भारत में केंद्रीय जाँच व्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने सिरसा स्थित आध्यात्मिक संगठन डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह की अंतरिम ज़मानत अवधि 15 अक्तूबर तक के लिए बढ़ा दी है.
बाबा राम रहीम सिंह गुरुवार को अंबाला में सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष पेश हुए. उन पर हत्या और बलात्कार के मामले चल रहे हैं.
बाबा राम रहीम सिरसा से सैंकड़ों गाड़ियों के काफ़िले के साथ अंबाला पहुँचे. रास्ते में भी सड़क के दोनों ओर उनके समर्थक भारी संख्या में मौजूद थे.
डेरा प्रमुख के समर्थकों की मौजूदगी को देखते हुए सीबीआई अदालत के आस-पास सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को डेरा प्रमुख की अंतरिम ज़मानत रद्द किए जाने की अपील ठुकरा दी थी.
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें अग्रिम ज़मानत दे दी थी. हालाँकि उन्हें सीबीआई की विशेष अदालत में पेश होने और वहीं नियमित ज़मानत हासिल करने के लिए अर्ज़ी देने का आदेश दिया था.
मामले
सीबीआई ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह के ख़िलाफ़ तीन मामलों में आरोप दायर किए हैं.
ये मामले डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह और सिरसा के एक पत्रकार राम चंदर की हत्या और एक शिष्या के कथित बलात्कार के हैं.
डेरा सच्चा सौदा एक आध्यात्मिक संगठन है, जिसकी स्थापना 1948 में तब के संयुक्त पंजाब और आज के हरियाणा के सिरसा में की गई थी. बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह संगठन के प्रमुख हैं.
हाल में डेरा सच्चा सौदा संगठन और उनके प्रमुख काफ़ी विवाद में रहे थे.
दरअसल गुरमीत राम रहीम को कथित रूप से एक विज्ञापन में सिखों के 10वें गुरु गोविंद सिंह की वेशभूषा में दिखाया गया था जिससे सिख समुदाय में भारी नाराज़गी थी.
इसके बाद सिख समुदाय के लोगों और डेरा सच्चा सौदा समर्थकों के बीच राज्य के कुछ स्थानों पर हिंसक झड़पें हुईं थीं.
बाद में बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह ने गुरु गोविंद सिंह से माफ़ी मांगी थी और बयान में कहा था कि गुरु गोविंद सिंह के जैसा दिखने या उनकी नकल करने की उनकी कोई मंशा नहीं थी.
Thursday, October 4, 2007
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