उनको डिपोर्ट करने या वापस लौटाए जाने के कारणों का पता नहीं चला है लेकिन उनके भाई सारिम बर्नी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि उन्हें कुछ बहाने बनाकर वापस भेज दिया गया है।
अभी यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि किसके आदेश पर बर्नी को वापस लौटाया गया है।
अंसार बर्नी पाकिस्तान में अंतरिम सरकार में मानवाधिकार मामलों के मंत्री थे।
ंसार बर्नी जामा मस्जिद यूनाइटेड फ़ोरम की ओर से 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद' पर दो दिवसीय सम्मेलन में हिस्सा लेने दिल्ली पहुँचे थे।
सम्मेलन के निदेशक सैयद एहसान शम्सी ने कहा "मैं अपने कुछ साथियों के साथ हवाई अड्डे पर बर्नी साहब का स्वागत करने पहुँचा लेकिन वो हवाई अड्डे के बाहर भी निकल सके। उन्हें अधिकारियों ने एक पुर्जा थमाया और वापस लौट जाने को कहा।"
शम्सी बताते हैं, "मुझे नहीं पता चल सका कि पुर्जे में क्या लिखा है। वो सम्मेलन में नहीं आ सकेंगे इसको लेकर हम निराश हैं."
सम्मेलन में पाकिस्तान से आमंत्रित अतिथियों की सूची में मानवाधिकार कार्यकर्ता अस्मा जहाँगीर और अवामी नेशनल पार्टी के महासचिव मोहम्मद हाशिम बाबर का नाम भी शामिल है। कश्मीर सिंह को रिहा किया गया और वो फांसी की सज़ा पा चुके सरबजीत सिंह की सज़ा माफ़ करवाने के लिए भी प्रयास कर रहे हैं।
वापस दुबई
अंसार बर्नी के भाई ने बताया कि अंसार बर्नी लंदन से रवाना हुए थे और दुबई के रास्ते भारत आ रहे थे।
अंसार बर्नी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थानीय समय के अनुसार रात साढ़े आठ बजे अमीरात एयरवेज़ के विमान से उतरे थे।
वहाँ भारतीय अधिकारियों ने उन्हें वापस दुबई भेज दिया है।
जैसा कि सारिम बर्नी ने बताया, अंसार बर्नी शनिवार को सुबह लंदन पहुँच रहे हैं और तभी सही-सही कारणों का पता चल सकेगा।
यह पूछे जाने पर कि क्या उनके पास भारत आने के लिए आवश्यक दस्तावेज़ नहीं थे, उनके भाई ने कहा, "क्या कोई व्यक्ति लंदन के विमानतल से बिना दस्तावेज़ के भारत की उड़ान ले सकता है?"
उनके भाई का कहना है कि वे उन पाकिस्तानी नागरिकों से मिलने पहुँचे थे जिन्हें पासपोर्ट में कथित तौर पर छेड़छाड़ करने के आरोप में हाल ही में गिरफ़्तार किया गया है।
उल्लेखनीय है कि अंसार बर्नी पिछली अप्रैल में ही भारत आए थे और दिल्ली में उनकी मुलाक़ात भारत के गृहमंत्री शिवराज पाटिल और विदेश सचिव शिवशंकर मेनन से हुई थी।
सरबजीत सिंह के परिवारजनों ने भी अमृतसर में उनसे मुलाक़ात की थी और सरबजीत को माफ़ी दिलवाने की अपील की थी।
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