न्यूयॉर्क में कच्चे तेल का दाम दस डॉलर प्रति बैरल बढ़ कर 139 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गया।
एक दिन में क़ीमतों में इतनी बढ़ोत्तरी पहले कभी नहीं दर्ज की गई।
ये ऐसे समय में हुआ है जब अमरीका में पिछले महीने बेरोज़गारों की संख्या पिछले बीस वर्षों में सबसे अधिक बढ़ी है।
इसके बाद अमरीकी शेयर बाज़ारों में भी भारी गिरवाट दर्ज की गई। डॉलर का भाव विश्व की प्रमुख मुद्राओं की तुलना में गिरा है जिसके बाद निवेशक कमोडिटी में पैसा लगाना ज़्यादा उचित समझ रहे हैं।
कुछ जानकारों की राय में तेल के दाम अगले माह के आख़िर तक ही डेढ सौ डॉलर के पार निकल सकता है।
ईरान को धमकी
बाज़ार पर ईरान को इसराइली धमकी से भी असर पड़ा है जो कच्चे तेल का एक मुख्य उत्पादक देश है।
इसराइली उप प्रधानमंत्री शॉल मोफ़ाज़ ने कहा है कि अगर ईरान अपना कथित परमाणु कार्यक्रम नहीं रोकता है तो इसराइल हमला कर सकता है।
उनका कहना था कि ईरान के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों का कोई असर नहीं पड़ रहा है।
इससे पहले इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ईरान पर दबाव बढ़ाना चाहिए।
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Gurukul
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