महेंद्र सिंह धोनी ने कहा, ''मुझसे ग़लती हुई, मुझे सुरेश रैना से पहले छठे नंबर पर बल्लेबाज़ी करने के लिए उतरना चाहिए था। हालांकि मैंने रैना को पहले भेजने का फ़ैसला सकरात्मक सोच के तहत किया था।''
उन्होंने कहा, '' पिच बहुत सपाट थी और यहाँ पर आख़िरी सात ओवर में यदि विकेट हाथ में होते तो 300 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता था। लेकिन हमें अच्छी शुरुआत नहीं मिल सकी और नियमित अंतराल पर हमारे विकेट भी गिरते रहे।''
जल्दी विकेट गंवाए
भारतीय कप्तान का कहना था,'' हमें प्रति ओवर छह के औसत से रन बनाने थे जिसके लिए कुछ ख़तरे उठाकर शॉट खेलने थे। लेकिन हमारे बल्लेबाज़ों ने कई ऐसे ख़राब शॉट खेले जो सीधे फील्डरों के हाथों में गए। इसके कारण हम लगातार विकेट गंवाते रहे।''
साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय पारी के दौरान प्रारंभिक क्रम के बल्लेबाज़ों के बीच अच्छी साझेदारी नहीं बन पाना भी टीम की हार का एक कारण रहा।
धोनी ने पाकिस्तानी बल्लेबाजों सलमान बट और यूनुस ख़ान की तारीफ़ की और कहा कि ये दोनों बल्लेबाज़ कामरान अकमल के जल्दी आउट होने के बाद भी रन बनाते रहे और टीम को बडे स्कोर तक पहुँचाने में मदद की।
भारतीय कप्तान का मानना था कि सलमान बट और यूनुस ख़ान की अच्छी बल्लेबाज़ी से हमारे गेंदबाज़ दबाव में आ गए और हम कभी इससे उबर नहीं पाए।
उनका कहना था कि हमने सारे तरीके अपनाए। गेंदबाज़ों ने कुछ गलतियाँ कीं लेकिन आप उन्हें दोष नहीं दे सकते। दरअसल पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी शानदार रही।
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