उन्होंने भारत-पाक संबंधों को और बेहतर बनाने की उम्मीद जताई।
मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को शपथ दिलाए जाने के कुछ ही घंटों बाद उन्हें फ़ोन कर बधाई दी।
भारतीय प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि वो द्विपक्षीय संबंधों को और बेहतर बनाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्रियों बेनजीर भुट्टो, नवाज शरीफ़ और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की गई पहल को और आगे बढ़ाएंगे।
मनमोहन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गीलानी को एक पत्र भी लिखा है जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के साथ दोस्ती और सहयोग को और मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया है।
उनका कहना है कि भारत एक स्थिर, समृद्ध और लोकतांत्रिक पाकिस्तान देखना चाहता है।
प्रधानमंत्री ने शांति प्रक्रिया को तेज करने और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने को और मजबूत करने की बात कही है।
इसके पहले मंगलवार को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता यूसुफ़ रज़ा गीलानी ने मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।
राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने इस्लामाबाद में उन्हें पद की शपथ दिलाई।
यूसुफ़ रज़ा गीलानी मुस्लिम लीग़ (नवाज़) के साथ मिलकर बनने वाली गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने के बाद यूसुफ़ रज़ा गीलानी के तेवर तीख़े लग रहे हैं।
संसद में चुने जाने के बाद उन्होंने राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को विवादित मुद्दों पर चुनौती दे डाली थी।
पहले तो उन्होंने नज़रबंद जजों की रिहाई का वादा किया तो दूसरी ओर पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या की संयुक्त राष्ट्र से जाँच कराने की बात कह डाली थी।
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