एक बड़ी बाधा है. इस क्षेत्र में निवेश के लिए उपभोक्ताओं को इस्तेमाल होने वाली बिजली का भुगतान करना चाहिए.

इसके अलावा सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र में होने वाले खर्च को नियंत्रित करने के उपाय जारी रखने चाहिए.
रिपोर्ट के अनुसार 1980 के दशक से जारी बाज़ार आधारित सुधारों से देश में ग़रीबी कम करने में मदद मिली है और अगले दशक तक औसत आमदनी के दोगुना होने की संभावना है.
फिलहाल आर्थिक वृद्धि की रफ़्तार आठ फ़ीसदी है और यह सालाना दस प्रतिशत तक पहुँच सकती है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि ख़रीद क्षमता के मामले में अमरीका और चीन के बाद भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है.
सर्वे में नए प्रतिस्पर्धी आयोग के शीघ्र काम करना शुरू करने की सिफ़ारिश की गई है.
इसके अलावा बीमार फ़र्मों को फिर से शुरू करने के लिए बैंकों को दिवालिया नियमों को और सरल बनाना चाहिए.
रिपोर्ट में कहा गया है कि रिटेल चेन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर जारी प्रतिबंध को हटा दिया जाना चाहिए ताकि उत्पादकता और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार हो सके.
रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रम क़ानूनों में सुधार किया जाना चाहिए ताकि आर्थिक वृद्धि का फ़ायदा अधिक से अधिक लोगों को मिल सके.




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Webinfosys's Hindi News : चे ग्वेरा की चालीसवीं बरसी

9 अक्तूबर, 1967 यानी चालीस साल पहले आज ही के दिन लातिनी अमरीकी क्रांतिकारी चे ग्वेरा को बोलीविया में मार डाला गया था.

चे ग्वेरा ये वो आदमी था जो पेशे से डॉक्टर था, 33 साल की उम्र में क्यूबा का उद्योग मंत्री बना लेकिन फिर लातिनी अमरीका में क्रांति का संदेश पहुँचाने के लिए ये पद छोड़कर फिर जंगलों में पहुँच गया.

एक समय अमरीका का सबसे बड़ा दुश्मन, आज कई लोगों की नज़र में एक महान क्रांतिकारी है.

अमरीका की बढ़ती ताकत को पचास और साठ के दशक में चुनौती देने वाला यह युवक – अर्नेस्तो चे ग्वेरा पैदा हुआ था अर्जेंटीना में.

सत्ता से संघर्ष की ओर

चाहता तो अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस एयर्स के कॉलेज में डॉक्टर बनने के बाद आराम की ज़िंदगी बसर कर सकता था.

लेकिन अपने आसपास ग़रीबी और शोषण देखकर युवा चे का झुकाव मार्क्सवाद की तरफ़ हो गया और बहुत जल्द ही इस विचारशील युवक को लगा कि दक्षिणी अमरीकी महाद्वीप की समस्याओं के निदान के लिए सशस्त्र आंदोलन ही एकमात्र तरीक़ा है.
1955 में यानी 27 साल की उम्र में चे की मुलाक़ात फ़िदेल कास्त्रो से हुई. जल्द ही क्रांतिकारियों ही नहीं लोगों के बीच भी 'चे' एक जाना पहचाना नाम बन गया.
क्यूबा ने फ़िदेल कास्त्रो के क़रीबी युवा क्रांतिकारी के रूप में चे को हाथों हाथ लिया.
क्रांति में एहम भूमिका निभाने के बाद चे 31 साल की उम्र में बन गए क्यूबा के राष्ट्रीय बैंक के अध्यक्ष और उसके बाद क्यूबा के उद्योग मंत्री.
1964 में चे संयुक्त राष्ट्र महासभा में क्यूबा की ओर से भाग लेने गए. चे बोले तो कई वरिष्ठ मंत्री इस 36 वर्षीय नेता को सुनने को आतुर थे.

लोकप्रिय नाम

आज क्यूबा के बच्चे चे ग्वेरा को पूजते हैं.
और क्यूबा ही क्यों पूरी दुनिया में चे ग्वेरा आशा जगाने वाला एक नाम है. दुनिया के कोने-कोने में लोग उनका नाम जानते हैं और उनके कार्यों से प्रेरणा लेते हैं.
चे की जीवनी लिखने वाले जॉन एंडरसन ली कहते हैं, "चे क्यूबा और लातिनी अमरीका ही नहीं दुनिया के कई देशों के लोगों के लिए एक प्रेरणा स्रोत हैं."
वे कहते हैं, "मैंने चे की तस्वीर को पाकिस्तान में ट्रकों, लॉरियों के पीछे देखा है, जापान में बच्चों के, युवाओं के स्नो बोर्ड पर देखा है. चे ने क्यूबा को सोवियत संघ के करीब ला खड़ा किया. क्यूबा उस रास्ते पर चार दशक से चल रहा है. चे ने ही ताकतवर अमरीका के ख़िलाफ़ एक दो नहीं कई विएतनाम खड़ा करने का दम भरा था. चे एक प्रतीक है व्यवस्था के ख़िलाफ़ युवाओं के ग़ुस्से का, उसके आदर्शों की लड़ाई का."
37 साल की उम्र में क्यूबा के सबसे ताक़तवर युवा चे ग्वेरा ने क्रांति की संदेश अफ़्रीका और दक्षिणी अमरीका में फैलाने की ठानी.
काँन्गो में चे ने विद्रोहियों को गुरिल्ला लड़ाई की पद्धति सिखाई. फिर चे ने बोलीविया में विद्रोहियों को प्रशिक्षित करना शुरू किया.
अमरीकी खुफ़िया एजेंट चे ग्वेरा को खोजते रहे और आख़िरकार बोलीविया की सेना की मदद से चे को पकड़कर मार डाला गया.
अर्नेस्टो चे ग्वेरा आज दिल्ली के पालिका बाज़ार में बिक रहे टी-शर्ट पर मिल जाएगा, लंदन में किसी की फ़ैशनेबल जींस पर भी लेकिन चे क्यूबा और दक्षिण अमरीकी देशों के करोड़ों लोगों के लिए आज भी किसी देवता से कम नहीं है.
आज अगर चे ग्वेरा ज़िंदा होते तो 80 साल के होते लेकिन चे ग्वेरा को जब मारा गया उनकी उम्र थी 39 साल.

भारत यात्रा

यह कम ही लोगों की जानकारी में है कि चे ग्वेरा ने भारत की भी यात्रा की थी.
तब वे क्यूबा की सरकार में मंत्री थे.
चे ने भारत की यात्रा के बाद 1959 में भारत रिपोर्ट लिखी थी जो उन्होंने फ़िदेल कास्त्रो को सौंपी थी.
इस रिपोर्ट में उन्होंने लिखा था, “काहिरा से हमने भारत के लिए सीधी उड़ान भरी. 39 करोड़ आबादी और 30 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल. हमारी इस यात्रा में सभी उच्‍च भारतीय राजनीतिज्ञों से मुलाक़ातें शामिल थीं. नेहरू ने न सिर्फ दादा की आत्‍मीयता के साथ हमारा स्‍वागत किया, बल्कि क्यूबा की जनता के समर्पण और उसके संघर्ष में भी अपनी पूरी रुचि दिखाई."
चे ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, "हमें नेहरु ने बेशकीमती मशविरे दिये और हमारे उद्देश्‍य की पूर्ति में बिना शर्त अपनी चिंता का प्रदर्शन भी किया. भारत यात्रा से हमें कई लाभदायक बातें सीखने को मिलीं. सबसे महत्‍वपूर्ण बात हमने यह जाना कि एक देश का आर्थिक विकास उसके तकनीकी विकास पर निर्भर करता है. और इसके लिए वैज्ञानिक शोध संस्‍थानों का निर्माण बहुत ज़रूरी है- मुख्‍य रूप से दवाइयों, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान और कृषि के क्षेत्र में."
अपनी विदाई को याद करते हुए चे ग्वेरा ने लिखा था, "जब हम भारत से लौट रहे थे तो स्‍कूली बच्‍चों ने हमें जिस नारे के साथ विदाई दी, उसका तर्जुमा कुछ इस तरह है- क्यूबा और भारत भाई भाई. सचमुच, क्यूबा और भारत भाई भाई हैं.”




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Webimfosys's HIndi News : कांशीराम की पहली बरसी पर बड़ी रैली

बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की मंगलवार को पहली बरसी है.


इसे राजनीतिक अवसर बनाकर उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती लखनऊ में एक बड़ी रैली का आयोजन किया.
इस रैली को 'सावधान रहो-आगे बढ़ो' का नारा दिया गया है.
इस रैली के लिए देश भर के कार्यकर्ता लखनऊ पहुँचे हैं और इसके लिए भारी-भरकम तैयारियाँ की गईं हैं.
संभावना है कि रैली में मुख्यमंत्री मायावती अपने दिवंगत नेता कांशीराम की नाम से हज़ारों करोड़ रुपयों की योजनाओं की घोषणाएँ करेंगी.
माना जा रहा है कि मायावती की कोशिश कांशीराम को बीआर अंबेडकर के समकक्ष खड़ा करने की है.
जबकि कुछ लोग इसे लोकसभा चुनाव की तैयारी के रुप में देख रहे हैं.


रैली की तैयारियाँ


इस रैली के लिए 65 करोड़ रुपए खर्च करके एक नया मैदान तैयार किया गया है.
हवाई अड्डे के पास तैयार किए गए इस मैदान को रमामाई अंबेडकर मैदान का नाम दिया गया है.

अनुमान है कि रैली में हिस्सा लेने के लिए कई लाख लोग पहुँचे हैं.
रैली में लोगों को लाने के लिए राज्य की सरकारी बसों को लगाया गया है और निजी ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि उनकी भी बसें इसके लिए ले ली गई हैं.
मैदान चूँकि नया है और शहर से कुछ दूर है इसलिए वहाँ पहले से पहुँच गए लोगों को खाने और पानी की दिक़्कत का सामना करना पड़ा है.
रैली में आने वाले लोगों की परेशानी कम करने के लिए लखनऊ के चारबाग़ स्टेशन को 'नो ट्रैफ़िक ज़ोन' घोषित कर दिया गया है. इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है.


मंशा


संभावना है कि रैली में मायावती कांशीराम के नाम से हज़ारों करोड़ रुपयों की परियोजनाओं की घोषणाएँ करेंगी.

इसमें स्कूल, आवासीय योजना, अस्पताल से लेकर से लेकर टेक्नॉलॉजी इंस्टिट्यूट खोलने तक कोई दस योजनाएँ शामिल हैं. उत्तर प्रदेश के कई शहरों में शुरु होने जा रही इन परयोजनाओं को शुरु करके उनका शिलान्यास आज ही किया जाना है.
इसके अलावा मायावती कांशीराम के नाम से खेल के एक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार की स्थापना की घोषणा करने वाली हैं.
कई राजनीतिक विश्लेषकों को लगता है कि मायावती अपने दिवंगत नेता कांशीराम को बीआर अंबेडकर के समकक्ष खड़ा करना चाहती हैं.
जबकि कुछ लोग मानते हैं कि वे कांशीराम को अंबेडकर से भी ऊपर स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं.
अपने चार महीने के कार्यकाल में मायावती ने केंद्र सरकार से उत्तरप्रदेश के विकास के लिए 80 हज़ार करोड़ माँगे हैं और अब वे लोगों को बता रही हैं कि केंद्र से पैसे मिल नहीं रहे हैं.
इससे संकेत मिल रहा है कि मायावती अपने लोगों को बताने में लगी हुई हैं कि यदि विकास चाहिए तो दिल्ली की गद्दी तक पहुँचना ज़रूरी है.
केंद्र में यूपीए और वामपंथी दलों के बीच परमाणु समझौते को लेकर चल रही खींचतान के चलते भी लग रहा है कि मायावती लोकसभा चुनाव की तैयारी में लग गई हैं.




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Webinfosys's Hindi News : परमाणु समझौते पर अहम बैठक

भारत-अमरीका परमाणु समझौते को लेकर यूपीए और वामपंथी दलों के बीच बढ़ते मतभेद के बीच दिल्ली में समिति की अहम बैठक चल रही है.

यूपीए और वामपंथी दलों के बीच परमाणु समझौते के मतभेदों को दूर करने के लिए बनी समिति की यह चौथी औपचारिक बैठक है.
समिति के संचालक प्रणव मुखर्जी सोमवार को सीपीएम के नेता प्रकाश करात और सीताराम येचुरी से इस अनुरोध के साथ मिले थे कि सरकार को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा समिति (आईएईए) से बातचीत करने दिया जाए.
लेकिन सीपीएम नेताओं ने इसे ख़ारिज कर दिया है.
इस बीच आईएईए के प्रमुख अल बारादेई भारत पहुँच चुके हैं.
वे मंगलवार को परमाणु ऊर्जा केंद्र का दौरा करेंगे और फिर बुधवार को उनकी मुलाक़ात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कई भारतीय अधिकारियों से होनी है.

बढ़ता मतभेद

सोमवार को वामदलों और यूपीए के बीच बढ़ते मतभेदों का एक और उदाहरण सामने आया.
सोमवार को विदेशमंत्री प्रणव मुखर्जी ने सीपीएम के नेता प्रकाश करात और सीताराम येचुरी से मुलाक़ात की.
प्रणव मुखर्जी ने दोनों नेताओं के सामने यह अनुरोध रखा कि सरकार को आईएईए के साथ बातचीत करने दिया जाए.
ख़बरें हैं कि प्रणव मुखर्जी ने आश्वासन दिया था कि सरकार बातचीत के हर पहलू से वामदलों को अवगत करवाती रहेगी.
इसके बाद प्रकाश करात और सीताराम येचुरी ने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात की.
आख़िर इन नेताओं ने सरकार का आईएईए से बातचीत करने देने का अनुरोध ठुकरा दिया.
बाद में कांग्रेस कोर समिति की भी एक बैठक सोमवार को हुई.
उधर मंगलवार को अल बरदेई सोमवार को मुंबई पहुँच चुके हैं. वे मंगलवार को भारतीय परमाणु ऊर्जा केंद्र में रहेंगे.
बुधवार को वे दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कई भारतीय अधिकारियों से मिलेंगे.
हालांकि बातचीत के इन दौर को औपचारिक ही बताया जा रहा है.
सीपीआई के महासचिव एबी बर्धन ने बातचीत में कहा है कि सरकार अगर आईएईए से अनौपचारिक बात करती है तो वामपंथी दलों को कोई आपत्ति नहीं है.
उन्होंने कहा, "लेकिन अल बारादेई अपनी तकनीकी टीम लेकर बैठें और भारत सरकार अपने परमाणु विशेषज्ञों के साथ बैठकर यदि बातचीत करेगी तो दिक़्कत होगी."
उन्होंने कहा कि मतभेदों को दूर करने के लिए समिति बनी है और जब तक समिति में बातचीत चल रही है मतभेद दूर होने की संभावना बनी हुई है.
हालांकि इस समिति की पहली तीन बैठकों में कोई नतीजा निकलना तो दूर, मतभेद कम होने का एक भी संकेत नहीं मिला है.




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Monday, October 8, 2007

Webinfosys Khel-kud ki News : भारत को चौथा झटका, द्रविड़ भी आउट

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच चंडीगढ़ में खेले जा रहे चौथे वनडे में भारत को चौथा झटका लगा है. लंबे स्ट्रोक्स खेलने के लिए जूझ रहे राहुल द्रविड़ आउट हो गए हैं.


द्रविड़ का विकेट 46वें ओवर में 244 के स्कोर पर गिरा. द्रविड़ ने 14 गेंदों में दो चौकों की मदद से 13 रन बनाए.
दूसरे छोर पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 35 रन बनाकर खेल रहे हैं.
इससे पूर्व, सचिन को तीसरा झटका सचिन के रूप में लगा.
सचिन का विकेट 42वें ओवर में गिरा जब जेम्स होप्स की गेंद पर अंपायर ने एलबीडब्ल्यू की अपील ठुकरा दी, लेकिन इस बीच रन लेने के लिए दौड़ पड़े सचिन की गिल्लियाँ शॉर्ट फाइन लेग पर मुस्तैद ब्रेट ली ने उड़ा दीं.
सचिन ने 119 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 79 रन बनाए. सचिन का विकेट 221 के स्कोर पर गिरा.
सचिन ने अर्धशतक पूरा करने के बाद अपने हाथ खोले हैं और तेज़ी से रन बटोरने शुरू किए हैं.
सचिन ने करियर के 399वें वनडे मैच में 84वाँ अर्धशतक लगाया. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ यह उनका 12वाँ अर्धशतक था.
भारत ने युवराज का विकेट 36 ओवर की आखिरी गेंद पर गँवाया.जेम्स होप्स की गेंद को एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से मारने के प्रयास में रिकी पोंटिंग को कैच थमा बैठे.
युवराज ने 55 गेंदों पर पाँच चौकों की मदद से 39 रन बनाए. उनका विकेट 174 के योग पर गिरा.


अच्छी शुरुआत


सचिन के साथ भारत को अच्छी शुरुआत देने के बाद सौरभ गांगुली आउट हो गए हैं.
गांगुली जेम्स होप्स की गेंद पर विकेट के पीछे एडम गिलक्रिस्ट के हाथों लपके गए.
गांगुली का विकेट 20वें ओवर में 91 के योग पर गिरा. उन्होंने 59 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 41 रन बनाए.
सिरीज़ में गांगुली को पहली बार बल्लेबाज़ी करने का मौका मिला था. वह वर्षा से धुले पहले वनडे में बल्लेबाज़ी नहीं कर सके थे, जबकि कोच्चि और हैदराबाद में चोट के कारण उन्हें एकादश में जगह नहीं मिली थी.
इसके पहले भारतीय कप्तान धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया.
भारतीय टीम में तीन बदलाव किए गए हैं. टीम में सौरभ गांगुली, आरपी सिंह और मुरली कार्तिक को गौतम गंभीर, एस श्रीसंत और राहित शर्मा के स्थान पर शामिल किया गया है.
ऑस्ट्रेलिया ने नैथन ब्रेकन को स्टुअर्ट क्लार्क की जगह लिया है.
इस सिरीज़ में ऑस्ट्रेलिया की टीम दो मैच जीतकर 2-0 से आगे हैं. जबकि एक मैच बारिश के कारण पूरा नहीं हो पाया था.
ट्वेन्टी 20 विश्व कप से अलग रहे सचिन और राहुल द्रविड़ ने अभी तक सिरीज़ में प्रभावित नहीं किया है जबकि सौरभ को अभी बल्लेबाज़ी करने का मौक़ा ही नहीं मिला है.
दूसरी ओर 50 ओवरों के मैच की विश्व विजेता ऑस्ट्रेलिया की टीम अगर चौथा वनडे जीत जाती है तो कम से कम वह सिरीज़ हार नहीं सकती.
दो वनडे मैचों में भारत को भारत की धरती पर हराकर ऑस्ट्रेलियाई टीम के हौसले बुलंद हैं.


टीमें इस प्रकार है:


भारत: सौरभ गांगुली, सचिन तेंदुलकर, रॉबिन उथप्पा, युवराज सिंह, राहुल द्रविड़, महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), इरफ़ान पठान, हरभजन सिंह, ज़हीर ख़ान, मुरली कार्तिक और आरपी सिंह.
ऑस्ट्रेलिया: एडम गिलक्रिस्ट, मैथ्यू हेडन, ब्रैड हॉज, माइकल क्लार्क, रिकी पोंटिंग (कप्तान), एंड्र्यू साइमंड्स, ब्रैड हॉग, नैथन ब्रेकन, जेम्स होप्स, ब्रेट ली, मिशेल जॉनसन.




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Webinfosys HIndi News : 'विकास के दुश्मन हैं क़रार के विरोधी'

कांग्रेस और केंद्र में सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि अमरीका के साथ परमाणु समझौते का विरोध करने वाले देश के विकास के दुश्मन हैं.

उनकी टिप्पणी इसलिए अहम है कि केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन रहे वाम दल परमाणु क़रार को आगे बढ़ाने की दशा में समर्थन वापस लेने की धमकी दे चुके हैं.

सोनिया गांधी ने झज्जर में इंदिरा गांधी सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट का शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "परमाणु समझौते का विरोध करने वाले न केवल कांग्रेस बल्कि शांति और विकास के दुश्मन हैं. हमें उन्हें जवाब देने के लिए हाथ मिलाना चाहिए."

यूपीए अध्यक्ष का कहना था कि भारत की आर्थिक तरक्की जारी रखने के लिए बिजली उत्पादन में भी वृद्धि करना ज़रूरी है.

उन्होंने कहा, "हमें तेज़ आर्थिक विकास के सथ बिजली का उत्पादन भी बढ़ाना है और इसी को ध्यान में रखते हुए अमरीका के साथ परमाणु क़रार किया गया है."

सोनिया गांधी यूपीए सरकार के प्रयासों का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत के सभी इलाक़ों में बिजली की माँग पूरी करने की कोशिश की जा रही है.

ग़ौरतलब है कि केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वाम दल परमाणु समझौते का कड़ा विरोध कर रहे हैं और मामले को सुलझाने के लिए एक समिति भी गठित की गई है.

'रामसेतु'

कांग्रेस अध्यक्ष ने 'रामसेतु' की आड़ में सेतुसमुद्रम परियोजना को राजनीतिक मुद्दा बनाने की आलोचना की.
उन्होंने कहा, "कांग्रेस हमेशा से सभी धर्मों का समान रूप से सम्मान करती रही है. हम चाहते हैं कि कोई भी ऐसा काम नहीं किया जाए जिससे लोगों की भावनाएँ आहत हों."
सोनिया गांधी ने इस मामले को शांतिपूर्वक बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की.
सेतुसमुद्रम का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है. इस मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया था जब केंद्र सरकार ने अपने हलफ़नामे में कहा था कि राम के अस्तित्व के प्रमाण नहीं है.




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Webinfosys Hindi News : 'ब्लैकवॉटर ने 17 लोगों की हत्या की थी'

इराक़ी सरकार का कहना है कि अमरीकी निजी सुरक्षा कंपनी ब्लैकवॉटर के सुरक्षा गार्डों ने 11 नहीं बल्कि 17 लोगों की हत्या की थी.

पहले ऐसी ख़बरें आईं थीं कि इस गोलीबारी में 11 लोग मारे गए थे.
इराक़ सरकार का कहना है कि सरकारी जाँच से पता चला है कि अमरीकी सुरक्षा कंपनी ब्लैकवॉटर के सुरक्षा गार्डों को गोली चलाने के लिए किसी ने उत्तेजित नहीं किया था.
पिछले महीने निजी सुरक्षा कंपनी ब्लैकवॉटर ने बग़दाद में कई इराक़ी आम नागरिकों को गोली मार दी थी.
सरकार प्रवक्ता अली अल-दबाघ का कहना था कि अमरीकी राजनयिकों की सुरक्षा कर रहे ब्लैकवॉटर के सुरक्षा गार्डों पर किसी ने एक पत्थर भी नहीं फेंका गया था.
इराक़ में ब्लैकवॉटर के सुरक्षागार्डों को सज़ा देने की जोरशोर से मांग की जा रही है.
इसके पहले ब्लैकवॉटर यह कहता आया है कि उसके कर्मचारियों ने एक हमले के जवाब में गोलियाँ चलाईं थीं.

निजी सुरक्षा गार्ड

ग़ौरतलब है कि इराक़ में क़ानून और व्यवस्था की स्थिति सुधारने के लिए लाखों सुरक्षा गार्ड तैनात हैं जिन्हें निजी कंपनियों से किराए पर रखा गया है.
ब्लैकवॉटर को अमरीकी विदेश विभाग ही किराए पर लेती है.
पिछले महीने सुरक्षा गार्डों ने ताबड़तोड़ गोलियाँ चला कर कई लोगों की हत्या कर दी थी.
आलोचकों का कहना है कि इन्हें उचित प्रशिक्षण नहीं दिया जाता है और वे सिर्फ़ अपने मालिक के प्रति वफ़ादार होते हैं.
इस घटना के बाद इसमें शामिल ब्लैकवॉटर सुरक्षागार्डों को तुरंत इराक़ छोड़ने को कहा गया था.




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Sunday, October 7, 2007

Webinfosys Hindi News : शोएब इंडियन लीग में खेलने के इच्छुक

शोएब अख्तर ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलने की अनुमति माँगी है.


आईपीएल ट्वेन्टी-20 क्रिकेट लीग है और इसकी शुरुआत भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) की चुनौती से निपटने के लिए की है.
आईपीएल अगले साल अप्रैल में शुरू होगी.
शोएब अख्तर ने कहा है,'' मुझे लिखित प्रस्ताव मिला है और मैं इसमें हिस्सा लेने का इच्छुक हूँ.''
पाकिस्तान के क्रिकेट अधिकारियों ने भी इस बात की पुष्टि की कि शोएब अख्तर ने उनसे आईपीएल में खेलने की अनुमति मांगी है.

ग़ौरतलब है कि शोएब अख्तर ने ट्वेंटी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप की शुरुआत से कुछ दिन पहले दक्षिण अफ़्रीका में अपने साथी खिलाड़ी मोहम्मद आसिफ़ के पैर में बल्ला मार दिया था.
इस मामले में शोएब अख्तर के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सुनवाई चल रही है.
इस घटना के बाद शोएब अख्तर को दक्षिण अफ़्रीका से वापस पाकिस्तान भेज दिया गया था.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि इस मामले में अगले सप्ताह तक फ़ैसला ले लिया जाएगा.
उल्लेखनीय है कि आईपीएल को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से भी मान्यता मिली हुई है और इसमें इनामी राशि के रूप में 30 लाख डालर दिए जाएंगे.




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Webinfosys Hindi News : बस से कुचल कर छह लोगों की मौत

दिल्ली के बदरपुर इलाक़े में एक निजी बस से कुचल कर कम से कम पाँच महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई है. लगभग पाँच लोग घायल हैं.


पुलिस ने बताया कि यह बस मिंटो रोड से बदरपुर जा रही थी. अलीगाँव के पास बसचालक ने नियंत्रण खो दिया और सड़क पार कर रहे लोग इसकी चपेट में आ गए.
घटना के बाद बसचालक और उनके सहयोगी फ़रार हो गए.
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बस में आग लगाने की कोशिश की और सड़क जाम कर दिया.
गुस्साए लोगों को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा. हालाँकि अभी स्थिति नियंत्रण में है. एहतियात के तौर पर पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है.
घायलों को निकटवर्ती अपोलो अस्पताल और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है.
दिल्ली में निजी बसें ब्लूलाइन के नाम से जानी जाती हैं. हाल के दिनों में ब्लूलाइन बसों से कई सड़क दुर्घटनाएँ हुई हैं.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस वर्ष ब्लूलाइन बसों से हुई दुर्घटनाओं में 80 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.


अदालत सख़्त


तीन अक्तूबर को ही ब्लूलाइन बसों को हटाने में टालमटोल रवैया अपनाने पर हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई थी.
हाई कोर्ट ने कहा था कि यातायात नियमों को धता बताकर दुर्घटनाओं का कारण बन रही इन बसों को हटाने का आदेश दिया जा सकता है लेकिन यात्रियों की संभावित परेशानियों को ध्यान में रखकर अदालत सख़्त कदम नहीं उठा रही है.
अदालत ने दिल्ली सरकार से कहा है कि 15 दिसंबर तक ब्लूलाइन बसों के बारे में नीतिगत फ़ैसला ले लिया जाए.
गौरतलब है कि दिल्ली की करीब तीन हज़ार ब्लूलाइन बसों के ख़िलाफ़ दो महीने पहले सरकार ने अभियान चलाया था. इसके तहत हर ब्लूलाइन बस की तकनीकी जांच की गई.
उस वक्त तर्क दिया गया था कि इन बसों की फिटनेस जांच करके यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि तकनीकी गड़बड़ी की वजह से दुर्घटना न हो.
बसों में गति नियंत्रक उपकरण भी लगाए गए लेकिन दुर्घटनाओं में कमी नहीं आई.




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Webinfosys Hindi News : सोनिया ने कहा- चुनाव के लिए तैयार हैं

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने साफ़ कहा है कि यदि लोक सभा के चुनाव समय से पहले होते हैं तो कांग्रेस पार्टी उनका सामना करने को तैयार है.


प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निवास पर आयोजित इफ़्तार पार्टी में संवाददाताओं के ये पूछने पर कि क्या वह समय से पूर्व चुनाव होने को लेकर चिंतित हैं.
श्रीमती गांधी का जवाब था,'' कतई नहीं.''
उन्होंने कहा कि यदि चुनाव होते हैं तो उनका सामना किया जाएगा.

ग़ौरतलब है कि भारत अमरीका परमाणु समझौते को लेकर कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच बढ़ती दूरियों को देखते हुए लोक सभा के चुनाव समय से पहले होने की अटकलें लगाई जा रही हैं.
परमाणु करार पर वामदलों की आशंकाओं का दूर करने के लिए सरकार ने संयुक्त समिति गठित की है जिसकी तीन बैठकें होने के बावजूद गतिरोध अब भी कायम है.

'कुछ भी अंसभव नहीं'


इफ़्तार के दौरान डॉ. मनमोहन सिंह से यह पूछे जाने पर कि क्या मध्यावधि चुनाव की कितनी संभावना हैं, प्रधानमंत्री का कहना था कि कुछ भी असंभव नहीं है.

ये पूछे जाने पर कि क्या वामपंथी दल सरकार से समर्थन वापस लेंगे, प्रधानमंत्री ने कहा,'' मैं ज्योतिषी नहीं हूँ.''
समझौते पर यूपीए और वामपंथी दलों की समिति की बैठक के नतीजों पर उन्होंने ये कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि बातचीत अभी चल रही है और जब तक वार्ता चल रही है, हमें रास्ता निकलने की उम्मीद है.
यह पूछने पर कि क्या गठबंधन राजनीति को चलाना मुश्किल नहीं है? प्रधानमंत्री ने कहा,'' ऐसा नहीं है हमें इसे कारगर बनाना है.''
इस मौके पर उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, रसायन और उर्वरक मंत्री रामविलास पासवान, सूचना प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, जल संसाधन मंत्री सैफुद्दीन सोज, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी और कई अन्य नेता मौजूद थे.




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Wwbinfosys Hindi News : मुशर्रफ़ ने राष्ट्रीय सुलह का आह्वान किया

जीत की ख़बर के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने टीवी पर देश के नाम संदेश में कहा कि वो उन सबका शुक्रिया अदा करना चाहते हैं जिन्होंने उनका साथ दिया और दोबारा राष्ट्रपति बनने में उनकी मदद की.


उन्होंने अपने पक्ष में वोट देने वाले राष्ट्रीय और प्रांतीय असेंबलियों के सदस्यों को ख़ास तौर पर धन्यवाद देते हुए कहा कि वो इस जीत को ऊपर वाले के सामने सिर झुकाते हुए स्वीकार करते हैं.
उन्होंने उम्मीद जताई कि लोग अब हड़तालों में हिस्सा नहीं लेंगे और उनका विरोध कर रहे वक़ील भी वही करेंगे जो पाकिस्तान के लिए सही है.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने राष्ट्रीय सुलह की बात भी दोहराई.
परवेज़ मुशर्रफ़ ने विपक्ष के साथ मिल कर काम करने की इच्छा जताई और कहा कि मीडिया को भी संतुलित रुख़ अपनाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि वो ख़ुद मीडिया की स्वतंत्रता के सबसे बड़े हिमायती हैं.
ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने रविवार को घोषणा की थी कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ चुनाव जीत गए हैं.
लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के मुताबिक़ इस नतीजे की आधिकारिक सूचना तब तक जारी नहीं की जाएगी जब तक मुशर्रफ़ के विरोधी उम्मीदवारों की याचिका पर अदालत सुनवाई पूरी नहीं कर लेती.
प्रधानमंत्री शौक़त अज़ीज़ ने चुनाव के बारे में कहा कि इससे पाकिस्तान के लोकतांत्रिक मूल्यों का पता चलता है.

चुनाव पर विवाद


हालांकि परवेज़ मुशर्रफ़ ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि अगर वो दोबारा राष्ट्रपति बन जाते हैं तो फ़ौजी वर्दी उतार देंगे लेकिन विपक्ष ने अदालत से गुहार लगाई है कि मुशर्रफ़ सेनाध्यक्ष रहते हुए चुनाव लड़ ही नहीं सकतेकुछ लोगों का मानना है कि ये चुनाव पाकिस्तान को संपूर्ण लोकतंत्र की तरफ़ ले जाने की दिशा में एक क़दम है.
जबकि सच ये भी है कि देश में राजनीतिक मतभेद भी बढ़े हैं जिन्हें देख कर कुछ लोग मानते हैं कि अब देश में अस्थिरता पहले से बढ़ेगी.
शनिवार को हुए चुनावों के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी काज़ी मोहम्मद फ़ारूक़ ने पत्रकारों को बताया था कि कुल 257 वोट पड़े थे जिनमें से 252 वोट मुशर्रफ़ के पक्ष में गए जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी वजीहुद्दीन को सिर्फ़ दो वोट मिले जबकि तीन वोट रद्द कर दिए गए.
विपक्षी गठबंधन ऑल पार्टी डेमोक्रेटिक मूवमेंट (एपीडीएम) ने इस चुनाव को ग़ैरक़ानूनी बताते हुए इसका बहिष्कार किया था.
बेनज़ीर भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सदस्यों ने भी मतदान में हिस्सा नहीं लिया.




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Webinfosys Hindi News : समर्थन वापसी का पत्र सौंपेगी भाजपा

कर्नाटक में भाजपा ने कुमारस्वामी सरकार से समर्थन वापस ले लिया है और रविवार को समर्थन वापसी का पत्र राज्यपाल को सौंप दिया जाएगा.


शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के कर्नाटक की कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद ही राज्य सरकार अल्पमत में आ गई थी.
हालांकि शनिवार को पार्टी की ओर से समर्थन वापसी की घोषणा कर दी गई थी पर औपचारिक रूप से समर्थन वापसी का पत्र राज्यपाल को नहीं सौंपा गया था.
रविवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से राज्य के राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर को समर्थन वापसी का पत्र सौंप दिया जाएगा.
जेडीएस नेता एचडी देवेगौड़ा से भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह की मुलाक़ात के बाद शनिवार को भाजपा संसदीय बोर्ड ने जनता दल सेक्युलर (जेडएस) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार से समर्थन वापसी का फ़ैसला लिया था.


धोखाधड़ी का आरोप


समर्थन वापसी की घोषणा करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने जेडीएस पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया.
ग़ौरतलब है कि कर्नाटक में जेडीएस के नेतृत्व में भाजपा के समर्थन वाली सरकार है और एचडी देवेगौड़ा के पुत्र कुमारस्वामी राज्य के मुख्यमंत्री हैं.
समर्थन की शर्तों के मुताबिक इसी महीने की तीन तारीख को मुख्यमंत्री पद भाजपा के प्रतिनिधि को दिया जाना था पर जेडीएस ने बागडोर भाजपा को सौंपने से इनकार कर दिया.
उधर राज्य में बदलते घटनाक्रम पर कांग्रेस की भी नज़र है और राज्य पार्टी के नेताओं का कहना है कि उन्हें भाजपा की ओर से राज्यपाल को समर्थन वापसी का पत्र सौंपे जाने का इंतज़ार है.
हालांकि राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की अध्यक्षता में शुक्रवार सुबह हुई कैबिनेट की बैठक में 18 अक्तूबर को विधानसभा की बैठक बुलाने का फ़ैसला किया गया था पर जानकार मानते हैं कि भाजपा के समर्थन वापसी के बाद राज्य सरकार का गिरना तय है.
कर्नाटक में वर्ष 2004 में चुनाव हुए थे, जिसमें 225 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा 79 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी.




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