केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है कि चरमपंथी आधुनिक तकनीकों का सहारा ले रहे हैं और वे धार्मिक स्थलों को निशाना बना सकते हैं.
पुलिस के आला अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए शिवराज पाटिल ने सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि जिन जगहों पर भारी संख्या में लोग जमा होते हैं, वहाँ हमला होने की आशंका सबसे ज़्यादा है.
उनका कहना था, "यह स्पष्ट होता जा रहा है कि चरमपंथी अत्याधुनिक तकनीक हासिल कर रहे हैं. वे हमलों में इनका सहारा ले सकते हैं."
गृह मंत्री ने कहा, "धार्मिक स्थानों को निशाना बनाया जा सकता है. पुलिस भी उनके निशाने पर हो सकती है. नेताओं और अन्य मुख्य व्यक्तियों पर हमले हो सकते हैं."
उन्होंने लश्करे तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनके 'स्लीपर सेल' भारत में मौजूद हैं जिसे वे अपनी ज़रूरतों के मुताबिक सक्रिय कर सकते हैं.
गृह मंत्री ने पुलिस और ख़ुफ़िया विभाग के अधिकारियों से विश्वसनीय और कार्रवाई करने लायक सूचनाएँ जुटाने को कहा जिसके आधार पर बेहतर पुलिस प्रणाली विकसित हो सके.
उन्होंने कई राज्यों में आबादी के अनुपात में पुलिसकर्मियों की घटती संख्या पर चिंता जताई और कहा कि रिक्त पदों पर नई भर्तियाँ करने में देरी करना ठीक नहीं होगा.
गृह मंत्री ने किसी राज्य का नाम लिए बिना कहा कि पुलिस प्रणाली के मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार जो धना उपलब्ध कराती है, उसका ठीक ढंग से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.
Thursday, October 4, 2007
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