Monday, October 1, 2007

Webinfosys News : तमिलनाडु सरकार को न्यायालय की फ़टकार

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु बंद पर दिए गए अपने आदेश की अवहेलना के लिए राज्य सरकार की खिंचाई की है और अवमानना की प्रक्रिया शुरु करने की चेतावनी दी है .
सेतुसमुद्रम परियोजना के मुद्दे पर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ने सोमवार को बंद का आह्वान किया था जिसे रविवार को एक विशेष सत्र में सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई थी.
इसके बाद द्रमुक के प्रमुख एम करुणानिधि ने उपवास करने की घोषणा की और पूरे राज्य में बंद जैसी स्थिति बनी हुई है.
करुणानिधि फिलहाल उपवास कर रहे हैं.
बंद पर कोर्ट की रोक के बावजूद राज्य में बसें नहीं चल रही हैं और कई स्थानों पर दुकानें भी बंद हैं.
सोमवार को जब यह मामला फिर न्यायालय के समक्ष आया तो न्यायालय ने कड़ी टिप्पणी की.
न्यायालय का कहना था ' क्या ये सरकार है. ये तमिलनाडु की सरकार है.क्या यही सरकार केंद्र सरकार की सहयोगी भी है. अगर द्रमुक सरकार का यही रवैया है तो यूपीए सरकार को राज्य सरकार को बर्खास्त करने औऱ राष्ट्रपति शासन लगाने में हिचकना नहीं चाहिए. '
न्यायालय ने चेतावनी दी कि राज्य सरकार के ख़िलाफ अदालती आदेश का पालन न करने के कारण अवमानना की प्रक्रिया शुरु की जा सकती है.
न्यायालय के अनुसार अगर ज़रुरत पड़ी तो राज्य के मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री को भी तलब किया जा सकता है.
राज्य से आ रही रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि राज्य में पूर्ण रुप से बंद जैसी स्थिति है और यहां तक कि दक्षिण रेलवे की भी कुछ ही सेवाएं चल रही हैं.
शहरों में सिर्फ टैक्सी और ऑटो ही चल रहे हैं.
द्रमुक के बंद के आह्वान के ख़िलाफ एआईएडीमके ने कोर्ट में अपील की थी.

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