वडोदरा में ऑस्ट्रेलिया के साथ खेले जा रहे पाँचवे एकदिवसीय मैच में ख़राब शुरुआत के बाद भारतीय पारी संभल ही नहीं सकी और आख़िर 40वें ओवर में 148 रनों के योग पर सिमट गई.
सचिन और पठान ने थोड़े समय तक पारी को संभालने की कोशिश की थी लेकिन वह भी बहुत टिकाऊ साबित नहीं हुई.
ऑस्ट्रेलिया का ओर से जॉनसन ने शानदार गेंदबाज़ी की और 10 ओवरों में 26 रन देकर पाँच विकेट लिए.
विकेट कीपर गिलक्रिस्ट ने और भी शानदार प्रदर्शन करते हुए छह विकेट लपके.
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का निर्णय लिया था.
ऑस्ट्रेलिया के साथ सात वन डे मैचों की सीरिज़ में ऑस्ट्रेलिया 2-1 से आगे है जबकि एक मैच बारिश के कारण बेनतीजा रहा था.
ख़राब शुरुआत
भारत ने पहले ही ओवर में दो विकेट खो दिए थे इसके बाद चौथे ओवर में तीसरा और सातवें ओवर में चौथा विकेट गिर चुका था.
जब चौथा विकेट गिरा तब टीम का स्कोर था 33 रन और पाँचवा विकेट 43 रनों के स्कोर पर गिरा.
भारत को पहले ही ओवर में दो झटके लगे. सौरव रन आउट हुए तो द्रविड़ एलबीडब्लू. जो पाँच रन भारत के खाते में तब तक थे वे अतिरिक्त रनों के थे.
ब्रेट ली की चौथी गेंद पर सौरव रन लेना चाहते थे और वे आधी दूरी पार भी कर चुके थे लेकिन सचिन ने कुछ क़दम बढ़ाने के बाद उन्हें लौटने का इशारा किया लेकिन वे क्रीज़ तक पहुँच ही नहीं सके और हॉग के थ्रो पर गिलक्रिस्ट ने स्टंप उड़ाने में कोई ग़लती नहीं की.
इसके बाद आए द्रविड़ पहली ही गेंद में एलबीडब्लू आउट हो गए.
सचिन के साथ युवराज सिंह दबाव में आगे खेलना शुरु किया. लेकिन चौथे ओवर में जॉनसन की गेंद पर एक ख़राब शॉट लगाते हुए युवराज सिंह विकेटकीपर गिलक्रिस्ट को कैच थमा बैठे.
इसके बाद रॉबिन उथप्पा सचिन के साथ पारी कों संभालने आए. दोनों के बीच अभी 21 रनों की पार्टनरशिप ही हुई थी कि उथप्पा एलबीडब्लू आउट हो गए.
सातवें ओवर की पहली गेंद पर जॉनसन ने भारत का चौथा विकेट झटक लिया.
इसके बाद मैदान पर आए कप्तान धोनी से उम्मीदें थीं लेकिन दसवें ओवर की तीसरी गेंद पर जॉनसन की गेंद पर वे भी गिलक्रिस्ट को कैच थमा बैठे. वे टीम के लिए चार रन ही जुटा सके.
साझेदारी
धोनी के आउट होने के बाद इरफ़ान पठान मैदान में आए.
पठान ने सचिन के साथ मिलकर भारतीय पारी को संभालने की कोशिश की और धीमी गति से रन बनाते हुए टीम का स्कोर 92 रनों तक पहुँचाया.
लेकिन 26वें ओवर में ब्रेट ली की गेंद पर सचिन को एक बार फिर गिलक्रिस्ट ने लपक लिया. सचिन ने 47 रन बनाए.
इसके अगले ही ओवर में हरभजन सिंह को हॉग की गेंद पर ब्रैकेन ने कैच आउट कर दिया.
क्रिज़ पर टिके अपने हीरो पठान पर वडोदरा के दर्शकों की नज़र थी लेकिन जॉनसन की गेंद ने फिर कमाल दिखाया और पठान के बल्ले से लगती हुई गेंद एक बार फिर गिलक्रिस्ट के हाथों में चली गई.
तब तक पठान 26 रन जोड़ सके थे.
पठान और सचिन ने मिलकर टीम के लिए 49 रन जोड़े.
अभी भारतीय टीम आठवें विकेट के झटके से उबरी नहीं थी कि 29वें ओवर में जॉनसन की गेंद ने मुरली कार्तिक को शिकार बनाया. गिलक्रिस्ट ने एक बार फिर विकेट के पीछें कैच लपका.
भारतीय पारी को संभालने वाली और अच्छी कही जा सकने वाली साझेदारी अंतिम जोड़ी ज़हीर ख़ान और आरपी सिंह ने निभाई.
दोनों ने 10 ओवर तक पिच पर रहे और टीम के लिए 41 रन जोड़े.
ज़हीर ख़ान ने 28 महत्वपूर्ण रन बनाए जिसमें दो छक्के शामिल थे. आरपी सिंह ने 12 नाबाद रन बनाए.
यह मैच मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का 400 वाँ एकदिवसीय मैच था. इसके साथ ही वे इतने एकदिवसीय मैच खेलने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी हो गए हैं.
इससे पहले श्रीलंका के सनत जयसूर्या एकमात्र ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने 400 वनडे मैच खेले हैं.
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