रविवार को जेद्दा में ईरानी तेल मंत्री ग़ुलाम हुसैन नज़ारी से बातचीत के बाद भारतीय तेल मंत्री मुरली देवड़ा ने एक भारतीय टीवी चैनल से ये बात कही।
मुरली देवड़ा सऊदी शहर जेद्दा में तेल मंत्रियों की बैठक में हिस्सा ले रहे थे।
बातचीत के बाद मुरली देवड़ा ने कहा कि ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइपलाइन में कुछ दिक्कतें थीं जिन्हें सुलझा लिया गया है।
मुरली देवड़ा ने कहा,'' पाकिस्तान के साथ भी कुछ मुद्दे थे, उनको भी सुलझा लिया है।''
उनका कहना था,'' पाकिस्तान के तेल मंत्री बदल गए हैं इसलिए हम नए मंत्री के साथ बातचीत कर रहे हैं और हम जल्द ही ईरान और पाकिस्तान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर कर सकेंगे।''
अटकी योजना
ग़ौरतलब है कि कुछ समय पहले ईरान के राष्ट्रपति अहमदीनेजाद अप्रैल के अंत में भारत यात्रा पर आए थे और उन्होंने भारतीय नेताओं के साथ बातचीत के बाद कहा था कि पाइपलाइन को लेकर सभी मुद्दे 45 दिनों में सुलझा लिए जायेंगे ।उल्लेखनीय है कि भारत पेट्रोलियम पदार्थों का एशिया में तीसरा बड़ा उपभोक्ता है और वह ईरान से गैस ख़रीदने की परियोजना पर पिछले एक दशक से बातचीत कर रहा है।
प्राकृतिक गैसों के भंडार के मामले में दुनिया के दूसरे सबसे संपन्न देश ईरान ने वर्ष 1995 में ही भारत को गैस बेचने पर सहमति जताई थी।
तीनों देशों के संयुक्त कार्यदल की अब तक कई बैठकें हो चुकी हैं लेकिन कोई अंतिम फ़ैसला नहीं हुआ है। ईरान की योजना है कि 2011 तक पाकिस्तान को गैस की आपूर्ति शुरू कर दी जाए.
पाइपलाइन पर 1995 में बनी सहमति के बाद से गैस की क़ीमतें कई गुना बढ़ चुकी हैं और इसकी क़ीमत पर पेंच फंसा हुआ है।
इस तरह की ख़बरें आती रही हैं कि अमरीकी दबाव के कारण ईरान के साथ गैस परियोजना में देरी हो रही है। हालांकि भारत इससे इनकार करता आया है।
ऐसे ख़बरें भी आईं थीं कि इस परियोजना से भारत के बाहर निकलने पर ईरान उसकी जगह पर चीन को शामिल कर सकता है। इसके बाद से भारत और सक्रिय हो गया है।
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