सिलवियो बर्लुस्कोनी ने तीसरी बार इटली के आम चुनाव में जीत हासिल की है जिसके बाद उन्होंने कहा कि वह देश की अर्थव्यवस्था में सुधार आगे बढ़ाने के लिए विपक्ष के साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं।
71 वर्षीय मध्य-दक्षिणपंथी नेता सिलवियो बर्लुस्कोनी ने हालाँकि चेतावनी के अंदाज़ में कहा कि आने वाले कुछ महीने काफ़ी मुश्किल हो सकते हैं।
बर्लुस्कोनी ने यह बयान प्रतिद्वंद्वी नेता वॉल्तर वेल्तरोनी के हार स्वीकार करने के तुरंत बाद दिया है। इन चुनाव नतीजों में जीत हासिल करने के बाद बर्लुस्कोनी तीसरी बार इटली के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं।
हालाँकि इटली में संवैधानिक प्रावधानों को देखा जाए तो अभी आम चुनाव में तीन साल बचे थे लेकिन देश की रोमानो प्रोदी सरकार बीच में ही गिर जाने की वजह से चुनाव कराने पड़े। रोमानो प्रोदी की सरकार मध्य-वामपंथी विचारधारावाली थी।
अब सिलवियो बर्लुस्कोनी जो सरकार बनाएंगे वह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद इटली की 62वीं सरकार होगी।
नतीजे
आम चुनाव के लगभग सभी नतीजे आ चुके हैं और इटली के गृह मंत्रालय ने कहा है कि सिलवियो बर्लुस्कोनी की मध्य-दक्षिणपंथी पार्टी को सीनेट में 47 प्रतिशत वोट मिले हैं जबकि विपक्षी मध्य-वामपंथी पार्टी को 38 प्रतिशत वोट हासिलआधिकारिक नतीजों के अनुसार बर्लुस्कोनी के गठबंधन को इतालवी संसद के निचले सदन - चैंबर ऑफ़ डिपुटीज़ में 46।5 प्रतिशत मत हासिल हुए हैं जबकि मध्य-वामपंथी गठबंधन को लगभग 38 प्रतिशत वोट मिले हैं।
इटली में हालाँकि सिलवियो बर्लुस्कोनी के समर्थकों ने उनकी जीत पर ख़ुशियाँ मनाई हैं लेकिन सोमवार को इटली की सड़कों पर आमतौर पर ख़ामोशी ही नज़र आई।
बहोत कम लोग ऐसे हैं जिन्हें यह भरोसा है कि राजनेता देश में कोई बेहतर बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं और बहुत से लोगों ने इस आम चुनाव में अनिच्छा से हिस्सा लिया था।
नतीजे आने के बाद अब सरकार गठन के लिए गठबंधन की जोड़-तोड़ वाली राजनीति शुरू होगी। जीत के बाद सिलवियो बर्लुस्कोनी ने एक टेलीविज़न चैनल से बातचीत में कहा कि उनकी सरकार का आकार काफ़ी छोटा होगा जिसमें 12 मंत्री होंगे और उनमें चार महिलाएँ होंगी।
सिलवियो बर्लुस्कोनी ने अपनी जीत के लिए मतदाताओं को धन्यावाद देते हुए कहा कि आने वाले कुछ महीने काफ़ी मुश्किलों भरे हो सकते हैं जिनका सामना करने के लिए बड़ी ताक़त और हौसले की ज़रूरत होगी।
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