चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने चीन में कम्यूनिस्ट पार्टी की कांग्रेस में भाग ले रहे प्रतिनिधियों को चेताया कि आर्थिक प्रगति के बावजूद चीन कई तरह की सामाजिक और पर्यावरण संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है.
चीन के बीजिंग शहर में कम्यूनिस्ट पार्टी की पंचवर्षीय कांग्रेस यानि पार्टी का अधिवेशन शुरु हुआ है जिसमें 2000 से ज़्यादा प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं.
उन्होनें कहा कि सरकार कुछ क्षेत्रों में नाकाम रही है जिसमें भ्रष्टाचार से लड़ने में असफलता प्रमुख है.
हू जिंताओ का कहना था कि पार्टी का 'अस्तित्व' इस बात पर निर्भर करता है कि भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों को कितनी 'दृढ़ता से सज़ा' दी जाती है.
उन्होंने एक बार फिर यह चेतावनी दी कि ताइवान की औपचारिक स्वतंत्रता की किसी भी तरह की कोशिश को चीन बर्दाश्त नहीं करेगा.
'अमीर-ग़रीब के बीच खाई'
हर पाँच साल बाद होने वाली कम्यूनिस्ट पार्टी कांग्रेस चीन में सबसे प्रमुख राजनीतिक घटना होती है. सात दिन तक चलने वाले इस अधिवेशन में अगले पाँच साल का राजनीतिक एजेंडा भी पारित होता है.
उनका कहना है कि वे इस ओर संकेत भी देंगे कि वर्ष 2012 में कौन से नेता पार्टी में आगे आ सकते हैं.
हू जिंताओ का कहना था, "पार्टी का जनाधार और उसका अस्तित्व ही दृढ़ता से भ्रष्ट लोगों को सज़ा देने और भ्रष्टाचार को रोक पाने पर निर्भर है."
हू ने माना कि चीन में अमीर और ग़रीब के बीच की खाई बढ़ रही है और पार्टी को यह सुनिश्चित करना होगा कि चीन की संपदा ज़्यादा समान रूप से लोगों के बीच बँटे.
उन्होंने कहा, "अभी भी बड़ी सँख्या में ग़रीब और कम आय वाले लोग शहरी और ग्राम्रीण दोनों क्षेत्रों में रहते हैं. सभी लोगों के हितों का ध्यान रख पाना और मुश्किल हो गया है."
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