भारत के सबसे बड़े औद्योगिक घराने से जुड़े अंबनी बंधु बँटवारे के बाद अलग-अलग कंपनियाँ चालते हैं।
बड़े भाई मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह के प्रमुख हैं जबकि अनिल अंबानी नए अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के प्रमुख हैं।
अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस आजकल दक्षिण अफ़्रीकी मोबाइल कंपनी के साथ विलय के मुद्दे पर बातचीत कर रही है।
लेकिन एडीएजी के एक प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज इस वार्ता में खलल डालने का प्रयास कर रही है।
दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीड ने दूरसंचार क्षेत्र के इस संभावित सबसे बड़े सौदे को नुकसान पहुंचाने के आरोप का खंडन किया है।
आरोप-प्रत्यारोप
एडीएजी का आरोप है कि रिलायंस ने एमटीएन को एक पत्र भेजा है जिसमें कहा गया है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस में नियंत्रक भागीदारी खरीदने के लिए उसके पास प्रथम पेशकश का अधिकार सुरक्षित है।
इसका मतलब ये हुआ कि अधिग्रहण या विलय की दशा में रिलायंस कम्युनिकेशंस सबसे पहले आरआईएल को पेशकश करेगी और उसके इनकार करने के बाद ही किसी और कंपनी के साथ बात हो सकती है।
एडीएजी ने कहा है कि रिलायंस का यह दावा निराधार है। कंपनी ने कहा कि सौदे को नुकसान पहुंचाने की रिलायंस इंडस्ट्रीज की कोशिशें सफल नहीं होंगी,क्योंकि एमटीएन के साथ उसकी बातचीत आगे बढ़ रही है।
यदि यह सौदा सफल हुआ तो रिलायंस कम्युनिकेशंस और एमटीएन के विलय से बनने वाली नई कंपनी दुनिया की दस सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में शामिल होगी और इसका कारोबार 24 देशों में हो जाएगा।
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