कर्नाटक में भाजपा ने कुमारस्वामी सरकार से समर्थन वापस ले लिया है और रविवार को समर्थन वापसी का पत्र राज्यपाल को सौंप दिया जाएगा.
हालांकि शनिवार को पार्टी की ओर से समर्थन वापसी की घोषणा कर दी गई थी पर औपचारिक रूप से समर्थन वापसी का पत्र राज्यपाल को नहीं सौंपा गया था.
रविवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से राज्य के राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर को समर्थन वापसी का पत्र सौंप दिया जाएगा.
जेडीएस नेता एचडी देवेगौड़ा से भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह की मुलाक़ात के बाद शनिवार को भाजपा संसदीय बोर्ड ने जनता दल सेक्युलर (जेडएस) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार से समर्थन वापसी का फ़ैसला लिया था.
धोखाधड़ी का आरोप
समर्थन वापसी की घोषणा करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने जेडीएस पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया.
ग़ौरतलब है कि कर्नाटक में जेडीएस के नेतृत्व में भाजपा के समर्थन वाली सरकार है और एचडी देवेगौड़ा के पुत्र कुमारस्वामी राज्य के मुख्यमंत्री हैं.
समर्थन की शर्तों के मुताबिक इसी महीने की तीन तारीख को मुख्यमंत्री पद भाजपा के प्रतिनिधि को दिया जाना था पर जेडीएस ने बागडोर भाजपा को सौंपने से इनकार कर दिया.
उधर राज्य में बदलते घटनाक्रम पर कांग्रेस की भी नज़र है और राज्य पार्टी के नेताओं का कहना है कि उन्हें भाजपा की ओर से राज्यपाल को समर्थन वापसी का पत्र सौंपे जाने का इंतज़ार है.
हालांकि राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की अध्यक्षता में शुक्रवार सुबह हुई कैबिनेट की बैठक में 18 अक्तूबर को विधानसभा की बैठक बुलाने का फ़ैसला किया गया था पर जानकार मानते हैं कि भाजपा के समर्थन वापसी के बाद राज्य सरकार का गिरना तय है.
कर्नाटक में वर्ष 2004 में चुनाव हुए थे, जिसमें 225 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा 79 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी.
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