Saturday, June 7, 2008

Webinfosys's Hindi News : राजस्थानः सरकार और गूजरों में बातचीत के आसार

राजस्थान में आंदोलन कर रहे गूजर नेताओं और राज्य सरकार के बीच शनिवार को बयाना में बातचीत की संभावना जताई जा रही है।

शुक्रवार को गूजर बिरादरी ने बातचीत के लिए राज्य सरकार के समक्ष नई शर्त रखी थी और कहा था कि वार्ता बयाना में होनी चाहिए।

राज्य सरकार की ओर से जयपुर में ही बातचीत की इच्छा जताई जा रही थी पर भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने ऐसे संकेत दिए हैं कि बातचीत के लिए राज्य सरकार गूजरों की मंशा के अनुरूप बयाना भी जा सकती है।

हालांकि राज्य सरकार की ओर से शुक्रवार को आए गूजरों के प्रस्ताव पर और बैठक बयाना में करने की बात पर अभी तक राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है।

राज्य में पिछले 15 दिनों से सक्रिय रूप से गूजर अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान 39 लोगों की पुलिस फ़ायरिंग और हिंसा में मौत हो चुकी है।

13 दिनों के गतिरोध के बाद गूजर नेता बातचीत के लिए राज़ी हो गए थे लेकिन इस मसले पर शुक्रवार को हुई बैठक के बाद उन्होंने कहा कि वो कोई भी बातचीत बयाना में ही करेंगे।

बयाना के पीलूपुरा में सैंकड़ों की संख्या में गूजर अभी भी आंदोलन कर रहे हैं और सड़कों पर बैठे हुए हैं।

'सचिन सिकंदरा आएं'

इस बीच सिकंदरा में पुलिस फ़ायरिंग में मारे गए बीस लोगों के शवों के साथ आंदोलन कर रहे गूजरों ने कहा है कि वो कांग्रेस नेता सचिन पायलट के आने तक इन शवों का दाह संस्कार नहीं करेंगे।

संभावना जताई जा रही है कि सचिन पायलट शनिवार को दौसा या सिकंदरा पहुँच सकते हैं जिसके बाद इन शवों का अंतिम संस्कार भी हो सकता है।

इससे पहले राज्य सरकार ने प्रशासनिक आदेश जारी कर सचिन पायलट को वहाँ जाने से रोक दिया था।

पिछले दिनों काफी कोशिशों के बाद इन शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया था।

इस बीच प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-जयपुर रेलवे ट्रैक पर लगाया गया अपना धरना समाप्त कर दिया है और शुक्रवार रात से जयपुर-दिल्ली के बीच रेल यातायात बहाल हो गया है।

वहाँ पुलिस ने सख्ती से पेश आते हुए गूजरों को रेलवे ट्रैक से हटा दिया है। हालांकि मुंबई की ओर जाने वाला रेलवे रूट अभी भी प्रदर्शनों के चलते बंद है।

गूजरों ने राज्य सरकार से दो विधायकों प्रह्लाद मुंजल और अतर सिंह भडाना को जेल से रिहा करने की शर्त भी रखी थी पर राज्य सरकार की फिलहाल इन्हें रिहा करने की मंशा नहीं लगती। ये दोनों सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के ही विधाय ।

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Gurukul


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