दक्षिण अफ़्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला ने लंदन में उनके 90वें जन्मदिवास के मौक़े पर एक रात्रिभोज के दौरान ऐसी टिप्पणी की है।
ज़िम्बाब्वे में विपक्ष की मूवमेंट फ़ॉर डेमोक्रेटिक चेंज यानी लोकतांत्रिक बदलाव के लिए अभियान का कहना है कि सत्ताधारी पार्टी के समर्थक सशस्त्र लड़ाकों ने उसके 86 समर्थकों को जान से मार दिया है और दो लाख लोग अपने घर छोड़कर भागने को मजबूर हुए हैं।
मुगाबे का नाइटहुड वापस
नेल्सन मंडेला ने कहा, "हम दुख के साथ दारफुर में हो रही त्रासदी को देख रहे हैं। अपने घर पर नज़र डालें तो अपने ही देश में हमने साथी अफ़्रीकियों के ख़िलाफ़ शुरु हुई हिंसा को देखा है और पड़ोस में जिम्बाब्वे में हम नेतृत्व की असफलता का दुखद नज़ारा देख रहे हैं।"
नेल्सन मंडेला ने ज़िम्बाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे का नाम लेकर उनकी आलोचना नहीं की है और न ही उन्होंने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ किसी विशेष कार्रवाई का आहवान किया है।
दक्षिण अफ़्रीका के नेताओं ने ज़िम्बाब्वे की सरकार से अनुरोध किया है कि वह शुक्रवार को होने वाले राष्ट्रपति पद के विवादित चुनावों को स्थगित कर दे।
ज़िम्बाब्वे की सरकार से ये अनुरोध भी किया गया है कि वह विपक्ष के साथ बातचीत शुरु करे.
उधर ब्रिटेन ने ज़िम्बाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे को दी गई नाइटहुड की उपाधि के वापस लेने की घोषणा की है।
ब्रितानी सरकार का कहना है कि ये कार्रवाई ज़िम्बाब्वे में मुगाबे की मानवाधिकारों और लाकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति उदासीनता दर्शाती है।
इसके पहले अमरीका ने कहा था कि वो ज़िम्बाब्वे में शुक्रवार को होने वाले चुनावों को मान्यता नहीं देगा।
दक्षिणा अफ़्रीका के राष्ट्रपति थाबो एम्बेकी की ज़िम्बाब्वे में मुख्य वार्ताकार की भूमिका को नुक़सान न पहुँचाने के ख़्याल से नेल्सल मंडेला अब तक चुप थे।
मंडेला कुछ ही शब्द बोले हैं लेकिन उनके शब्दों को ख़ासा वज़न और असर होगा।
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