नई दिल्ली : केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय 11वीं पंचवर्षीय योजना के पूरा होने तक देश के सभी बड़े शहरों में बस रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (बीआरटीएस) लागू कर देना चाहता है। राज्यों से कहा गया है कि वे शहरों में बीआरटीएस को प्रभावी बनाने के लिए शहरों का सर्वे कर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करें। इस सिस्टम को लागू करने के लिए स्थानीय निकायों को प्रोत्साहित किया जाए और इसे अमलीजामा पहनाने के लिए समयसीमा निश्चित करें।
मंत्रालय के मुताबिक देश के कई शहरों ने बीआरटीएस को लेकर अपनी दिलचस्पी दिखाई है। वे प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्युअल मिशन के तहत केंद्र राज्यों को बीआरटीएस के लिए वित्तीय सहयोग दे रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने, ट्रेनिंग देने और वर्कशॉप आयोजित करने में भी मंत्रालय मदद कर रहा है। मंत्रालय ने शहरों के लिए बीआरटीएस को एक मिशन के रूप में लेने को कहा है।
इस सिस्टम को लागू करने के लिए मंत्रालय के सहयोग से जयपुर, दिल्ली और पुणे में वर्कशॉप हो चुकी है। इसी महीने के आखिरी सप्ताह में अहमदाबाद में बीआरटीएस को प्रभावी बनाने पर वर्कशॉप होगी। शहरों में तेजी से बढ़ रही आबादी से परिवहन पर बढ़ रहे दबाव को देखते हुए 3 चरण में परिवहन व्यवस्था को अमल में लाने की बात है। बीआरटीएस को ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट का प्रमुख आधार बनाया गया है। शहरों की रेल-रोड कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी।
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