दिल्ली के बदरपुर इलाक़े में एक निजी बस से कुचल कर कम से कम पाँच महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई है. लगभग पाँच लोग घायल हैं.
पुलिस ने बताया कि यह बस मिंटो रोड से बदरपुर जा रही थी. अलीगाँव के पास बसचालक ने नियंत्रण खो दिया और सड़क पार कर रहे लोग इसकी चपेट में आ गए.
घटना के बाद बसचालक और उनके सहयोगी फ़रार हो गए.
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बस में आग लगाने की कोशिश की और सड़क जाम कर दिया.
गुस्साए लोगों को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा. हालाँकि अभी स्थिति नियंत्रण में है. एहतियात के तौर पर पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है.
घायलों को निकटवर्ती अपोलो अस्पताल और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है.
दिल्ली में निजी बसें ब्लूलाइन के नाम से जानी जाती हैं. हाल के दिनों में ब्लूलाइन बसों से कई सड़क दुर्घटनाएँ हुई हैं.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस वर्ष ब्लूलाइन बसों से हुई दुर्घटनाओं में 80 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
अदालत सख़्त
तीन अक्तूबर को ही ब्लूलाइन बसों को हटाने में टालमटोल रवैया अपनाने पर हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई थी.
हाई कोर्ट ने कहा था कि यातायात नियमों को धता बताकर दुर्घटनाओं का कारण बन रही इन बसों को हटाने का आदेश दिया जा सकता है लेकिन यात्रियों की संभावित परेशानियों को ध्यान में रखकर अदालत सख़्त कदम नहीं उठा रही है.
अदालत ने दिल्ली सरकार से कहा है कि 15 दिसंबर तक ब्लूलाइन बसों के बारे में नीतिगत फ़ैसला ले लिया जाए.
गौरतलब है कि दिल्ली की करीब तीन हज़ार ब्लूलाइन बसों के ख़िलाफ़ दो महीने पहले सरकार ने अभियान चलाया था. इसके तहत हर ब्लूलाइन बस की तकनीकी जांच की गई.
उस वक्त तर्क दिया गया था कि इन बसों की फिटनेस जांच करके यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि तकनीकी गड़बड़ी की वजह से दुर्घटना न हो.
बसों में गति नियंत्रक उपकरण भी लगाए गए लेकिन दुर्घटनाओं में कमी नहीं आई.
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