शिवराज पाटिल गुरुवार को अजमेर की दरगाह में विस्फोट के बाद की स्थितियों का जायज़ा लेने के लिए अजमेर पहुँचे हुए हैं.
उन्होंने कहा, "पुलिस को काफ़ी कुछ मालूमात हासिल हुई है पर इसे सार्वजनिक रूप से बताने का यह सही समय नहीं है. अगर सबकुछ बता दिया गया तो अपराधी छिप जाएंगे. मुझे इस बारे में जाँच अधिकारियों ने जानकारी दी है. घटना के तार सरहद तक पहुँच रहे हैं."
शिवराज पाटिल ने कहा कि जाँचकर्ताओं को काफ़ी सुराग मिले हैं पर पूरी स्थिति स्पष्ट होने तक कोई भी बात कहना उचित नहीं है.
उन्होंने बताया कि दरगाह के मुआयने के दौरान उन्होंने कई आला अधिकारियों और जाँचकर्ताओं से पूरी जानकारी हासिल की है.
गुरुवार को अजमेर स्थित ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ की दरगाह पर हुए एक विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई थी और क़रीब 14 लोग घायल हो गए थे.
सुरक्षा की चिंता
शिवराज पाटिल ने कहा कि यह दरगाह केवल राजस्थान के ही नहीं, देश और दुनिया के कई दूसरे देशों के लोगों के लिए भी ख़ासी महत्व की है और देश के अन्य राज्यों के अलावा पड़ोसी देशों से भी कई लोग यहाँ जियारत करने आते हैं.
ऐसे में इस दरगाह की सुरक्षा को लेकर ख़ासतौर पर रणनीति तैयार करने की ज़रूरत है. इसके लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को मिलकर एक रणनीति पर काम करना होगा.
गृहमंत्री ने कहा कि देश में एक प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो बाक़ी के 99 प्रतिशत लोगों के ख़िलाफ़ जाना चाहते हैं पर वे ऐसा नहीं कर सकते हैं.
उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में आतंक फैलाना चाहते हैं पर देश और राज्य की सरकारें और आम लोग ऐसा नहीं होने देंगे.
शनिवार की सुबह शिवराज पाटिल ने दरगाह परिसर में विस्फोट की जगह और उससे हुई क्षति का जायज़ा लिया.
इसके बाद वो अस्पताल में भर्ती घायलों का हालचाल पूछने के लिए अस्पताल के लिए रवाना हो गए. शिवराज पाटिल की दरगाह में मौजूदगी के दौरान दर्शन करने वालों को बाहर रोक दिया गया था.
जाँच में प्रगति
उधर राज्य सरकार के गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जाँच में प्रगति हुई है और जल्द ही इस घटना से जुड़े सबूतों के आधार पर किसी नतीजे पर पहुँचा जा सकेगा.
राज्य सरकार की ओर से फोरेंसिक टीम के सदस्य और पुलिस विभाग के आला अधिकारी इस विस्फोट की गुत्थी सुलझाने में लगे हुए हैं.
गृह विभाग के अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि मामले की जाँच सही दिशा में आगे बढ़ रही है पर अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
अधिकारियों का कहना है कि जो सबूत अभी तक हासिल हुए हैं उनको एक-दूसरे से जोड़कर देखा जा रहा है और इसके आधार पर मामले की गुत्थी सुलझाने की कोशिश की जा रही है.
इस बीच रविवार को भारत में ईद के मद्देनज़र देश के कई प्रमुख शहरों की सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त रखने की हिदायत दी गई है.
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