वकीलों का कहना है कि कुछ वकीलों की पिटाई की गई और कुछेक को गिरफ़्तार भी कर लिया गया.
जमाते इस्लामी का कहना है कि रात में छापे मार कर उसके सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार कर लिया गया.
सिंध हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अख़्तर हुसैन ने समाचार एजेंसी रॉयटर को बताया, '' वकील जब सुबह हाईकोर्ट से निकल रहे थे तो पुलिस ने उन पर लाठियाँ चलाईं.''
इनमें कई को गिरफ़्तार भी कर लिया गया है.
वरिष्ठ वकील अख़्तर हुसैन ने एएफ़पी को बताया कि लगभग 50 वकीलों को गिरफ़्तार कर लिया गया और उन्हें पुलिस वाहनों में ले जाया गया.
एक अन्य वकील मुदासिर सईद का कहना था कि पुलिस ने कई वकीलों की बेहरमी से पिटाई की जो रावलपिंडी में अदालत के बाहर सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे.
स्थिति चिंताजनक
उधर पाकिस्तान की स्थिति अब चिंताजनक बनी हुई है. कई विपक्षी नेताओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को आपातकाल की घोषणा के बाद से गिरफ्तार किया जा चुका है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने स्वीकार किया है कि लगभग पाँच सौ लोगों को अभी तक गिरफ़्तार किया जा चुका है.
पाकिस्तान ने अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि देश में जनवरी, 2008 में संभावित आम चुनाव आपातकाल लगाए जाने के बाद भी अपने निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक ही होंगे या नहीं.
विपक्षी दल, मानवाधिकार संगठन और कई प्रमुख नेता राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के इस क़दम की आलोचना कर रहे हैं.
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